COVID वैक्सीन पर Elon Musk का बड़ा दावा, दूसरी डोज के बाद मरने जैसा अनुभव, शेन वॉर्न के बेटे का दावा- कोरोना टीके से पिता की मौत
दुनिया के मशहूर अरबपति एलन मस्क (Elon Musk) ने एक बार फिर COVID-19 वैक्सीन की सुरक्षा को लेकर वैश्विक बहस छेड़ दी है। मस्क ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपने पसर्नल एक्सपीरियंस शेयर करते हुए कहा कि उन्हें कोरोना का मूल वुहान स्ट्रेन सामान्य ...
दुनिया के मशहूर अरबपति एलन मस्क (Elon Musk) ने एक बार फिर COVID-19 वैक्सीन की सुरक्षा को लेकर वैश्विक बहस छेड़ दी है। मस्क ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपने पसर्नल एक्सपीरियंस शेयर करते हुए कहा कि उन्हें कोरोना का मूल वुहान स्ट्रेन सामान्य सर्दी-जुकाम जैसा ही लगा, लेकिन वैक्सीन की दूसरी डोज के बाद उनकी हालत बेहद खराब हो गई थी।
12 अप्रैल 2026 को किए गए इस पोस्ट में मस्क ने दावा किया कि दूसरी वैक्सीन डोज के बाद उन्हें ऐसा महसूस हुआ जैसे वे मरने वाले हों। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि क्या वैक्सीन की डोज ज्यादा थी।
उनका यह पोस्ट 1.5 करोड़ से ज्यादा बार देखा जा चुका है और इसके बाद दुनियाभर में इस मुद्दे पर बहस तेज हो गई है।
The vaccine dosage was obviously too high and done too many times.
I had the original Wuhan virus before there was any vaccine and it was much like any other cold/flu. Bad, but not terrible.
But my second vaccine shot almost sent me to the hospital. Felt like I was dying. https://t.co/rFuUpzBkKH — Elon Musk (@elonmusk) April 12, 2026
मस्क ने अपनी पोस्ट में क्या बताया
मस्क ने अपने पोस्ट में लिखा कि मुझे पहले वुहान वायरस हुआ था, जो सामान्य फ्लू जैसा था। लेकिन वैक्सीन की दूसरी डोज के बाद मैं लगभग अस्पताल पहुंच गया था, ऐसा लगा जैसे मर रहा हूं। हालांकि, मस्क ने यह भी स्पष्ट किया कि वे वैक्सीन के खिलाफ नहीं हैं। उन्होंने पहले भी कहा है कि वैक्सीन ने कई लोगों की जान बचाई है, लेकिन उनका विरोध वैक्सीनेशन को अनिवार्य करने को लेकर है। मस्क के इस बयान ने एक बार फिर व्यक्तिगत अनुभव और वैज्ञानिक तथ्यों के बीच चल रही बहस को तेज कर दिया है।
ALSO READ: Samrat Choudhary : 9 साल में ही सम्राट चौधरी कैसे बने मोदी-शाह की पसंद, मिला RSS का साथ
शेन वॉर्न के बेटे के दावे से मचा हड़कंप
ऑस्ट्रेलिया के महान स्पिनर शेन वॉर्न के निधन के 4 साल बाद उनके बेटे जैक्सन ने दावा किया है कि इस दिग्गज स्पिनर की मौत संभवतः कोविड के उन तीन या चार टीकों के कारण हुई थी, जो उन्हें काम करने के लिए मजबूरन लेने पड़े थे। वार्न का 2022 में थाईलैंड में दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया था। उस समय उनकी उम्र 52 वर्ष थी। जैक्सन ने 'टू वर्ल्ड्स कोलाइड पॉडकास्ट' पर बात करते हुए अपने पिता की स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं को भी स्वीकार किया। जैक्सन ने कहा कि जैसे ही मैंने (वॉर्न की मौत की खबर मिलने के बाद) फोन रखा तो मेरी पहली प्रतिक्रिया यही थी कि मैंने तुरंत सरकार को दोषी ठहराया। मैंने तुरंत कोविड और टीके को दोषी ठहराया।
स्टर्ज ने भी किया था दावा
मस्क की यह प्रतिक्रिया जर्मनी में एक संसदीय जांच के दौरान पूर्व फाइजर टॉक्सिकोलॉजिस्ट Helmut Sterz की गवाही के बाद आई। स्टर्ज ने दावा किया था कि वैक्सीन के विकास के दौरान कुछ सुरक्षा परीक्षणों को नजरअंदाज किया गया और उन्होंने वैक्सीन से जुड़ी मौतों का अनुमान 20,000 से 60,000 तक बताया। हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और स्वास्थ्य एजेंसियों ने इसे वैज्ञानिक सहमति नहीं माना है।
वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन ने क्या कहा
वैज्ञानिक और स्वास्थ्य संगठन जैसे वर्ल्ड हेल्थ आर्गेनाइजेशन का कहना है कि COVID-19 वैक्सीन सुरक्षित और प्रभावी हैं और महामारी के दौरान गंभीर बीमारी और मौतों को कम करने में इनकी अहम भूमिका रही है। एक्सपर्ट्स के मुताबिक वैक्सीन के कुछ साइड इफेक्ट्स जैसे बुखार, थकान और शरीर में दर्द सामान्य हैं और कुछ मामलों में मायोकार्डाइटिस जैसी दुर्लभ समस्या देखी गई है, जो आमतौर पर हल्की होती है। Edited by : Sudhir Sharma



