लॉरेंस के व्यापारियों को धमका कर वसूले 91 लाख पकड़े:इनोवा में रखकर जोधपुर से श्रीगंगानगर ला रहे थे; 10 पकड़े, थाने के आसपास नो एंट्री लगाई
पुलिस ने लॉरेंस गैंग के 91 लाख पकड़े हैं। अंदेशा है कि ये रुपए जोधपुर से रंगदारी की रकम के रूप में वसूले गए थे। इसके बाद इन्हें लॉरेंस की गैंग के 3 बदमाश गंगानगर के रायसिंहनगर ला रहे थे। इसी बीच पुलिस ने नाकाबंदी में एक सफेद रंग की इनोवा को रुकवाया तो उसमें बैठे 3 बदमाश कोई जवाब नहीं दे सके। सख्ती से पूछताछ हुई तो लॉरेंस के वसूली नेटवर्क का खुलासा हुआ है। यह गैंग जोधपुर से पंजाब तक विदेश बैठे सदस्यों के जरिए धमकियां देकर करोड़ों की फिरौती वसूलते थे। इसके बाद इसके बाद एक के बाद एक वसूली नेटवर्क के 4 और गुर्गे गिरफ्तार किए गए हैं। सभी 7 को श्रीगंगानगर के रायसिंहनगर थाने में लाया गया है और विभिन्न जांच एजेंसियां पूछताछ कर रही है। ऐसे में, थाने में आम फरियादियों को बाहर से ही सुना जा रहा है। पूरे मामले का खुलासा श्रीगंगानगर एसपी डॉ. अमृता दुहन कुछ ही देर में करेंगी। 1 करोड़ की रकम लाई जा रही थी जांच में सामने आया है कि जोधपुर से करीब 1 करोड़ रुपए की रंगदारी की रकम रायसिंहनगर लाई जा रही थी। इसी बीच पुलिस ने नाकाबंदी के दौरान रायसिंहनगर क्षेत्र में इनोवा से 91 लाख रुपए नकद बरामद कर लिए। कार में सवार तीन युवक सिर्फ कैरियर थे, जिन्हें यह रकम रायसिंहनगर के पास एक गांव में किसी युवक तक पहुंचानी थी। यह रकम आगे पंजाब भेजी जानी थी, लेकिन पुलिस की सतर्कता से बड़ा खुलासा हो गया। कार एक टेलर की बताई जा रही पुलिस के मुताबिक, विदेश में बैठे गैंग सदस्य धमकियां दिलवाते थे और रकम वसूलते थे। 29 दिसंबर की रात गश्त के दौरान श्रीविजयनगर रोड पर लग्जरी कार इनोवा रोकी गई। कार शहर के एक टेलर की बताई जा रही है। एएसआई जगतार सिंह के नेतृत्व में टीम ने तीनों युवकों को हिरासत में लिया। युवकों से रकम के स्रोत पर संतोषजनक जवाब नहीं मिला। जांच आगे बढ़ी तो फाजिल्का, जोधपुर, रायसिंहनगर के सावंतसर और कामावास गांव व हनुमानगढ़ के कई संदिग्धों को पकड़ा गया। मंगलवार शाम तक कुल 7 युवक डिटेन किए गए हैं। इनसे पूछताछ में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। रायसिंहनगर थाने में नो एंट्री विभिन्न जिलों के अधिकारी और जांच एजेंसियां मौजूद होने से थाने में आम फरियादी बाहर से ही सुने जा रहे हैं। वहीं लॉरेंस के गुर्गों से पुलिस, आयकर विभाग समेत अन्य एजेंसियां संयुक्त पूछताछ की तैयारी कर रही है। मामले की गंभीरता देखते हुए श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, जोधपुर और बीकानेर के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को इसकी जांच सौंपी गई है। ताकि इस पूरे नेक्सस का खुलासा किया जा सके। लॉरेंस से जुड़ी ये खबरें भी पढ़ें… राजस्थान का सुनील मीणा लॉरेंस गैंग का नया मास्टरमाइंड: फिरौती के लिए बिजनेसमैन को धमकी भरे कॉल, पाकिस्तान से हथियारों की सप्लाई में रोल गैंगस्टर लॉरेंस-रोहित गैंग के सदस्य को अमेरिका में पकड़ा:4 साल पहले भागा था विदेश; बदमाशों को पैसे-फर्जी दस्तावेज उपलब्ध कराता था क्या लॉरेंस और उसका भाई अनमोल आतंकियों से मिले हैं?: NIA के सामने उगल सकते हैं बड़े राज, पाकिस्तान से ड्रोन से हथियार मंगवाने की आशंका
पुलिस ने लॉरेंस गैंग के 91 लाख पकड़े हैं। अंदेशा है कि ये रुपए जोधपुर से रंगदारी की रकम के रूप में वसूले गए थे। इसके बाद इन्हें लॉरेंस की गैंग के 3 बदमाश गंगानगर के रायसिंहनगर ला रहे थे। इसी बीच पुलिस ने नाकाबंदी में एक सफेद रंग की इनोवा को रुकवाया तो उसमें बैठे 3 बदमाश कोई जवाब नहीं दे सके। सख्ती से पूछताछ हुई तो लॉरेंस के वसूली नेटवर्क का खुलासा हुआ है। यह गैंग जोधपुर से पंजाब तक विदेश बैठे सदस्यों के जरिए धमकियां देकर करोड़ों की फिरौती वसूलते थे। इसके बाद इसके बाद एक के बाद एक वसूली नेटवर्क के 4 और गुर्गे गिरफ्तार किए गए हैं। सभी 7 को श्रीगंगानगर के रायसिंहनगर थाने में लाया गया है और विभिन्न जांच एजेंसियां पूछताछ कर रही है। ऐसे में, थाने में आम फरियादियों को बाहर से ही सुना जा रहा है। पूरे मामले का खुलासा श्रीगंगानगर एसपी डॉ. अमृता दुहन कुछ ही देर में करेंगी। 1 करोड़ की रकम लाई जा रही थी जांच में सामने आया है कि जोधपुर से करीब 1 करोड़ रुपए की रंगदारी की रकम रायसिंहनगर लाई जा रही थी। इसी बीच पुलिस ने नाकाबंदी के दौरान रायसिंहनगर क्षेत्र में इनोवा से 91 लाख रुपए नकद बरामद कर लिए। कार में सवार तीन युवक सिर्फ कैरियर थे, जिन्हें यह रकम रायसिंहनगर के पास एक गांव में किसी युवक तक पहुंचानी थी। यह रकम आगे पंजाब भेजी जानी थी, लेकिन पुलिस की सतर्कता से बड़ा खुलासा हो गया। कार एक टेलर की बताई जा रही पुलिस के मुताबिक, विदेश में बैठे गैंग सदस्य धमकियां दिलवाते थे और रकम वसूलते थे। 29 दिसंबर की रात गश्त के दौरान श्रीविजयनगर रोड पर लग्जरी कार इनोवा रोकी गई। कार शहर के एक टेलर की बताई जा रही है। एएसआई जगतार सिंह के नेतृत्व में टीम ने तीनों युवकों को हिरासत में लिया। युवकों से रकम के स्रोत पर संतोषजनक जवाब नहीं मिला। जांच आगे बढ़ी तो फाजिल्का, जोधपुर, रायसिंहनगर के सावंतसर और कामावास गांव व हनुमानगढ़ के कई संदिग्धों को पकड़ा गया। मंगलवार शाम तक कुल 7 युवक डिटेन किए गए हैं। इनसे पूछताछ में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। रायसिंहनगर थाने में नो एंट्री विभिन्न जिलों के अधिकारी और जांच एजेंसियां मौजूद होने से थाने में आम फरियादी बाहर से ही सुने जा रहे हैं। वहीं लॉरेंस के गुर्गों से पुलिस, आयकर विभाग समेत अन्य एजेंसियां संयुक्त पूछताछ की तैयारी कर रही है। मामले की गंभीरता देखते हुए श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, जोधपुर और बीकानेर के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को इसकी जांच सौंपी गई है। ताकि इस पूरे नेक्सस का खुलासा किया जा सके। लॉरेंस से जुड़ी ये खबरें भी पढ़ें… राजस्थान का सुनील मीणा लॉरेंस गैंग का नया मास्टरमाइंड: फिरौती के लिए बिजनेसमैन को धमकी भरे कॉल, पाकिस्तान से हथियारों की सप्लाई में रोल गैंगस्टर लॉरेंस-रोहित गैंग के सदस्य को अमेरिका में पकड़ा:4 साल पहले भागा था विदेश; बदमाशों को पैसे-फर्जी दस्तावेज उपलब्ध कराता था क्या लॉरेंस और उसका भाई अनमोल आतंकियों से मिले हैं?: NIA के सामने उगल सकते हैं बड़े राज, पाकिस्तान से ड्रोन से हथियार मंगवाने की आशंका