राहुल गांधी को प्रधानमंत्री बनाना चाहते हैं बिहार के GEN-Z:पटना में छात्र बोले-अगले इलेक्शन में मोदी को उखाड़ फेंकेंगे, इन अत्याचारों को जरूर याद रखेंगे
शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने शनिवार को इस्तीफा दे दिया है। इसे लेकर देश भर में प्रोटेस्ट चल रहे थे। बिहार में भी छात्रों का प्रदर्शन देखने को मिला। मगर पहली बार वोट देने वाली यह पीढ़ी सिर्फ धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा नहीं, बल्कि अपनी भविष्य की गारंटी भी चाहती है। मोदी सरकार को लेकर छात्रों के मन में काफी आक्रोश है। बिहार के छात्र राहुल गांधी को प्रधानमंत्री के रूप में देखना चाहते हैं। उनका कहना है कि अगले इलेक्शन में मोदी को उखाड़ फेंकेंगे। छात्रों का कहना है कि पढ़े-लिखे लोग ही वोट के अधिकार समझेंगे, वरना अनपढ़ के वोट 10 हज़ार में खरीद लिए जाएंगे। जेन-जी जब वोट करेंगे तो इन अत्याचारों को जरूर याद रखेंगे। सबसे पहले पढ़िए बिहार के छात्रों ने क्या कहा… राहुल गांधी को प्रधानमंत्री के रूप में देखना चाहते हैं- भाव्या 12वीं की छात्रा भाव्या 2 साल बाद वोट देने के लिए एलिजिबल हो जाएगी। उन्होंने कहा, 'हम जेन-जी जब वोट करेंगे, तो हम अपने ऊपर हुए इन अत्यचारों को जरुर याद रखेंगे। इस एजुकेशन सिस्टम के फेल्योर के कारण हमें क्या कुछ सहना पड़ा, वो हम अपने वोट में जरूर दिखाएंगे। हम लोग बीजेपी के सरकार से बिल्कुल भी संतुष्ट नहीं है।' भाव्या ने आगे कहा, ‘हमें जिस तरीके से विपक्ष के नेता राहुल गांधी सपोर्ट कर रहे हैं, वह काफी अच्छा है। आगे आने वाले समय में हम राहुल गांधी को प्रधानमंत्री के रूप में देखना चाहेंगे। हम उन्हें जरूर वोट देंगे, क्योंकि जब हमें जरूरत थी तो वो हमारे साथ खड़े थे। मगर मोदी जी नहीं।’ इलेक्शन में भाजपा की सरकार को उखाड़ फेंकेंगे- विश्वजीत छात्र विश्वजीत कुमार ने कहा, ‘हम लोग अब वोट देने लायक हो गए हैं। आगे आने वाले इलेक्शन में हम भी वोट देंगे। आखिर किस आधार पर हम इन्हें वोट देंगे। हम लोग पढ़ने लिखने वाले छात्र हैं। अब हम अपनी वोट की ताकत दिखाएंगे। भाजपा को तब छात्रों के पावर के बारे में पता चलेगा।’ अनपढ़ के वोट 10 हज़ार में खरीद लिए जाएंगे- विश्वजीत विश्वजीत ने कहा, ‘ऐसे प्रदर्शन में आने से हमारे घर के लोग काफी चिंतित होते हैं। हम लोग शौखिया नहीं बल्कि मजबूरी में आंदोलन करने आते हैं। हाल ही में जब AEDO का एग्जाम हुआ था, तो मैंने अपने घर वालों के कहने पर NET का एग्जाम छोड़कर इसके लिए तैयारी शुरू कर दी। मैंने 6 महीने तैयारी की, जाकर एग्जाम दिया और पेपर भी अच्छा गया, लेकिन जब घर पहुंचा तो पता चला कि पेपर लीक हो गया है।' विश्वजीत ने आगे कहा, ‘बिहार चुनाव में जनता के पैसे को ही उन्हें देखकर बरगलाया गया और वोट खरीदा गया। बीजेपी सरकार से हम बिल्कुल भी संतुष्ट नहीं हैंं।’ हमारी वजह से सरकार है, उनकी वजह से हम नहीं- सुप्रिया आंदोलन में शामिल सुप्रिया ने कहा, ‘हमें सरकार से कोई उम्मीद नहीं है। ऐसी कोई जगह नहीं है, जहां करप्शन न हो। हम लोग की वजह से आज सरकार है, उनकी वजह से हम नहीं हैं। भविष्य में हमारी यही मांगे है कि पेपर बिल्कुल लीक ना हो, सही तरीके से एग्जाम को कंडक्ट किया जाए। ऐसा ना हो कि एग्जाम से तुरंत पहले बताया जाए कि सेंटर चेंज हो गया है। सुप्रिया ने आगे कहा, ‘मंत्रियों के बेटे-बेटियां बाहर विदेशों में पढ़ रहे हैं, क्योंकि उन्हें पता है कि इंडिया का एजुकेशन सिस्टम खराब है।’ हमारे देश में रेपिस्ट को नेता बना दिया जा रहा प्रदर्शन में शामिल खुशी ने कहा, ‘एक युवा के तौर पर मैं यही कहूंगी कि देश में एजुकेशन सिस्टम को सबसे पहले सही करना चाहिए। नेताएं अपने बच्चों को लंदन-अमेरिका में पढ़ा रहे हैं और हम मिडिल क्लास फैमिली के माता-पिता, जो अपना खून पसीना एक करके बच्चों को पढ़ा रहे हैं, उनकी कोई वैल्यू नहीं है।’ इस सरकार की वजह से हमें रोड पर उतरना पड़ा अभिजीत ने कहा, 'हम भूखे पेट अपने घर से निकलते हैं। हमारे घर वाले प्रोटेस्ट में जाने से मना करते हैं। सब चाहता है कि सिस्टम अच्छा हो, लेकिन सिस्टम के लिए कोई भी आवाज नहीं उठाना चाहता है। हमारे घर वाले प्रधानमंत्री की तरह नहीं है कि इग्नोर करेंगे, वह हमें वापस घर पर रख लेंगे।' आंदोलन में जुड़ने के लिए रील बनाकर दिया मैसेज बिहार में हुए इस पूरे प्रदर्शन को डिजिटल माध्यम से पूरे प्रदेश में फैलाया गया। पॉलीटिकल पार्टी के सपोर्ट से छात्र संगठन लगातार स्टूडेंट से संपर्क में थे। इंस्टाग्राम, फेसबुक पर लगातार प्रदर्शन में शामिल होने के लिए रील डाले जा रहे थे। रील बनाकर युवाओं तक वीडियो के माध्यम से मैसेज दिया जा रहा था। इसके अलावा अलग-अलग छात्र संगठनों के टेलीग्राम और वाट्सप् ग्रुप की भी भूमिका थी, जिसके माध्यम से कांग्रेस, राजद, जनसुराज, लेफ्ट पार्टियां के छात्र समर्थक इस आंदोलन मे शामिल हुए। इस आंदोलन मे ज्यादातर हैंडमेड पोस्टर का इस्तेमाल किया गया, ताकि खर्च से बचा जा सके। हैंडमेड पोस्टर से दिया संदेश, देखिए तस्वीरें… पटना में छात्रों के प्रदर्शन की तस्वीरें… डाकबंगला पर छात्रों ने जमकर की पत्थरबाजी बुधवार को डाकबंगला पर सबसे उग्र प्रदर्शन हुआ था। इसके बाद लगातार चार दिनों तक यह जारी रहा। अलग-अलग माध्यम से छात्र अपना विरोध दर्ज कर रहे थे। बुधवार को छात्रों ने जमकर पत्थरबाजी की थी। कई पुलिस की गाड़ियों में तोड़फोड़ की गई। पत्थरबाजी में कई पुलिसकर्मी के सिर फट गए। भीड़ को कंट्रोल करने के लिए आंसू गैस के गोले भी छोड़े गए। पुलिस ने एक शख्स को भी हिरासत में लिया। इससे पहले पुलिस ने छात्रों को डाकबंगला चौराहे पर बैरिकेडिंग कर के रोका था। यहां करीब 1 घंटे तक छात्रों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। बैरिकेंडिंग पर चढ़ गए। पुलिस ने कई बार उन्हें हटने को कहा, लेकिन वो पीछे नहीं हटे। CISF और CRPF को छात्रों को हटाने के लिए बुलाया गया। छात्र बैरिकेडिंग तोड़कर यहां से राजभवन की ओर निकल गए। IG की एस्कॉर्ट गाड़ी पर हुआ था हमला डाकबंगला चौराहे से निकलने वाली बीजेपी नेताओं की गाड़ियों पर भी प्रदर्शनकारियों ने हमले किए थे। एक विधायक को जान बचाकर भागना पड़ा। प्रदर्शन के दौरान पटना IG की एस्कॉर
शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने शनिवार को इस्तीफा दे दिया है। इसे लेकर देश भर में प्रोटेस्ट चल रहे थे। बिहार में भी छात्रों का प्रदर्शन देखने को मिला। मगर पहली बार वोट देने वाली यह पीढ़ी सिर्फ धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा नहीं, बल्कि अपनी भविष्य की गारंटी भी चाहती है। मोदी सरकार को लेकर छात्रों के मन में काफी आक्रोश है। बिहार के छात्र राहुल गांधी को प्रधानमंत्री के रूप में देखना चाहते हैं। उनका कहना है कि अगले इलेक्शन में मोदी को उखाड़ फेंकेंगे। छात्रों का कहना है कि पढ़े-लिखे लोग ही वोट के अधिकार समझेंगे, वरना अनपढ़ के वोट 10 हज़ार में खरीद लिए जाएंगे। जेन-जी जब वोट करेंगे तो इन अत्याचारों को जरूर याद रखेंगे। सबसे पहले पढ़िए बिहार के छात्रों ने क्या कहा… राहुल गांधी को प्रधानमंत्री के रूप में देखना चाहते हैं- भाव्या 12वीं की छात्रा भाव्या 2 साल बाद वोट देने के लिए एलिजिबल हो जाएगी। उन्होंने कहा, 'हम जेन-जी जब वोट करेंगे, तो हम अपने ऊपर हुए इन अत्यचारों को जरुर याद रखेंगे। इस एजुकेशन सिस्टम के फेल्योर के कारण हमें क्या कुछ सहना पड़ा, वो हम अपने वोट में जरूर दिखाएंगे। हम लोग बीजेपी के सरकार से बिल्कुल भी संतुष्ट नहीं है।' भाव्या ने आगे कहा, ‘हमें जिस तरीके से विपक्ष के नेता राहुल गांधी सपोर्ट कर रहे हैं, वह काफी अच्छा है। आगे आने वाले समय में हम राहुल गांधी को प्रधानमंत्री के रूप में देखना चाहेंगे। हम उन्हें जरूर वोट देंगे, क्योंकि जब हमें जरूरत थी तो वो हमारे साथ खड़े थे। मगर मोदी जी नहीं।’ इलेक्शन में भाजपा की सरकार को उखाड़ फेंकेंगे- विश्वजीत छात्र विश्वजीत कुमार ने कहा, ‘हम लोग अब वोट देने लायक हो गए हैं। आगे आने वाले इलेक्शन में हम भी वोट देंगे। आखिर किस आधार पर हम इन्हें वोट देंगे। हम लोग पढ़ने लिखने वाले छात्र हैं। अब हम अपनी वोट की ताकत दिखाएंगे। भाजपा को तब छात्रों के पावर के बारे में पता चलेगा।’ अनपढ़ के वोट 10 हज़ार में खरीद लिए जाएंगे- विश्वजीत विश्वजीत ने कहा, ‘ऐसे प्रदर्शन में आने से हमारे घर के लोग काफी चिंतित होते हैं। हम लोग शौखिया नहीं बल्कि मजबूरी में आंदोलन करने आते हैं। हाल ही में जब AEDO का एग्जाम हुआ था, तो मैंने अपने घर वालों के कहने पर NET का एग्जाम छोड़कर इसके लिए तैयारी शुरू कर दी। मैंने 6 महीने तैयारी की, जाकर एग्जाम दिया और पेपर भी अच्छा गया, लेकिन जब घर पहुंचा तो पता चला कि पेपर लीक हो गया है।' विश्वजीत ने आगे कहा, ‘बिहार चुनाव में जनता के पैसे को ही उन्हें देखकर बरगलाया गया और वोट खरीदा गया। बीजेपी सरकार से हम बिल्कुल भी संतुष्ट नहीं हैंं।’ हमारी वजह से सरकार है, उनकी वजह से हम नहीं- सुप्रिया आंदोलन में शामिल सुप्रिया ने कहा, ‘हमें सरकार से कोई उम्मीद नहीं है। ऐसी कोई जगह नहीं है, जहां करप्शन न हो। हम लोग की वजह से आज सरकार है, उनकी वजह से हम नहीं हैं। भविष्य में हमारी यही मांगे है कि पेपर बिल्कुल लीक ना हो, सही तरीके से एग्जाम को कंडक्ट किया जाए। ऐसा ना हो कि एग्जाम से तुरंत पहले बताया जाए कि सेंटर चेंज हो गया है। सुप्रिया ने आगे कहा, ‘मंत्रियों के बेटे-बेटियां बाहर विदेशों में पढ़ रहे हैं, क्योंकि उन्हें पता है कि इंडिया का एजुकेशन सिस्टम खराब है।’ हमारे देश में रेपिस्ट को नेता बना दिया जा रहा प्रदर्शन में शामिल खुशी ने कहा, ‘एक युवा के तौर पर मैं यही कहूंगी कि देश में एजुकेशन सिस्टम को सबसे पहले सही करना चाहिए। नेताएं अपने बच्चों को लंदन-अमेरिका में पढ़ा रहे हैं और हम मिडिल क्लास फैमिली के माता-पिता, जो अपना खून पसीना एक करके बच्चों को पढ़ा रहे हैं, उनकी कोई वैल्यू नहीं है।’ इस सरकार की वजह से हमें रोड पर उतरना पड़ा अभिजीत ने कहा, 'हम भूखे पेट अपने घर से निकलते हैं। हमारे घर वाले प्रोटेस्ट में जाने से मना करते हैं। सब चाहता है कि सिस्टम अच्छा हो, लेकिन सिस्टम के लिए कोई भी आवाज नहीं उठाना चाहता है। हमारे घर वाले प्रधानमंत्री की तरह नहीं है कि इग्नोर करेंगे, वह हमें वापस घर पर रख लेंगे।' आंदोलन में जुड़ने के लिए रील बनाकर दिया मैसेज बिहार में हुए इस पूरे प्रदर्शन को डिजिटल माध्यम से पूरे प्रदेश में फैलाया गया। पॉलीटिकल पार्टी के सपोर्ट से छात्र संगठन लगातार स्टूडेंट से संपर्क में थे। इंस्टाग्राम, फेसबुक पर लगातार प्रदर्शन में शामिल होने के लिए रील डाले जा रहे थे। रील बनाकर युवाओं तक वीडियो के माध्यम से मैसेज दिया जा रहा था। इसके अलावा अलग-अलग छात्र संगठनों के टेलीग्राम और वाट्सप् ग्रुप की भी भूमिका थी, जिसके माध्यम से कांग्रेस, राजद, जनसुराज, लेफ्ट पार्टियां के छात्र समर्थक इस आंदोलन मे शामिल हुए। इस आंदोलन मे ज्यादातर हैंडमेड पोस्टर का इस्तेमाल किया गया, ताकि खर्च से बचा जा सके। हैंडमेड पोस्टर से दिया संदेश, देखिए तस्वीरें… पटना में छात्रों के प्रदर्शन की तस्वीरें… डाकबंगला पर छात्रों ने जमकर की पत्थरबाजी बुधवार को डाकबंगला पर सबसे उग्र प्रदर्शन हुआ था। इसके बाद लगातार चार दिनों तक यह जारी रहा। अलग-अलग माध्यम से छात्र अपना विरोध दर्ज कर रहे थे। बुधवार को छात्रों ने जमकर पत्थरबाजी की थी। कई पुलिस की गाड़ियों में तोड़फोड़ की गई। पत्थरबाजी में कई पुलिसकर्मी के सिर फट गए। भीड़ को कंट्रोल करने के लिए आंसू गैस के गोले भी छोड़े गए। पुलिस ने एक शख्स को भी हिरासत में लिया। इससे पहले पुलिस ने छात्रों को डाकबंगला चौराहे पर बैरिकेडिंग कर के रोका था। यहां करीब 1 घंटे तक छात्रों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। बैरिकेंडिंग पर चढ़ गए। पुलिस ने कई बार उन्हें हटने को कहा, लेकिन वो पीछे नहीं हटे। CISF और CRPF को छात्रों को हटाने के लिए बुलाया गया। छात्र बैरिकेडिंग तोड़कर यहां से राजभवन की ओर निकल गए। IG की एस्कॉर्ट गाड़ी पर हुआ था हमला डाकबंगला चौराहे से निकलने वाली बीजेपी नेताओं की गाड़ियों पर भी प्रदर्शनकारियों ने हमले किए थे। एक विधायक को जान बचाकर भागना पड़ा। प्रदर्शन के दौरान पटना IG की एस्कॉर्ट गाड़ी पर हमला हुआ। DM-SP के समाने प्रदर्शनकारियों ने ताली बजाकर विरोध जताया था। इससे पहले पुलिस ने छात्रों को जेपी गोलंबर पर रोका था, लेकिन वो वहां से भी बैरिकेडिंग तोड़कर डाकबंगला पहुंचे गए। जेपी गोलंबर पर पुलिस ने छात्रों को रोकने के लिए वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। आंसू गैस से के गोले दागे। लाठीचार्ज भी किया, लेकिन इसके बाद भी वो सड़क पर बैठकर प्रदर्शन करने लगे।