भिखारी बना 'बाहुबली':50 हजारी इनामी दीपक मालसरिया गिरफ्तार, झुंझुनू पुलिस का 'ऑपरेशन भिक्षुक', मंदिर के बाहर भीख मांगते पकड़ा गया बदमाश

झुंझुनू पुलिस ने बहुचर्चित हिस्ट्रीशीटर डेनिश बावरिया हत्याकांड में मुख्य आरोपी दीपक मालसरिया को गिरफ्तार कर लिया है। 50 हजार रुपये का ईनामी यह बदमाश पुलिस की नजरों से बचने के लिए जयपुर में 'खोले के हनुमान जी' मंदिर के सामने भिखारी बनकर फरारी काट रहा था। भिखारी का भेष और सिर मुंडवाकर बदला हुलिया पुलिस अधीक्षक बृजेश ज्योति उपाध्याय ने बताया कि आरोपी दीपक मालसरिया पर गिरफ्तारी का भारी दबाव था। फरारी के दौरान उसके तमाम रास्ते बंद हो चुके थे। नए कानूनों के खौफ के कारण उसके किसी भी मददगार ने उसे शरण नहीं दी, जिससे वह दाने-दाने को मोहताज हो गया। खुद को छिपाने के लिए उसने अपना सिर आधा मुंडवा लिया, फटे-पुराने कपड़े पहने और हाथ में कटोरा लेकर जयपुर, दिल्ली और ऋषिकेश के मंदिरों के बाहर भीख मांगने लगा। वह आम भिखारियों के बीच बैठकर रोटी और चिल्लर मांगकर अपना पेट भर रहा था। दो दिन तक पुलिस ने की 'रेकी' कोतवाली पुलिस की टीम को कांस्टेबल प्रवीण कुमार के जरिए पुख्ता सूचना मिली कि दीपक जयपुर के 'खोले के हनुमान जी' मंदिर के पास देखा गया है। पुलिस ने तत्काल जाल बिछाया। टीम ने दो दिनों तक मंदिर के बाहर आम नागरिक बनकर भिखारियों की रेकी की। जब हुलिया पुख्ता हो गया, तो घेराबंदी कर उसे दस्तयाब कर लिया गया। पूछताछ के बाद उसे आधिकारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया गया है। फिल्मी स्टाइल में किया था हमला घटना 19 अक्टूबर 2025 की रात करीब 9:30 बजे की है। मृतक डेनिश उर्फ नरेश बावरिया अपने दोस्तों के साथ अपनी स्कॉर्पियो गाड़ी में पटाखों का हिसाब कर 3 लाख रुपये लेकर जा रहा था। चूरू बाईपास के पास घात लगाकर बैठे आरोपियों ने खूनी खेल खेला सबसे पहले प्रशांत उर्फ पोखर ने अपनी सफेद कैम्पर से डेनिश की गाड़ी को टक्कर मारी। इसके तुरंत बाद दीपक मालसरिया और मनदीप उर्फ मदीया ने अपनी-अपनी कैम्पर गाड़ियों से डेनिश की गाड़ी को पीछे और साइड से टक्कर मारकर पूरी तरह रोक दिया। आरोपियों ने बंदूक की नोक पर डेनिश को अगवा किया और उसे रसोड़ा गांव के जोहड़ में ले गए। जोहड़ में दीपक मालसरिया, सुनील मेघवाल, हितेश मील और अजय जाट ने लोहे के पाइपों और सरियों से डेनिश के हाथ-पैर और सिर पर तब तक वार किए जब तक वह अधमरा नहीं हो गया। आरोपी डेनिश की सोने की चेन, चांदी की अंगूठी, गाड़ी में रखे 3 लाख रुपये और पटाखे लूटकर उसे मरा हुआ समझकर वहां से भाग निकले। इलाज के दौरान डेनिश ने दम तोड़ दिया। अपराध की दुनिया का पुराना खिलाड़ी गिरफ्तार आरोपी दीपक मालसरिया का लंबा आपराधिक इतिहास है। उसके खिलाफ दर्ज मुख्य मामले इस प्रकार हैं। थाना गोठड़ा: जानलेवा हमला और बीएनएस की विभिन्न धाराएं। थाना कोतवाली: मारपीट और गाली-गलौज के मामले। थाना सदर व नवलगढ़: चोरी और हमले के मामले। थाना गुढ़ा गौड़जी: अपहरण और मारपीट के गंभीर प्रकरण। सराहनीय पुलिस टीम इस सफल ऑपरेशन को अंजाम देने वाली टीम में कोतवाली थानाधिकारी श्रवण कुमार नील, कांस्टेबल प्रवीण कुमार (विशेष भूमिका), कांस्टेबल रूपेन्द्र ओला और कांस्टेबल चेनाराम शामिल थे।

Dec 21, 2025 - 14:18
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भिखारी बना 'बाहुबली':50 हजारी इनामी दीपक मालसरिया गिरफ्तार, झुंझुनू पुलिस का 'ऑपरेशन भिक्षुक', मंदिर के बाहर भीख मांगते पकड़ा गया बदमाश
झुंझुनू पुलिस ने बहुचर्चित हिस्ट्रीशीटर डेनिश बावरिया हत्याकांड में मुख्य आरोपी दीपक मालसरिया को गिरफ्तार कर लिया है। 50 हजार रुपये का ईनामी यह बदमाश पुलिस की नजरों से बचने के लिए जयपुर में 'खोले के हनुमान जी' मंदिर के सामने भिखारी बनकर फरारी काट रहा था। भिखारी का भेष और सिर मुंडवाकर बदला हुलिया पुलिस अधीक्षक बृजेश ज्योति उपाध्याय ने बताया कि आरोपी दीपक मालसरिया पर गिरफ्तारी का भारी दबाव था। फरारी के दौरान उसके तमाम रास्ते बंद हो चुके थे। नए कानूनों के खौफ के कारण उसके किसी भी मददगार ने उसे शरण नहीं दी, जिससे वह दाने-दाने को मोहताज हो गया। खुद को छिपाने के लिए उसने अपना सिर आधा मुंडवा लिया, फटे-पुराने कपड़े पहने और हाथ में कटोरा लेकर जयपुर, दिल्ली और ऋषिकेश के मंदिरों के बाहर भीख मांगने लगा। वह आम भिखारियों के बीच बैठकर रोटी और चिल्लर मांगकर अपना पेट भर रहा था। दो दिन तक पुलिस ने की 'रेकी' कोतवाली पुलिस की टीम को कांस्टेबल प्रवीण कुमार के जरिए पुख्ता सूचना मिली कि दीपक जयपुर के 'खोले के हनुमान जी' मंदिर के पास देखा गया है। पुलिस ने तत्काल जाल बिछाया। टीम ने दो दिनों तक मंदिर के बाहर आम नागरिक बनकर भिखारियों की रेकी की। जब हुलिया पुख्ता हो गया, तो घेराबंदी कर उसे दस्तयाब कर लिया गया। पूछताछ के बाद उसे आधिकारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया गया है। फिल्मी स्टाइल में किया था हमला घटना 19 अक्टूबर 2025 की रात करीब 9:30 बजे की है। मृतक डेनिश उर्फ नरेश बावरिया अपने दोस्तों के साथ अपनी स्कॉर्पियो गाड़ी में पटाखों का हिसाब कर 3 लाख रुपये लेकर जा रहा था। चूरू बाईपास के पास घात लगाकर बैठे आरोपियों ने खूनी खेल खेला सबसे पहले प्रशांत उर्फ पोखर ने अपनी सफेद कैम्पर से डेनिश की गाड़ी को टक्कर मारी। इसके तुरंत बाद दीपक मालसरिया और मनदीप उर्फ मदीया ने अपनी-अपनी कैम्पर गाड़ियों से डेनिश की गाड़ी को पीछे और साइड से टक्कर मारकर पूरी तरह रोक दिया। आरोपियों ने बंदूक की नोक पर डेनिश को अगवा किया और उसे रसोड़ा गांव के जोहड़ में ले गए। जोहड़ में दीपक मालसरिया, सुनील मेघवाल, हितेश मील और अजय जाट ने लोहे के पाइपों और सरियों से डेनिश के हाथ-पैर और सिर पर तब तक वार किए जब तक वह अधमरा नहीं हो गया। आरोपी डेनिश की सोने की चेन, चांदी की अंगूठी, गाड़ी में रखे 3 लाख रुपये और पटाखे लूटकर उसे मरा हुआ समझकर वहां से भाग निकले। इलाज के दौरान डेनिश ने दम तोड़ दिया। अपराध की दुनिया का पुराना खिलाड़ी गिरफ्तार आरोपी दीपक मालसरिया का लंबा आपराधिक इतिहास है। उसके खिलाफ दर्ज मुख्य मामले इस प्रकार हैं। थाना गोठड़ा: जानलेवा हमला और बीएनएस की विभिन्न धाराएं। थाना कोतवाली: मारपीट और गाली-गलौज के मामले। थाना सदर व नवलगढ़: चोरी और हमले के मामले। थाना गुढ़ा गौड़जी: अपहरण और मारपीट के गंभीर प्रकरण। सराहनीय पुलिस टीम इस सफल ऑपरेशन को अंजाम देने वाली टीम में कोतवाली थानाधिकारी श्रवण कुमार नील, कांस्टेबल प्रवीण कुमार (विशेष भूमिका), कांस्टेबल रूपेन्द्र ओला और कांस्टेबल चेनाराम शामिल थे।