जी-रामजी अधिनियम भ्रष्टाचार पर सर्जिकल स्ट्राइक:कहा– सरकार का फोकस गरीब, किसान, महिला और युवा पर; मनरेगा की खामियां को नए कानून से दूर

बलिया पहुंचे प्रदेश सरकार के आयुष, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग के मंत्री और जिले के प्रभारी मंत्री दयाशंकर मिश्र दयालु ने शनिवार को बीजेपी कार्यालय पर प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस दौरान उन्होंने केंद्र की एनडीए सरकार की नीतियों और नए कानूनों को लेकर विस्तार से जानकारी दी। प्रभारी मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार का स्पष्ट फोकस आम गरीब, किसान, महिला और नौजवान पर रहा है। पिछले 70 वर्षों में जिन बुनियादी जरूरतों—मकान, स्वास्थ्य, सामाजिक समावेशन और आय सुरक्षा—की उपेक्षा हुई, उन्हें प्राथमिकता के साथ पूरा किया गया। दयाशंकर मिश्र दयालु ने कहा कि बीबी-जी रामजी अधिनियम 2025 भ्रष्टाचार के खिलाफ सर्जिकल स्ट्राइक है। उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस ने अपने परिवार के नाम पर कई योजनाएं चलाईं, लेकिन जी-रामजी के नाम पर उन्हें आपत्ति है। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को आय सुरक्षा देना सरकार की बड़ी उपलब्धियों में से एक है। मंत्री ने कहा कि आय सुरक्षा से न सिर्फ लोगों का जीवन स्तर सुधरता है, बल्कि गांवों में स्थायी संपत्ति (एसेट क्रिएशन) का रास्ता भी खुलता है। पूर्ववर्ती सरकारों में यह दृष्टिकोण नहीं था। मनरेगा में थीं गंभीर खामियां उन्होंने आरोप लगाया कि मनरेगा योजना में संरचनात्मक और क्रियान्वयन से जुड़ी गंभीर कमियां थीं। गुणवत्ता खराब थी, अस्थायी सड़कें और अधूरी जल संरचनाएं बनती थीं, जिससे सरकारी धन का दुरुपयोग हुआ। कई बार एक ही काम को बार-बार दिखाकर भुगतान लिया गया, जबकि वास्तविक एसेट तैयार नहीं हो पाए। कई राज्यों में अनियमितताओं के चलते बजट तक रोकना पड़ा। दयालु ने बताया कि एनडीए सरकार ने विकसित भारत रोजगार गारंटी एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) अधिनियम 2025 के जरिए इन खामियों को दूर किया है। इसमें जवाबदेही तय की गई है और मौसम व खेती के समय को ध्यान में रखते हुए 60 दिनों तक कार्य रोकने तथा 20-20 दिनों के चरणों में काम कराने का प्रावधान किया गया है। टेक्नोलॉजी से भ्रष्टाचार पर लगाम भ्रष्टाचार रोकने के लिए टेक्नोलॉजी सेंट्रिक अप्रोच अपनाई गई है। जियो-टैगिंग, सैटेलाइट इमेजिंग, मोबाइल ऐप से रियल टाइम ट्रैकिंग, एआई आधारित धोखाधड़ी पहचान तंत्र और बायोमेट्रिक सत्यापन जैसे प्रावधान किए गए हैं। सीएम गति शक्ति के तहत योजनाओं का एकीकृत क्रियान्वयन होगा, जिससे सड़क, नाला और जल निकासी के काम अलग-अलग नहीं होंगे। चार प्रमुख श्रेणियों पर फोकस मंत्री ने बताया कि अधिनियम के तहत चार प्रमुख श्रेणियों—जल संरक्षण, बुनियादी ढांचा निर्माण, आजीविका से जुड़े कार्य और आपदा प्रबंधन—पर जोर दिया गया है। सभी कार्य ग्राम सभा के प्रस्ताव पर ही स्वीकृत होंगे। आयुष मंत्री ने कहा कि मजदूरी भुगतान में देरी पर सख्त प्रावधान किए गए हैं। सात दिनों के भीतर भुगतान अनिवार्य है। 15 दिनों से अधिक देरी होने पर ब्याज देना होगा। काम न मिलने की स्थिति में 125 दिनों तक रोजगार भत्ता देने की व्यवस्था भी की गई है। खर्च के आंकड़े गिनाए उन्होंने बताया कि 2006 से 2014 तक यूपीए सरकार ने मनरेगा पर करीब 2 लाख 12 हजार 949 करोड़ रुपये खर्च किए, जबकि 2014 के बाद एनडीए सरकार ने 8 लाख 48 हजार 140 करोड़ रुपये, यानी चार गुना अधिक राशि खर्च कर योजनाओं को मजबूती दी। ये रहे मौजूद प्रेस कॉन्फ्रेंस में भाजपा जिलाध्यक्ष संजय मिश्र, विधायक केतकी सिंह, सुनीता श्रीवास्तव, साकेत सिंह सोनू, पूर्व विधायक धनंजय कन्नौजिया, पूर्व जिलाध्यक्ष देवेंद्र यादव और जिला उपाध्यक्ष/अभियान संयोजक शुभनारायण सिंह सुरेंद्र मौजूद रहे।

Jan 10, 2026 - 15:48
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जी-रामजी अधिनियम भ्रष्टाचार पर सर्जिकल स्ट्राइक:कहा– सरकार का फोकस गरीब, किसान, महिला और युवा पर; मनरेगा की खामियां को नए कानून से दूर
बलिया पहुंचे प्रदेश सरकार के आयुष, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग के मंत्री और जिले के प्रभारी मंत्री दयाशंकर मिश्र दयालु ने शनिवार को बीजेपी कार्यालय पर प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस दौरान उन्होंने केंद्र की एनडीए सरकार की नीतियों और नए कानूनों को लेकर विस्तार से जानकारी दी। प्रभारी मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार का स्पष्ट फोकस आम गरीब, किसान, महिला और नौजवान पर रहा है। पिछले 70 वर्षों में जिन बुनियादी जरूरतों—मकान, स्वास्थ्य, सामाजिक समावेशन और आय सुरक्षा—की उपेक्षा हुई, उन्हें प्राथमिकता के साथ पूरा किया गया। दयाशंकर मिश्र दयालु ने कहा कि बीबी-जी रामजी अधिनियम 2025 भ्रष्टाचार के खिलाफ सर्जिकल स्ट्राइक है। उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस ने अपने परिवार के नाम पर कई योजनाएं चलाईं, लेकिन जी-रामजी के नाम पर उन्हें आपत्ति है। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को आय सुरक्षा देना सरकार की बड़ी उपलब्धियों में से एक है। मंत्री ने कहा कि आय सुरक्षा से न सिर्फ लोगों का जीवन स्तर सुधरता है, बल्कि गांवों में स्थायी संपत्ति (एसेट क्रिएशन) का रास्ता भी खुलता है। पूर्ववर्ती सरकारों में यह दृष्टिकोण नहीं था। मनरेगा में थीं गंभीर खामियां उन्होंने आरोप लगाया कि मनरेगा योजना में संरचनात्मक और क्रियान्वयन से जुड़ी गंभीर कमियां थीं। गुणवत्ता खराब थी, अस्थायी सड़कें और अधूरी जल संरचनाएं बनती थीं, जिससे सरकारी धन का दुरुपयोग हुआ। कई बार एक ही काम को बार-बार दिखाकर भुगतान लिया गया, जबकि वास्तविक एसेट तैयार नहीं हो पाए। कई राज्यों में अनियमितताओं के चलते बजट तक रोकना पड़ा। दयालु ने बताया कि एनडीए सरकार ने विकसित भारत रोजगार गारंटी एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) अधिनियम 2025 के जरिए इन खामियों को दूर किया है। इसमें जवाबदेही तय की गई है और मौसम व खेती के समय को ध्यान में रखते हुए 60 दिनों तक कार्य रोकने तथा 20-20 दिनों के चरणों में काम कराने का प्रावधान किया गया है। टेक्नोलॉजी से भ्रष्टाचार पर लगाम भ्रष्टाचार रोकने के लिए टेक्नोलॉजी सेंट्रिक अप्रोच अपनाई गई है। जियो-टैगिंग, सैटेलाइट इमेजिंग, मोबाइल ऐप से रियल टाइम ट्रैकिंग, एआई आधारित धोखाधड़ी पहचान तंत्र और बायोमेट्रिक सत्यापन जैसे प्रावधान किए गए हैं। सीएम गति शक्ति के तहत योजनाओं का एकीकृत क्रियान्वयन होगा, जिससे सड़क, नाला और जल निकासी के काम अलग-अलग नहीं होंगे। चार प्रमुख श्रेणियों पर फोकस मंत्री ने बताया कि अधिनियम के तहत चार प्रमुख श्रेणियों—जल संरक्षण, बुनियादी ढांचा निर्माण, आजीविका से जुड़े कार्य और आपदा प्रबंधन—पर जोर दिया गया है। सभी कार्य ग्राम सभा के प्रस्ताव पर ही स्वीकृत होंगे। आयुष मंत्री ने कहा कि मजदूरी भुगतान में देरी पर सख्त प्रावधान किए गए हैं। सात दिनों के भीतर भुगतान अनिवार्य है। 15 दिनों से अधिक देरी होने पर ब्याज देना होगा। काम न मिलने की स्थिति में 125 दिनों तक रोजगार भत्ता देने की व्यवस्था भी की गई है। खर्च के आंकड़े गिनाए उन्होंने बताया कि 2006 से 2014 तक यूपीए सरकार ने मनरेगा पर करीब 2 लाख 12 हजार 949 करोड़ रुपये खर्च किए, जबकि 2014 के बाद एनडीए सरकार ने 8 लाख 48 हजार 140 करोड़ रुपये, यानी चार गुना अधिक राशि खर्च कर योजनाओं को मजबूती दी। ये रहे मौजूद प्रेस कॉन्फ्रेंस में भाजपा जिलाध्यक्ष संजय मिश्र, विधायक केतकी सिंह, सुनीता श्रीवास्तव, साकेत सिंह सोनू, पूर्व विधायक धनंजय कन्नौजिया, पूर्व जिलाध्यक्ष देवेंद्र यादव और जिला उपाध्यक्ष/अभियान संयोजक शुभनारायण सिंह सुरेंद्र मौजूद रहे।