स्वच्छ इंदौर में दूषित पानी से मौत पर भड़के औवेसी, कहा- चुल्लू भर पानी में डूब मरें ये लोग
Owaisi news in Hindi : देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर में दूषित पानी पीने से 13 लोगों की मौत हो गई और 162 लोग विभिन्न अस्पतालों में भर्ती हैं। AIMIM प्रमुख और हैदराबाद के सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने इसके लिए भाजपा को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि 2026 में ...
Owaisi news in Hindi : देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर में दूषित पानी पीने से 13 लोगों की मौत हो गई और 162 लोग विभिन्न अस्पतालों में भर्ती हैं। AIMIM प्रमुख और हैदराबाद के सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने इसके लिए भाजपा को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि 2026 में ये लोग विश्वगुरु का दावा करते हैं और लेकिन लोग यहां गंदा पानी पीकर मर जाते है। इनको तो चुल्लू भर पानी में डूब मरने की जरूरत है। ALSO READ: स्वच्छ इंदौर का काला सच: जब ‘सबसे साफ़ शहर’ में पानी ही जान लेने लगे
हैदराबाद से सांसद ओवैसी ने कहा कि इन लोगों को सिर्फ बुलडोजर का फिक्र है। वे खाली बुलडोजर से घर तोड़ना चाहते हैं और कोई काम नहीं है। किसी मुसलमान पर इलजाम लगा तो उसे लाकर पीटते हैं और उसका घर बुलडोजर से तोड़ देते हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि ये लोग बेसिक जरूरत भी मुहैया नहीं करा सकते। शुद्ध पेयजल भी मुहैया नहीं करा सकते हैं। ये तो मध्यप्रदेश सरकार की सरासर नाकामी है। ALSO READ: पानी में सीवेज का पानी मिला, दूषित पानी से 8 लोग मरे, कैलाश विजयवर्गीय का बड़ा बयान
औवैसी ने कहा कि 2026 में ये लोग विश्वगुरु का दावा करते हैं और लेकिन लोग यहां गंदा पानी पीकर मर जाते है। इनको तो चुल्लू भर पानी में डूब मरने की जरूरत है।"भारत-पाकिस्तान जंग रोकने को लेकर चीन का दावा देश का अपमान है, @narendramodi सरकार को इसकी कड़ी निंदा करनी चाहिए।"
इंदौर में गंदा पानी पीने से मौत, यूपी में तलवारें बांटने का मामला, दिल्ली का AQI और अन्य अहम मुद्दों पर AIMIM अध्यक्ष बैरिस्टर @asadowaisi की Press Conference. pic.twitter.com/gviV1Gxa1g — AIMIM (@aimim_national) January 1, 2026
गौरतलब है कि इंदौर के भागीरथपुरा दूषित पानी पीने से 13 लोगों की मौत हो गई। प्रशासन ने डायरिया से 4 लोगों की मौत की पुष्टि की है तो मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने 8 लोगों के मारे जाने की बात कही है। शुरुवाती जांच में लीकेज की वजह से पेयजल में ड्रेनेज का पानी मिलने से क्षेत्र में उल्टी दस्त का प्रकोप फैल गया।
edited by : Nrapendra Gupta



