शाह बोले- ममता घुसपैठ नहीं रोक सकतीं:CM बोलीं- शकुनि का चेला आया, घुसपैठ सिर्फ बंगाल से तो क्या पहलगाम हमला आपने कराया
पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने कहा है कि शकुनि का चेला दुशासन बंगाल में जानकारी जुटाने आया है। जैसे ही चुनाव आते हैं, दुशासन और दुर्योधन दिखाई देने लगते हैं। आज बीजेपी कह रही है कि ममता बनर्जी ने जमीन नहीं दी, तो फिर पेट्रापोल और अंडाल में जमीन किसने दी? बांकुरा में आयोजित कार्यक्रम में ममता ने कहा- बीजेपी कहती है कि घुसपैठिए सिर्फ बंगाल से ही आते हैं। अगर ऐसा है तो क्या पहलगाम में हमला आपने कराया था? दिल्ली में जो घटना हुई, उसके पीछे कौन था? बीजेपी SIR के नाम पर लोगों को परेशान कर रही है। ममता का ये बयान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बयान पर आया है। पश्चिम बंगाल दौरे के दूसरे दिन आज शाह ने कोलकाता में प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में ममता सरकार घुसपैठ को रोक नहीं पा रही है। अगर राज्य में भाजपा सरकार बनी तो यहां परिंदा भी पर नहीं मार पाएगा। बंगाल में सभी योजनाएं डेड एंड पर पहुंच गई हैं। दरअसल, शाह बंगाल विधानसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर यहां पहुंचे हैं। पश्चिम बंगाल में विधानसभा का कार्यकाल 7 मई 2026 तक है। चुनाव मार्च-अप्रैल 2026 में होना लगभग तय है। यहां कुल 294 सीटें हैं, TMC की सरकार है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी हैं। शाह की प्रेस कॉन्फ्रेंस की बड़ी बातें... बंगाल में घुसपैठ पर: टीएमसी के 15 साल के शासन में लोग भयभीत हैं। ममता बनर्जी सरकार चुनावी फायदे के लिए बांग्लादेशियों की घुसपैठ को बढ़ावा दे रही है। मोदी सरकार देश में गरीबी का उन्मूलन कर रही है। बंगाल की जनता घुसपैठियों से त्रस्त है। क्या कोई सरकार ऐसी हो सकती है कि जो घुसपैठियों की पनाहगार बने। ये राष्ट्र की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ है। ये बंगाल नहीं, पूरे देश की सुरक्षा का मामला है। इसे केवल राष्ट्रवादी सरकार यानी भाजपा की सरकार ही तय कर सकती है। महिला सुरक्षा पर: बंगाल सरकार महिलाओं को उनका अधिकार देने में विफल रही है। संदेशखाली, आरजी कर अस्पताल रेप केस समेत और भी मामले हैं। ममता सरकार इन्हें सुरक्षा देने में विफल रही है। हिंदुओं की स्थिति पर: अब मरहम लगाने से कुछ नहीं होता है। बंगाल के हिंदुओं के दिल पर गंभीर घाव हो गया है। अब ममता सरकार के जाने का समय हो गया है। जनता भी चाहती है कि हम इस सांप्रदायिक सरकार को हटा दें। केंद्रीय योजनाएं रोके जाने पर: टीएमसी के शासन में बंगाल का विकास थम गया है। मोदी सरकार देश में गरीबी का उन्मूलन कर रही है। बंगाल में सभी योजनाएं डेड एंड पर पहुंच गई हैं। सुप्रीम कोर्ट के आदेश से बने रूल्स ममता सरकार तोड़ देती है। मनमानी करती है। प्रॉक्सी अधिकारी बैठाती है। 2026 चुनाव में जीत पर: 2026 के बंगाल के चुनाव में हमारी सरकार बनेगी। इसका मजबूत आधार हमारे पास है। बीजेपी प्रचंड जीत के साथ सरकार बनाएगी। PM मोदी से विरोध पर: बंगाल में पीएम विरोध मानसिकता फैला रही हैं। किसी भी राज्य में पीएम जाते हैं तो पीएम होते हैं। पीएम जब यहां आते हैं तो ममता स्टेज पर नहीं आती हैं। बंगाल के किसानों का 10 हजार करोड़ रुपए बंगाल सरकार की कमी के कारण वापस चला गया। बंगाल सरकार ने आयुष्मान योजना लागू नहीं की। बंगाल के विकास पर: सबसे पहला मोटरखाना, स्टील प्लांट, हाईराइज बिल्डिंग, दो पोर्ट, आधुनिक यूनिवर्सिटी भी बंगाल में है। लेकिन कुछ भी ममता सरकार के समय में नहीं हुआ है। बंगाल की विकास की गति को ममता ने तोड़ा है। आधा बर्बाद कम्युनिस्टों ने किया था, ममता ने पूरा बर्बाद कर दिया। ममता की मनमानी पर: लोकतंत्र में जनता महान होती है, जब वो तय कर लेती है तो किसी तानाशाह का कुछ नहीं चलता। ममता से कोई और अपेक्षा नहीं रख सकते है। वे चुनाव हारने के बाद कहेंगी कि मेरे कार्यकर्ता बीजेपी में चले गए हैं। टीएमसी अपने कामों के कारण जनता के बीच कमजोर हो चुकी है। शाह के ममता बनर्जी से सवाल मीडिया के सवाल और शाह के जवाब सवाल- 2014 के बाद आप पार्टी और एडमिनिस्ट्रेशन में बहुत सारे नियम लेकर आए। 75 साल की उम्र के बाद कोई भी लीडर या मंत्री हो उसे मार्गदर्शक की भूमिका में जाना पड़ता है। अभी जो पार्टी या एडमिनिस्ट्रेशन में हाईएस्ट लेवल पर है, उसकी उम्र 75 साल हो गई तो उसे मार्गदर्शक की भूमिका में जाना चाहिए। जवाब- मैं आपको अलग से बुलाकर बताऊंगा, तुम बंगाल की चिंता करो, मेरी पार्टी की क्यों चिंता कर रहे हो। सवाल- मेट्रो का काम अधूरा है। केंद्र-राज्य सरकार की खींचतान क्यों है। जवाब- मेट्रो हवा में नहीं चल सकती, जमीन चाहिए। ये काम राज्य सरकार का है। भारत सरकार की योजनाओं का विरोध करना बंगाल सरकार का काम है। दूसरे राज्यों की मेट्रो योजनाओं में कोई समस्या क्यों नहीं है। केवल बंगाल में क्यों हैं। सवाल- केंद्र सरकार पर को-ऑपरेट नहीं करने का आरोप है। जवाब- बीजेपी की सरकार बनने के बाद बंगाल में अभी जारी कोई भी स्कीम बंद नहीं होगी, जो हमारी घोषणाएं होंगी, वे भी यहां लागू की जाएंगी। सवाल- बीएसएफ केंद्र के अंडर है। जवाब- मैंने 7 लेटर ममता को लिखे हैं। बंगाल सरकार को जमीन देने में क्या दिक्कत है। क्या आप घुसपैठ होने देना चाहते हो। गृह सचिव 6 साल में 3 बार बंगाल आ चुके हैं। बैठक कर चुके हैं। इन लोगों ने घुसपैठियों को अपनी सरकार बनाने के लिए स्वीकार कर लिया है। आने वाला समय चिंताजनक है। सवाल- बंगाल में मंदिर-मस्जिद की राजनीति हो रही है। जवाब- चुनाव के वक्त ये करने की परंपरा कितनी सही है, बंगाल की जनता तय करेगी। बंगाल में कई सारे मुद्दे हैं, बेरोजगारी, गरीबी ढेर सारे। बंगाल सरकार इससे बच नहीं सकती। -------------- ये खबर भी पढ़ें... गुवाहाटी में शाह ने कहा था- असम की तरह पूरे देश से घुसपैठिए भगाएंगे असम के नौगांव में 29 दिसंबर को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बटाद्रवा पुनर्विकास परियोजना का उद्घाटन किया। कार्यक्रम में शाह ने कहा- हिमंत बिस्वा सरमा ने बांग्लादेशी घुसपैठियों से एक लाख जमीन बीघा जमीन मुक्त करवा दी है। इसी तरह पूरे देश से हम घुसपैठियों को भगाएंगे। पढ़े
पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने कहा है कि शकुनि का चेला दुशासन बंगाल में जानकारी जुटाने आया है। जैसे ही चुनाव आते हैं, दुशासन और दुर्योधन दिखाई देने लगते हैं। आज बीजेपी कह रही है कि ममता बनर्जी ने जमीन नहीं दी, तो फिर पेट्रापोल और अंडाल में जमीन किसने दी? बांकुरा में आयोजित कार्यक्रम में ममता ने कहा- बीजेपी कहती है कि घुसपैठिए सिर्फ बंगाल से ही आते हैं। अगर ऐसा है तो क्या पहलगाम में हमला आपने कराया था? दिल्ली में जो घटना हुई, उसके पीछे कौन था? बीजेपी SIR के नाम पर लोगों को परेशान कर रही है। ममता का ये बयान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बयान पर आया है। पश्चिम बंगाल दौरे के दूसरे दिन आज शाह ने कोलकाता में प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में ममता सरकार घुसपैठ को रोक नहीं पा रही है। अगर राज्य में भाजपा सरकार बनी तो यहां परिंदा भी पर नहीं मार पाएगा। बंगाल में सभी योजनाएं डेड एंड पर पहुंच गई हैं। दरअसल, शाह बंगाल विधानसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर यहां पहुंचे हैं। पश्चिम बंगाल में विधानसभा का कार्यकाल 7 मई 2026 तक है। चुनाव मार्च-अप्रैल 2026 में होना लगभग तय है। यहां कुल 294 सीटें हैं, TMC की सरकार है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी हैं। शाह की प्रेस कॉन्फ्रेंस की बड़ी बातें... बंगाल में घुसपैठ पर: टीएमसी के 15 साल के शासन में लोग भयभीत हैं। ममता बनर्जी सरकार चुनावी फायदे के लिए बांग्लादेशियों की घुसपैठ को बढ़ावा दे रही है। मोदी सरकार देश में गरीबी का उन्मूलन कर रही है। बंगाल की जनता घुसपैठियों से त्रस्त है। क्या कोई सरकार ऐसी हो सकती है कि जो घुसपैठियों की पनाहगार बने। ये राष्ट्र की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ है। ये बंगाल नहीं, पूरे देश की सुरक्षा का मामला है। इसे केवल राष्ट्रवादी सरकार यानी भाजपा की सरकार ही तय कर सकती है। महिला सुरक्षा पर: बंगाल सरकार महिलाओं को उनका अधिकार देने में विफल रही है। संदेशखाली, आरजी कर अस्पताल रेप केस समेत और भी मामले हैं। ममता सरकार इन्हें सुरक्षा देने में विफल रही है। हिंदुओं की स्थिति पर: अब मरहम लगाने से कुछ नहीं होता है। बंगाल के हिंदुओं के दिल पर गंभीर घाव हो गया है। अब ममता सरकार के जाने का समय हो गया है। जनता भी चाहती है कि हम इस सांप्रदायिक सरकार को हटा दें। केंद्रीय योजनाएं रोके जाने पर: टीएमसी के शासन में बंगाल का विकास थम गया है। मोदी सरकार देश में गरीबी का उन्मूलन कर रही है। बंगाल में सभी योजनाएं डेड एंड पर पहुंच गई हैं। सुप्रीम कोर्ट के आदेश से बने रूल्स ममता सरकार तोड़ देती है। मनमानी करती है। प्रॉक्सी अधिकारी बैठाती है। 2026 चुनाव में जीत पर: 2026 के बंगाल के चुनाव में हमारी सरकार बनेगी। इसका मजबूत आधार हमारे पास है। बीजेपी प्रचंड जीत के साथ सरकार बनाएगी। PM मोदी से विरोध पर: बंगाल में पीएम विरोध मानसिकता फैला रही हैं। किसी भी राज्य में पीएम जाते हैं तो पीएम होते हैं। पीएम जब यहां आते हैं तो ममता स्टेज पर नहीं आती हैं। बंगाल के किसानों का 10 हजार करोड़ रुपए बंगाल सरकार की कमी के कारण वापस चला गया। बंगाल सरकार ने आयुष्मान योजना लागू नहीं की। बंगाल के विकास पर: सबसे पहला मोटरखाना, स्टील प्लांट, हाईराइज बिल्डिंग, दो पोर्ट, आधुनिक यूनिवर्सिटी भी बंगाल में है। लेकिन कुछ भी ममता सरकार के समय में नहीं हुआ है। बंगाल की विकास की गति को ममता ने तोड़ा है। आधा बर्बाद कम्युनिस्टों ने किया था, ममता ने पूरा बर्बाद कर दिया। ममता की मनमानी पर: लोकतंत्र में जनता महान होती है, जब वो तय कर लेती है तो किसी तानाशाह का कुछ नहीं चलता। ममता से कोई और अपेक्षा नहीं रख सकते है। वे चुनाव हारने के बाद कहेंगी कि मेरे कार्यकर्ता बीजेपी में चले गए हैं। टीएमसी अपने कामों के कारण जनता के बीच कमजोर हो चुकी है। शाह के ममता बनर्जी से सवाल मीडिया के सवाल और शाह के जवाब सवाल- 2014 के बाद आप पार्टी और एडमिनिस्ट्रेशन में बहुत सारे नियम लेकर आए। 75 साल की उम्र के बाद कोई भी लीडर या मंत्री हो उसे मार्गदर्शक की भूमिका में जाना पड़ता है। अभी जो पार्टी या एडमिनिस्ट्रेशन में हाईएस्ट लेवल पर है, उसकी उम्र 75 साल हो गई तो उसे मार्गदर्शक की भूमिका में जाना चाहिए। जवाब- मैं आपको अलग से बुलाकर बताऊंगा, तुम बंगाल की चिंता करो, मेरी पार्टी की क्यों चिंता कर रहे हो। सवाल- मेट्रो का काम अधूरा है। केंद्र-राज्य सरकार की खींचतान क्यों है। जवाब- मेट्रो हवा में नहीं चल सकती, जमीन चाहिए। ये काम राज्य सरकार का है। भारत सरकार की योजनाओं का विरोध करना बंगाल सरकार का काम है। दूसरे राज्यों की मेट्रो योजनाओं में कोई समस्या क्यों नहीं है। केवल बंगाल में क्यों हैं। सवाल- केंद्र सरकार पर को-ऑपरेट नहीं करने का आरोप है। जवाब- बीजेपी की सरकार बनने के बाद बंगाल में अभी जारी कोई भी स्कीम बंद नहीं होगी, जो हमारी घोषणाएं होंगी, वे भी यहां लागू की जाएंगी। सवाल- बीएसएफ केंद्र के अंडर है। जवाब- मैंने 7 लेटर ममता को लिखे हैं। बंगाल सरकार को जमीन देने में क्या दिक्कत है। क्या आप घुसपैठ होने देना चाहते हो। गृह सचिव 6 साल में 3 बार बंगाल आ चुके हैं। बैठक कर चुके हैं। इन लोगों ने घुसपैठियों को अपनी सरकार बनाने के लिए स्वीकार कर लिया है। आने वाला समय चिंताजनक है। सवाल- बंगाल में मंदिर-मस्जिद की राजनीति हो रही है। जवाब- चुनाव के वक्त ये करने की परंपरा कितनी सही है, बंगाल की जनता तय करेगी। बंगाल में कई सारे मुद्दे हैं, बेरोजगारी, गरीबी ढेर सारे। बंगाल सरकार इससे बच नहीं सकती। -------------- ये खबर भी पढ़ें... गुवाहाटी में शाह ने कहा था- असम की तरह पूरे देश से घुसपैठिए भगाएंगे असम के नौगांव में 29 दिसंबर को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बटाद्रवा पुनर्विकास परियोजना का उद्घाटन किया। कार्यक्रम में शाह ने कहा- हिमंत बिस्वा सरमा ने बांग्लादेशी घुसपैठियों से एक लाख जमीन बीघा जमीन मुक्त करवा दी है। इसी तरह पूरे देश से हम घुसपैठियों को भगाएंगे। पढ़ें पूरी खबर...