शेखपुरा में क्रिसमस डे पर गिरिजाघरों में उमड़ी भीड़:हिंदू समुदाय भी शामिल, विशेष पूजा अर्चना हुई; सुरक्षा के लिए पुलिस तैनात

शेखपुरा जिले में गुरुवार को ईसाई धर्मावलंबियों द्वारा क्रिसमस का त्योहार हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। शहरी और ग्रामीण इलाकों के गिरिजाघरों में विशेष पूजा अर्चना की गई। स्थानीय मरिया आश्रम स्थित कैथोलिक चर्च, बरबीघा के प्लस टू राजराजेश्वर उच्च विद्यालय कैथोलिक चर्च परिसर और अरियरी प्रखंड के चांदी गांव में मुख्य आयोजन हुए। गुरुवार सुबह से ही इन गिरिजाघरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ने लगी थी। बड़ी संख्या में हिंदू समुदाय के लोग भी अपने परिवार और बच्चों के साथ इस पर्व को मनाने पहुंचे। चर्चों और स्कूलों को रंग-बिरंगे गुब्बारों, क्रिसमस ट्री और कृत्रिम रोशनियों से आकर्षक ढंग से सजाया गया था। जिले के कई निजी शिक्षण संस्थानों में भी यह त्योहार मनाया गया। मरिया आश्रम शेखपुरा के फादर ने बताया कि यीशु का अर्थ प्रेम और भाईचारा है। उन्होंने कहा कि क्रिसमस पर्व हमें ईश्वर के प्रेम को दर्शाता है, जब ईश्वर मनुष्य बनकर बालक यीशु के रूप में जन्म लेते हैं। प्रभु यीशु के जन्म की खुशी में भक्तों और श्रद्धालुओं ने उनकी प्रतिमा के समक्ष कैंडल जलाकर प्रार्थना की। इसमें ईसाई धर्मावलंबियों के अलावा अन्य धर्मों के लोगों ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। इस अवसर पर बच्चों द्वारा केक काटकर और सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर क्रिसमस मनाया गया। प्रभु यीशु के जीवनवृत्त पर आधारित विभिन्न तरह की प्रदर्शनियां और झांकियां भी लगाई गई थीं। मरिया आश्रम में भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन ने कैथोलिक चर्च परिसर में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया था।

Dec 25, 2025 - 18:38
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शेखपुरा में क्रिसमस डे पर गिरिजाघरों में उमड़ी भीड़:हिंदू समुदाय भी शामिल, विशेष पूजा अर्चना हुई; सुरक्षा के लिए पुलिस तैनात
शेखपुरा जिले में गुरुवार को ईसाई धर्मावलंबियों द्वारा क्रिसमस का त्योहार हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। शहरी और ग्रामीण इलाकों के गिरिजाघरों में विशेष पूजा अर्चना की गई। स्थानीय मरिया आश्रम स्थित कैथोलिक चर्च, बरबीघा के प्लस टू राजराजेश्वर उच्च विद्यालय कैथोलिक चर्च परिसर और अरियरी प्रखंड के चांदी गांव में मुख्य आयोजन हुए। गुरुवार सुबह से ही इन गिरिजाघरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ने लगी थी। बड़ी संख्या में हिंदू समुदाय के लोग भी अपने परिवार और बच्चों के साथ इस पर्व को मनाने पहुंचे। चर्चों और स्कूलों को रंग-बिरंगे गुब्बारों, क्रिसमस ट्री और कृत्रिम रोशनियों से आकर्षक ढंग से सजाया गया था। जिले के कई निजी शिक्षण संस्थानों में भी यह त्योहार मनाया गया। मरिया आश्रम शेखपुरा के फादर ने बताया कि यीशु का अर्थ प्रेम और भाईचारा है। उन्होंने कहा कि क्रिसमस पर्व हमें ईश्वर के प्रेम को दर्शाता है, जब ईश्वर मनुष्य बनकर बालक यीशु के रूप में जन्म लेते हैं। प्रभु यीशु के जन्म की खुशी में भक्तों और श्रद्धालुओं ने उनकी प्रतिमा के समक्ष कैंडल जलाकर प्रार्थना की। इसमें ईसाई धर्मावलंबियों के अलावा अन्य धर्मों के लोगों ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। इस अवसर पर बच्चों द्वारा केक काटकर और सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर क्रिसमस मनाया गया। प्रभु यीशु के जीवनवृत्त पर आधारित विभिन्न तरह की प्रदर्शनियां और झांकियां भी लगाई गई थीं। मरिया आश्रम में भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन ने कैथोलिक चर्च परिसर में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया था।