100 साल पहले ही अमेरिका की सड़कों पर दौड़ रही थीं इलेक्ट्रिक कारें (EV), कैसे गायब हो गईं? चौंकाने वाला सच

आज दुनिया इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) को “भविष्य की तकनीक” बता रही है। सरकारें EV को बढ़ावा दे रही हैं, कंपनियां अरबों डॉलर निवेश कर रही हैं और लोग इसे पेट्रोल-डीजल का विकल्प मान रहे हैं। लेकिन एक चौंकाने वाला सच यह है कि इलेक्ट्रिक कारें कोई नई खोज नहीं ...

May 29, 2026 - 11:09
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100 साल पहले ही अमेरिका की सड़कों पर दौड़ रही थीं इलेक्ट्रिक कारें (EV), कैसे गायब हो गईं? चौंकाने वाला सच

Electric vehicles आज दुनिया इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) को “भविष्य की तकनीक” बता रही है। सरकारें EV को बढ़ावा दे रही हैं, कंपनियां अरबों डॉलर निवेश कर रही हैं और लोग इसे पेट्रोल-डीजल का विकल्प मान रहे हैं। लेकिन एक चौंकाने वाला सच यह है कि इलेक्ट्रिक कारें कोई नई खोज नहीं हैं।

 

दरअसल, 100 साल पहले ही अमेरिका की सड़कों पर इलेक्ट्रिक कारें दौड़ रही थीं — और उस दौर में वे पेट्रोल कारों से ज्यादा लोकप्रिय मानी जाती थीं। क्या आप जानते हैं कि 1900 के आसपास अमेरिका में चल रही कुल कारों में से एक तिहाई इलेक्ट्रिक थीं? हां, यह सच है! फिर अचानक ये इलेक्ट्रिक कारें 100 साल तक गायब क्यों हो गईं?  

 

1900 का दौर : इलेक्ट्रिक कारों का सुनहरा समय

1900 के शुरू में Baker Electrics और Detroit Electrics जैसी कंपनियां इलेक्ट्रिक कारें बना रही थीं। ये कारें बिल्कुल साइलेंट थीं, कोई प्रदूषण नहीं करती थीं और काफी आरामदायक थीं। यहां तक कि महान वैज्ञानिक थॉमस एडिसन भी एक समय इलेक्ट्रिक वाहनों के समर्थक थे। लेकिन अचानक ये सब गायब हो गया। पेट्रोल और डीजल वाली कारों ने  बाजार पर कब्जा कर लिया। 

 

असली वजह क्या थी? 

कई लोगों का मानना है कि इलेक्ट्रिक कारें सरकारी और तेल कंपनियों के मुनाफे के लिए खतरा बन गई थीं। औद्योगिक क्रांति के बाद तेल और गैस पर भारी निवेश हो चुका था। पूरी इंफ्रास्ट्रक्चर तेल पर आधारित बनाई जा रही थी। इलेक्ट्रिक कारों को दबाने  के लिए: पेट्रोल वाली कारों को सस्ता और बड़े पैमाने पर उत्पादित किया गया। तेल बेचने के लिए पूरे सिस्टम को प्रमोट किया गया। इलेक्ट्रिक कार बनाने वाली कंपनियों को बंद कर दिया गया।

 

100 year old EV technology

1900 का इलेक्ट्रिक युग

  • 19वीं सदी के अंत और 20वीं सदी की शुरुआत में इलेक्ट्रिक कारें काफी लोकप्रिय थीं। Baker Electric और  Detroit Electric जैसी कंपनियाँ प्रसिद्ध थीं।
  • ये कारें शांत, साफ-सुथरी और आसानी से चलाने वाली थीं।  
  • महान आविष्कारक थॉमस एडिसन भी इलेक्ट्रिक वाहनों के बड़े समर्थक थे। उन्होंने बेहतर बैटरी विकसित करने की कोशिश की  और खुद भी इलेक्ट्रिक कार का इस्तेमाल किया।
  • 1900 में अमेरिका में लगभग 38% वाहन इलेक्ट्रिक, 40% स्टीम (भाप) वाले और 22% पेट्रोल वाले थे।

 

इलेक्ट्रिक कारों का पतन: क्या हुआ? 

1908 में Henry Ford ने Model T लॉन्च की — एक सस्ती, मजबूत और आसानी से उपलब्ध पेट्रोल कार। इसके बड़े पैमाने पर उत्पादन (mass production) ने बाजार बदल दिया।  

 

इलेक्ट्रिक कारें गायब होने के मुख्य कारण:

  • बैटरियों की कम रेंज (मात्र 50-80 किमी) और लंबा चार्जिंग समय।
  • सड़कों का विस्तार — लंबी दूरी की यात्रा के लिए पेट्रोल वाली कारें ज्यादा उपयुक्त।
  • सस्ता और भरपूर पेट्रोल उपलब्ध होना।
  • तेल उद्योग का तेजी से विकास और इंफ्रास्ट्रक्चर।

 

हालांकि कुछ लोग मानते हैं कि तेल कंपनियों और उद्योगपतियों ने इलेक्ट्रिक कारों को दबाने में भूमिका निभाई, लेकिन  इतिहासकारों के अनुसार बाजार की अर्थव्यवस्था और तकनीकी सीमाएं मुख्य कारण थीं। 

 

इलेक्ट्रिक कारों की वापसी आज संभव हुई है क्योंकि बैटरी टेक्नोलॉजी में भारी सुधार हुआ है, कीमतें घटी हैं और पर्यावरणीय  चेतना बढ़ी है। यह दिखाता है कि कोई भी तकनीक तभी मुख्यधारा में आती है जब उसकी व्यावहारिकता, लागत और इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार हो।