सहरसा कोर्ट मे आधे घंटे पुलिस ने किया मॉक ड्रिल:5 कोर्ट को उड़ाने की मिली थी धमकी, परिसर का बारीकी से किया गया जांच

बिहार के पांच जिलों के सिविल कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद सहरसा व्यवहार न्यायालय में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। इसी के मद्देनजर शुक्रवार को कोर्ट परिसर में पुलिस द्वारा लगभग आधे घंटे का मॉक ड्रिल आयोजित किया गया। सहरसा पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर आयोजित इस मॉक ड्रिल के दौरान कोर्ट परिसर की सुरक्षा व्यवस्था की बारीकी से जांच की गई। इसका उद्देश्य किसी भी आपात स्थिति से निपटने की तैयारियों का अभ्यास करना था। 5 जिलों में सिविल कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी मॉक ड्रिल में पुलिस बल,बम निरोधक दस्ता और अन्य सुरक्षा एजेंसियों ने हिस्सा लिया। उन्होंने संभावित खतरे की स्थिति में त्वरित कार्रवाई,इलाके की घेराबंदी, संदिग्ध वस्तुओं की जांच और लोगों को सुरक्षित निकालने की प्रक्रिया का अभ्यास किया। इस दौरान आम लोगों और न्यायालय कर्मियों को भी सतर्क रहने के प्रति जागरूक किया गया। सदर एसडीपीओ आलोक कुमार ने बताया कि बिहार के पांच जिलों में सिविल कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी मिली थी। इसी के मद्देनजर एहतियातन सहरसा सिविल कोर्ट में मॉक ड्रिल आयोजित किया गया। उन्होंने कहा कि इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी आपात या आतंकी घटना की स्थिति में पुलिस और प्रशासन पूरी तरह तैयार रहें और समय रहते प्रभावी कदम उठाए जा सकें। प्रतिदिन बड़ी संख्या में आते है लोग सहरसा व्यवहार न्यायालय के मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी (सीजीएम) अविनाश कुमार ने कहा कि कोर्ट परिसर में प्रतिदिन बड़ी संख्या में नागरिक आते हैं, ऐसे में उनकी सुरक्षा सर्वोपरि है। उन्होंने बताया कि मॉक ड्रिल के माध्यम से यह देखा गया कि किन-किन स्थानों पर सुरक्षा को और मजबूत करने की आवश्यकता है। सीजीएम ने यह भी जानकारी दी कि पुलिस के वरीय अधिकारियों द्वारा निरीक्षण कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं,ताकि न्यायालय परिसर पूरी तरह सुरक्षित और भयमुक्त बना रहे। उन्होंने कहा कि इस तरह की सतर्कता और अभ्यास से किसी भी प्रकार की अप्रिय या असामाजिक घटना को समय रहते रोका जा सकता है। न्यायिक कार्य में किसी प्रकार का व्यवधान न हो, इसके लिए प्रशासन और पुलिस मिलकर लगातार निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था को बेहतर बना रहे हैं। मॉक ड्रिल के बाद कोर्ट परिसर में सुरक्षा को लेकर लोगों में भरोसा बढ़ा है।

Jan 9, 2026 - 11:51
 0
सहरसा कोर्ट मे आधे घंटे पुलिस ने किया मॉक ड्रिल:5 कोर्ट को उड़ाने की मिली थी धमकी, परिसर का बारीकी से किया गया जांच
बिहार के पांच जिलों के सिविल कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद सहरसा व्यवहार न्यायालय में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। इसी के मद्देनजर शुक्रवार को कोर्ट परिसर में पुलिस द्वारा लगभग आधे घंटे का मॉक ड्रिल आयोजित किया गया। सहरसा पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर आयोजित इस मॉक ड्रिल के दौरान कोर्ट परिसर की सुरक्षा व्यवस्था की बारीकी से जांच की गई। इसका उद्देश्य किसी भी आपात स्थिति से निपटने की तैयारियों का अभ्यास करना था। 5 जिलों में सिविल कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी मॉक ड्रिल में पुलिस बल,बम निरोधक दस्ता और अन्य सुरक्षा एजेंसियों ने हिस्सा लिया। उन्होंने संभावित खतरे की स्थिति में त्वरित कार्रवाई,इलाके की घेराबंदी, संदिग्ध वस्तुओं की जांच और लोगों को सुरक्षित निकालने की प्रक्रिया का अभ्यास किया। इस दौरान आम लोगों और न्यायालय कर्मियों को भी सतर्क रहने के प्रति जागरूक किया गया। सदर एसडीपीओ आलोक कुमार ने बताया कि बिहार के पांच जिलों में सिविल कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी मिली थी। इसी के मद्देनजर एहतियातन सहरसा सिविल कोर्ट में मॉक ड्रिल आयोजित किया गया। उन्होंने कहा कि इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी आपात या आतंकी घटना की स्थिति में पुलिस और प्रशासन पूरी तरह तैयार रहें और समय रहते प्रभावी कदम उठाए जा सकें। प्रतिदिन बड़ी संख्या में आते है लोग सहरसा व्यवहार न्यायालय के मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी (सीजीएम) अविनाश कुमार ने कहा कि कोर्ट परिसर में प्रतिदिन बड़ी संख्या में नागरिक आते हैं, ऐसे में उनकी सुरक्षा सर्वोपरि है। उन्होंने बताया कि मॉक ड्रिल के माध्यम से यह देखा गया कि किन-किन स्थानों पर सुरक्षा को और मजबूत करने की आवश्यकता है। सीजीएम ने यह भी जानकारी दी कि पुलिस के वरीय अधिकारियों द्वारा निरीक्षण कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं,ताकि न्यायालय परिसर पूरी तरह सुरक्षित और भयमुक्त बना रहे। उन्होंने कहा कि इस तरह की सतर्कता और अभ्यास से किसी भी प्रकार की अप्रिय या असामाजिक घटना को समय रहते रोका जा सकता है। न्यायिक कार्य में किसी प्रकार का व्यवधान न हो, इसके लिए प्रशासन और पुलिस मिलकर लगातार निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था को बेहतर बना रहे हैं। मॉक ड्रिल के बाद कोर्ट परिसर में सुरक्षा को लेकर लोगों में भरोसा बढ़ा है।