Javed Akhtar Birthday: Guru Dutt की मौत से टूटा जावेद अख्तर का सपना, फिर अपनी कलम से जमाया Bollywood में सिक्का

मशहूर कवि, गीतकार और स्क्रीनराइटर जावेद अख्तर आज यानी की 17 जनवरी को अपना 81वां जन्मदिन मना रहे हैं। जावेद साहब की शायरी और लेखनी ने हर दौर और हर उम्र के लोगों के दिल को छुआ है। उन्होंने दर्द, प्यार, तनहाई और जिंदगी के सच को बेहद आसान और सच्चे शब्दों में कहा है। उन्होंने बॉलीवुड के लिए कई ऐतिहासिक गाने लिखे हैं। लेकिन इंडस्ट्री में पैर जमाने के लिए जावेद साहब को काफी संघर्ष करना पड़ा था। तो आइए जानते हैं उनके जन्मदिन के मौके पर जावेद अख्तर के जीवन से जुड़ी कुछ रोचक बातों के बारे में...जन्म और परिवारमध्य प्रदेश के ग्वालियर 17 जनवरी 1945 को जावेद अख्तर का जन्म हुआ था। जावेद अख्तर के जन्म के समय परिवार की आर्थिक स्थिति बहुत कमजोर थी। उनके पिता का नाम जान निसार अख्तर था। जोकि उस दौर के मशहूर उर्दू शायर थे। लेकिन साहित्यिक पहचान के बाद भी उनकी आमदनी सीमित थे।सपनों के शहर पहुंचे जावेदवहीं महज 19 साल की उम्र में जावेद अख्तर एक ही सपने के साथ मुंबई आए थे। वह फिल्म निर्माता गुरु दत्त के सहायक बनना चाहते थे। लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। लेकिन जावेद साहब के मुंबई आने के बाद एक सप्ताह के अंदर गुरु दत्त का निधन हो गया था। जिससे जावेद अख्तर का सपना टूट गया। ऐसे में मुंबई में उन्होंने गुजारा करने के लिए नौकरी तलाश करनी शुरूकर दी। इस दौरान उनको फिल्म निर्माता कमाल अमरोही के साथ काम मिल गया। फिल्म निर्माता कमाल अमरोही एक्ट्रेस मीना कुमारी के पति और फिल्म 'महल' और 'पाकीज़ा' के निर्देशक थे।सलीम-जावेद की जोड़ीवहीं साल 1969 में जावेद अख्तर को पहला कामयाब ब्रेक मिला था। इसके बाद उनके दिन बदल गए। जावेद का असली नाम 'जादू' था। जावेद साहब और सलीम खान की जुगलबंदी खूब पसंद की गई। बता दें कि जावेद और सलीम की जोड़ी ने करीब 24 फिल्मों के डायलॉग लिखे हैं। लेकिन कुछ मतभेदों की वजह से इन दोनों की जोड़ी अलग हो गई थी। इसके बाद जावेद साहब ने गीतकार के रूप में करियर को आगे बढ़ाया था। जावेद अख्तर ने 'वेक अप सिड', 'वीर-जारा', 'कल हो ना हो' और 'लगान' जैसी फिल्मों के गाने लिखे।

Jan 17, 2026 - 14:48
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Javed Akhtar Birthday: Guru Dutt की मौत से टूटा जावेद अख्तर का सपना, फिर अपनी कलम से जमाया Bollywood में सिक्का
मशहूर कवि, गीतकार और स्क्रीनराइटर जावेद अख्तर आज यानी की 17 जनवरी को अपना 81वां जन्मदिन मना रहे हैं। जावेद साहब की शायरी और लेखनी ने हर दौर और हर उम्र के लोगों के दिल को छुआ है। उन्होंने दर्द, प्यार, तनहाई और जिंदगी के सच को बेहद आसान और सच्चे शब्दों में कहा है। उन्होंने बॉलीवुड के लिए कई ऐतिहासिक गाने लिखे हैं। लेकिन इंडस्ट्री में पैर जमाने के लिए जावेद साहब को काफी संघर्ष करना पड़ा था। तो आइए जानते हैं उनके जन्मदिन के मौके पर जावेद अख्तर के जीवन से जुड़ी कुछ रोचक बातों के बारे में...

जन्म और परिवार

मध्य प्रदेश के ग्वालियर 17 जनवरी 1945 को जावेद अख्तर का जन्म हुआ था। जावेद अख्तर के जन्म के समय परिवार की आर्थिक स्थिति बहुत कमजोर थी। उनके पिता का नाम जान निसार अख्तर था। जोकि उस दौर के मशहूर उर्दू शायर थे। लेकिन साहित्यिक पहचान के बाद भी उनकी आमदनी सीमित थे।

सपनों के शहर पहुंचे जावेद

वहीं महज 19 साल की उम्र में जावेद अख्तर एक ही सपने के साथ मुंबई आए थे। वह फिल्म निर्माता गुरु दत्त के सहायक बनना चाहते थे। लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। लेकिन जावेद साहब के मुंबई आने के बाद एक सप्ताह के अंदर गुरु दत्त का निधन हो गया था। जिससे जावेद अख्तर का सपना टूट गया। ऐसे में मुंबई में उन्होंने गुजारा करने के लिए नौकरी तलाश करनी शुरूकर दी। इस दौरान उनको फिल्म निर्माता कमाल अमरोही के साथ काम मिल गया। फिल्म निर्माता कमाल अमरोही एक्ट्रेस मीना कुमारी के पति और फिल्म 'महल' और 'पाकीज़ा' के निर्देशक थे।

सलीम-जावेद की जोड़ी

वहीं साल 1969 में जावेद अख्तर को पहला कामयाब ब्रेक मिला था। इसके बाद उनके दिन बदल गए। जावेद का असली नाम 'जादू' था। जावेद साहब और सलीम खान की जुगलबंदी खूब पसंद की गई। बता दें कि जावेद और सलीम की जोड़ी ने करीब 24 फिल्मों के डायलॉग लिखे हैं। लेकिन कुछ मतभेदों की वजह से इन दोनों की जोड़ी अलग हो गई थी। इसके बाद जावेद साहब ने गीतकार के रूप में करियर को आगे बढ़ाया था। जावेद अख्तर ने 'वेक अप सिड', 'वीर-जारा', 'कल हो ना हो' और 'लगान' जैसी फिल्मों के गाने लिखे।