बिहार में किसानों को नए साल का तोहफा:गन्ना के दाम में प्रति क्विंटल 20 रुपए का इजाफा, चालू पेराई सीजन से मिलेगा लाभ

बिहार के लाखों गन्ना किसानों को सरकार ने नए साल का तोहफा दिया है। नीतीश सरकार ने गन्ने के खरीद मूल्य में 15 से 20 रुपए प्रति क्विंटल की बढ़ोत्तरी करने का फैसला किया है। अब किसानों को गन्ने का दाम 390 रुपए प्रति क्विंटल (अनुदान सहित) तक मिलेगा। बखरी विधायक और गन्ना उद्योग मंत्री संजय कुमार ने विभाग के अधिकारियों-चीनी मिल मालिकों के साथ हुई बैठक के बाद यह बड़ी घोषणा की। मंत्री ने स्पष्ट किया कि यह बढ़ोत्तरी तत्काल प्रभाव से लागू मानी जाएगी। नई सरकार बनने के बाद इसके लिए 3 बैठक हुई और उसके बाद सहमति बनी, मिल मालिक भी राजी हो गए हैं। गन्ना मंत्री संजय कुमार ने बताया कि मूल्य वृद्धि को लेकर काफी समय से मंथन चल रहा था। यह हमारी तीसरी बैठक थी। इससे पहले दो बैठकों में हमने किसानों के पक्ष को मजबूती से रखा था। चीनी मिल मालिकों के साथ सकारात्मक चर्चा हुई और 20 रुपए प्रति क्विंटल की बढ़ोत्तरी पर सहमति बन गई है। यह किसानों की मेहनत की जीत है। चालू पेराई सत्र से मिलेगा लाभ बैठक में गन्ना उद्योग विभाग के प्रधान सचिव के. सेंथिल कुमार और ईख आयुक्त अनिल कुमार झा भी मौजूद रहे। अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि बढ़े हुए दामों का लाभ किसानों को बिना किसी देरी के सुनिश्चित कराया जाए। बिहार सरकार गन्ने को तीन श्रेणियों में बांटकर भुगतान करती है और तीनों श्रेणी में इजाफा किया गया है। उत्तम किस्म (Early) के गन्ना का दाम 365 रुपए प्रति क्विंटल के बदले अनुदान सहित 390 रुपए क्विंटल, सामान्य किस्म (General) के लिए 340 रुपए प्रति क्विंटल के बदले 360 रुपए क्विंटल एवं निम्न किस्म (Low) के लिए 310 रुपए प्रति क्विंटल के बदले 330 रुपए क्विंटल की दर से दाम तय किया गया है। मूल्य वृद्धि का लाभ किसानों को अभी चालू पेराई सत्र से ही मिलना शुरू हो जाएगा। बिहार में गन्ना किसान लंबे समय से खाद, बीज, कीटनाशक और डीजल की बढ़ती कीमतों के कारण दाम बढ़ाने की मांग लगातार कर रहे थे। किसानों का तर्क था कि पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश और हरियाणा में गन्ने का रेट बिहार से अधिक है। किसानों को होगा फायदा मंत्री संजय कुमार ने कहा है कि खेती की बढ़ती लागत को देखते हुए यह फैसला लेना जरूरी था, जिससे किसान गन्ने की खेती से विमुख नहीं हो। इससे बिहार के लाखों गन्ना किसानों की सालाना आय में सीधा इजाफा होगा। दाम बढ़ने से किसान अधिक रकबे में गन्ने की बुआई करेंगे, जिससे बंद पड़ी मिलों को पुनर्जीवित करने में मदद मिलेगी। गन्ना मंत्री का कहना है कि हमारी सरकार किसान प्रथम की नीति पर काम कर रही है। हमने न सिर्फ दाम बढ़ाए हैं, बल्कि हम यह भी सुनिश्चित कर रहे हैं कि किसानों को तौल में कोई गड़बड़ी नहीं मिले और पैसा सीधे उनके खाते में जाए। इधर, मूल्य वृद्धि की घोषणा से गन्ना उत्पादक किसानों में खुशी का माहौल है।

Jan 9, 2026 - 11:51
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बिहार में किसानों को नए साल का तोहफा:गन्ना के दाम में प्रति क्विंटल 20 रुपए का इजाफा, चालू पेराई सीजन से मिलेगा लाभ
बिहार के लाखों गन्ना किसानों को सरकार ने नए साल का तोहफा दिया है। नीतीश सरकार ने गन्ने के खरीद मूल्य में 15 से 20 रुपए प्रति क्विंटल की बढ़ोत्तरी करने का फैसला किया है। अब किसानों को गन्ने का दाम 390 रुपए प्रति क्विंटल (अनुदान सहित) तक मिलेगा। बखरी विधायक और गन्ना उद्योग मंत्री संजय कुमार ने विभाग के अधिकारियों-चीनी मिल मालिकों के साथ हुई बैठक के बाद यह बड़ी घोषणा की। मंत्री ने स्पष्ट किया कि यह बढ़ोत्तरी तत्काल प्रभाव से लागू मानी जाएगी। नई सरकार बनने के बाद इसके लिए 3 बैठक हुई और उसके बाद सहमति बनी, मिल मालिक भी राजी हो गए हैं। गन्ना मंत्री संजय कुमार ने बताया कि मूल्य वृद्धि को लेकर काफी समय से मंथन चल रहा था। यह हमारी तीसरी बैठक थी। इससे पहले दो बैठकों में हमने किसानों के पक्ष को मजबूती से रखा था। चीनी मिल मालिकों के साथ सकारात्मक चर्चा हुई और 20 रुपए प्रति क्विंटल की बढ़ोत्तरी पर सहमति बन गई है। यह किसानों की मेहनत की जीत है। चालू पेराई सत्र से मिलेगा लाभ बैठक में गन्ना उद्योग विभाग के प्रधान सचिव के. सेंथिल कुमार और ईख आयुक्त अनिल कुमार झा भी मौजूद रहे। अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि बढ़े हुए दामों का लाभ किसानों को बिना किसी देरी के सुनिश्चित कराया जाए। बिहार सरकार गन्ने को तीन श्रेणियों में बांटकर भुगतान करती है और तीनों श्रेणी में इजाफा किया गया है। उत्तम किस्म (Early) के गन्ना का दाम 365 रुपए प्रति क्विंटल के बदले अनुदान सहित 390 रुपए क्विंटल, सामान्य किस्म (General) के लिए 340 रुपए प्रति क्विंटल के बदले 360 रुपए क्विंटल एवं निम्न किस्म (Low) के लिए 310 रुपए प्रति क्विंटल के बदले 330 रुपए क्विंटल की दर से दाम तय किया गया है। मूल्य वृद्धि का लाभ किसानों को अभी चालू पेराई सत्र से ही मिलना शुरू हो जाएगा। बिहार में गन्ना किसान लंबे समय से खाद, बीज, कीटनाशक और डीजल की बढ़ती कीमतों के कारण दाम बढ़ाने की मांग लगातार कर रहे थे। किसानों का तर्क था कि पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश और हरियाणा में गन्ने का रेट बिहार से अधिक है। किसानों को होगा फायदा मंत्री संजय कुमार ने कहा है कि खेती की बढ़ती लागत को देखते हुए यह फैसला लेना जरूरी था, जिससे किसान गन्ने की खेती से विमुख नहीं हो। इससे बिहार के लाखों गन्ना किसानों की सालाना आय में सीधा इजाफा होगा। दाम बढ़ने से किसान अधिक रकबे में गन्ने की बुआई करेंगे, जिससे बंद पड़ी मिलों को पुनर्जीवित करने में मदद मिलेगी। गन्ना मंत्री का कहना है कि हमारी सरकार किसान प्रथम की नीति पर काम कर रही है। हमने न सिर्फ दाम बढ़ाए हैं, बल्कि हम यह भी सुनिश्चित कर रहे हैं कि किसानों को तौल में कोई गड़बड़ी नहीं मिले और पैसा सीधे उनके खाते में जाए। इधर, मूल्य वृद्धि की घोषणा से गन्ना उत्पादक किसानों में खुशी का माहौल है।