फरीदाबाद के इंटरनेशनल स्टेडियम के लिए 90 करोड़ का इस्टीमेट:डवलप की जाएंगी नई सुविधाएं, जनवरी अंत तक शुरू हो सकता है काम

फरीदाबाद में बन रहा हरियाणा का सबसे बड़ा और ऐतिहासिक राजा नाहर सिंह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम अभी पूरा होने से काफी दूर है। पिछले करीब पांच वर्षों से बंद पड़े इस प्रोजेक्ट को लेकर अब एक बार फिर नई उम्मीद तो जगी है, लेकिन काम शुरू होने में अभी समय लगेगा। नगर निगम फरीदाबाद ने स्टेडियम के अधूरे निर्माण को पूरा करने और नई सुविधाओं के लिए 90 करोड़ रुपए का नया इस्टीमेट तैयार कर सरकार को भेजा है। दावा किया जा रहा है कि जनवरी 2026 के अंत तक स्टेडियम का काम दोबारा शुरू हो सकता है। पांच साल से ठप पड़ा है निर्माण कार्य राजा नाहर सिंह स्टेडियम का निर्माण कार्य पिछले पांच वर्षों से पूरी तरह बंद पड़ा है। साल 2023 में इस प्रोजेक्ट की जिम्मेदारी फरीदाबाद महानगर विकास प्राधिकरण (FMDA) को सौंपी गई थी, लेकिन नगर निगम से एनओसी न मिलने और एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की जांच के चलते एफएमडीए भी काम शुरू नहीं करा सका। इसके बाद अक्टूबर 2025 में सरकार ने स्टेडियम का काम दोबारा नगर निगम को सौंप दिया। अक्टूबर महीने में बडखल विधायक धनेश अद्लखा ने स्टेडियम परिसर में साफ-सफाई का काम शुरू कराया था, लेकिन कुछ ही दिनों बाद यह काम भी बंद हो गया और तब से स्टेडियम में कोई गतिविधि नहीं हो पाई है। जनवरी के अंत में काम शुरू करने का दावा बडखल विधायक धनेश अद्लखा का कहना है कि नगर निगम द्वारा भेजे गए इस्टीमेट को जल्द सरकार की मंजूरी मिल जाएगी। इसके बाद जनवरी 2026 के अंत तक स्टेडियम का निर्माण कार्य फिर से शुरू कर दिया जाएगा। उन्होंने दावा किया कि साल 2026 में फरीदाबाद के लोगों को एक नया और आधुनिक स्टेडियम मिल सकेगा। 1981 में बनाया गया स्टेडियम फरीदाबाद के एनआईटी में बने राजा नाहर सिंह के नाम से किक्रेट खेल स्टेडियम को 1981 में बनाया गया था। उस समय इसमें 25 हजार लोगों के बैठने की व्यवस्था की गई थी। इसके निर्माण की तारीख से लेकर 37 सालों में अभी तक महज 8 इंटरनेशनल मैच ही यहां पर हो पाए हैं। इस स्टेडियम में आखरी मैच साल 2006 में भारत और इंग्लैंड के बीच हुआ था, जो एक दिन का वन-डे मैच था। मनोहर लाल सरकार में बनी योजना स्टेडियम की स्थिति काफी खराब होने के चलते इसे नए सिरे से बनाने की योजना बनाई गई थी। 2015 में तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने स्टेडियम का जीर्णोद्धार करने की घोषणा की थी। जिसे लेकर नगर निगम ने 135 करोड़ रूपए का बजट तैयार किया, लेकिन सरकार ने उसमें से 115 करोड़ रूपए को ही मंजूरी दी। जिसके बाद जनवरी 2019 में स्टेडियम को नई तकनीकी से बनाने का काम शुरू कर दिया गया। साल 2020 तक स्टेडियम का काम ठीक चलता रहा, लेकिन साल के बीच में आकर निमार्ण कर रही कंपनी ने काम बंद कर दिया। सिडनी के ग्राउंड की तर्ज पर बनना था राजा नाहर सिंह स्टेडियम को सिडनी के ग्राउंड की तर्ज पर बनाने के लिए साल 2018 में गुजरात की रणजीत बिल्डकॉन कंपनी को इसका निमार्ण कार्य दिया गया। लेकिन कंपनी ने बजट कम होने का हवाला देकर काम को बंद कर दिया। जिसके बाद साल 2023 में हरियाणा के सीएम नायाब सैनी के सामने एफएमडीए की बैठक में स्टेडियम का मामला उठा। सीएम ने अधिकारियों से काम में देरी होने को लेकर जानकारी ली। जिसके बाद स्टेडियम के निमार्ण की जांच करने के लिए एसीबी को जिम्मेदारी सौंपी गई। दो सालों में एसीबी अपनी जांच पूरी नहीं कर पाई है। जिसके कारण स्टेडियम का काम बंद रहा। FMDA ने 292 करोड़ का प्रोजेक्ट तैयार किया साल 2023 में इस स्टेडियम को एफएमडीए ने टेकओवर कर लिया। लेकिन एसीबी की जांच रिपोर्ट के चलते वह काम शुरू नहीं करा पाए । एफएमडीए ने इसके निमार्ण के लिए 292 करोड़ रूपए का प्रोजेक्ट तैयार किया था। काम शुरू करने से पहले एफएमडीए ने नगर निगम को पत्र लिखकर एनओसी मांगी थी, लेकिन FMDA भी इस काम को शुरू नहीं करा पाई। अब नगर निगम पूरा कराएगा काम सरकार ने अब स्टेडियम के काम को पूरा कराने की जिम्मेदारी फिर से नगर निगम को दे दी गई है। नगर निगम से मिली जानकारी के अनुसार, काम को बीच में छोड़ने वाली गुजरात की रणजीत बिल्डकॉन कंपनी ही इस काम को पूरा करेगी। अब इस पूरे प्रोजेक्ट के लिए 123 करोड़ रूपए मंजूर किए गए । जिसमें से 71 करोड़ रूपए का काम कपंनी इस स्टेडियम के अंदर कर चुकी है।लेकिन अब 90 करोड़ रुपए का इस्टीमेट मंजूरी के लिए सरकार के पास भेजा गया है। बडखल से विधायक धनेश अद्लखा ने बताया कि, स्टेडियम के चारों तरफ तीन फुट चौड़ा नाला बनवाने का काम बढ़ा दिया गया है, ताकि बरसात के मौसम में पानी की निकासी को लेकर किसी प्रकार की कोई समस्या न रहे। पीपीपी के तहत होना था काम हरियाणा सरकार पहले इस काम को पीपीपी (पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप) के तहत कराने की बात कही जा रही थी। जिसमें कई बड़े ग्रुप की एंट्री का अंदाजा लगाया जा रहा था, लेकिन अब इसको रद्द कर दिया गया है। बीजेपी विधायक धनेश अद्लखा ने बताया कि पीपीपी के तहत निमार्ण कराने में सबसे बड़ी समस्या ये थी कि स्टेडियम का कंट्रोल किसी निजी कंपनी के हाथों में चला जाता। जिसमें वह अपने प्लान के मुताबिक काम करता और अपने हिसाब से स्टेडियम को चलाता। जिसमें सबसे बड़ा खतरा ये होता कि अगर लंबे समय तक को बड़ा मैच या आईपीएल के मैच नहीं होते तो वह अपने पैसे को निकालने के लिए स्टेडियम का प्रयोग दूसरे कार्यों के लिए करता। इसके अलावा शहर की एकेडमियों से मनचाहा पैसा वसूला जाता । इन सब बातों को ध्यान में रखते हुए इसको पूरा कराने की जिम्मेदारी नगर निगम को दी गई है। स्टेडियम में ये मिलेंगी सुविधाएं स्टेडियम के निर्माण में नई चीजों को भी जोड़ा गया है। स्टेडियम के साथ ही फुटबॉल मैदान, बैडमिंटन कोर्ट, बॉलीवाल मैदान और स्टेडियम के चारों तरफ साइकिल ट्रैक भी बनाया जाएगा। इसके अलावा यहां ईस्ट, वेस्ट और साउथ स्टैंड का निर्माण किया जाएगा। इसके अलावा स्टेडियम में लगाई गई लाइटों का लैक्स लेबल 1500 से बढ़ाकर तीन हजार मीटर किया जाएगा। स्टैंड ऊपर सीट, फुटवाल मैदान, एथलीट मैदान, स्विमिंग पूल आदि का काम

Dec 28, 2025 - 12:02
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फरीदाबाद के इंटरनेशनल स्टेडियम के लिए 90 करोड़ का इस्टीमेट:डवलप की जाएंगी नई सुविधाएं, जनवरी अंत तक शुरू हो सकता है काम
फरीदाबाद में बन रहा हरियाणा का सबसे बड़ा और ऐतिहासिक राजा नाहर सिंह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम अभी पूरा होने से काफी दूर है। पिछले करीब पांच वर्षों से बंद पड़े इस प्रोजेक्ट को लेकर अब एक बार फिर नई उम्मीद तो जगी है, लेकिन काम शुरू होने में अभी समय लगेगा। नगर निगम फरीदाबाद ने स्टेडियम के अधूरे निर्माण को पूरा करने और नई सुविधाओं के लिए 90 करोड़ रुपए का नया इस्टीमेट तैयार कर सरकार को भेजा है। दावा किया जा रहा है कि जनवरी 2026 के अंत तक स्टेडियम का काम दोबारा शुरू हो सकता है। पांच साल से ठप पड़ा है निर्माण कार्य राजा नाहर सिंह स्टेडियम का निर्माण कार्य पिछले पांच वर्षों से पूरी तरह बंद पड़ा है। साल 2023 में इस प्रोजेक्ट की जिम्मेदारी फरीदाबाद महानगर विकास प्राधिकरण (FMDA) को सौंपी गई थी, लेकिन नगर निगम से एनओसी न मिलने और एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की जांच के चलते एफएमडीए भी काम शुरू नहीं करा सका। इसके बाद अक्टूबर 2025 में सरकार ने स्टेडियम का काम दोबारा नगर निगम को सौंप दिया। अक्टूबर महीने में बडखल विधायक धनेश अद्लखा ने स्टेडियम परिसर में साफ-सफाई का काम शुरू कराया था, लेकिन कुछ ही दिनों बाद यह काम भी बंद हो गया और तब से स्टेडियम में कोई गतिविधि नहीं हो पाई है। जनवरी के अंत में काम शुरू करने का दावा बडखल विधायक धनेश अद्लखा का कहना है कि नगर निगम द्वारा भेजे गए इस्टीमेट को जल्द सरकार की मंजूरी मिल जाएगी। इसके बाद जनवरी 2026 के अंत तक स्टेडियम का निर्माण कार्य फिर से शुरू कर दिया जाएगा। उन्होंने दावा किया कि साल 2026 में फरीदाबाद के लोगों को एक नया और आधुनिक स्टेडियम मिल सकेगा। 1981 में बनाया गया स्टेडियम फरीदाबाद के एनआईटी में बने राजा नाहर सिंह के नाम से किक्रेट खेल स्टेडियम को 1981 में बनाया गया था। उस समय इसमें 25 हजार लोगों के बैठने की व्यवस्था की गई थी। इसके निर्माण की तारीख से लेकर 37 सालों में अभी तक महज 8 इंटरनेशनल मैच ही यहां पर हो पाए हैं। इस स्टेडियम में आखरी मैच साल 2006 में भारत और इंग्लैंड के बीच हुआ था, जो एक दिन का वन-डे मैच था। मनोहर लाल सरकार में बनी योजना स्टेडियम की स्थिति काफी खराब होने के चलते इसे नए सिरे से बनाने की योजना बनाई गई थी। 2015 में तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने स्टेडियम का जीर्णोद्धार करने की घोषणा की थी। जिसे लेकर नगर निगम ने 135 करोड़ रूपए का बजट तैयार किया, लेकिन सरकार ने उसमें से 115 करोड़ रूपए को ही मंजूरी दी। जिसके बाद जनवरी 2019 में स्टेडियम को नई तकनीकी से बनाने का काम शुरू कर दिया गया। साल 2020 तक स्टेडियम का काम ठीक चलता रहा, लेकिन साल के बीच में आकर निमार्ण कर रही कंपनी ने काम बंद कर दिया। सिडनी के ग्राउंड की तर्ज पर बनना था राजा नाहर सिंह स्टेडियम को सिडनी के ग्राउंड की तर्ज पर बनाने के लिए साल 2018 में गुजरात की रणजीत बिल्डकॉन कंपनी को इसका निमार्ण कार्य दिया गया। लेकिन कंपनी ने बजट कम होने का हवाला देकर काम को बंद कर दिया। जिसके बाद साल 2023 में हरियाणा के सीएम नायाब सैनी के सामने एफएमडीए की बैठक में स्टेडियम का मामला उठा। सीएम ने अधिकारियों से काम में देरी होने को लेकर जानकारी ली। जिसके बाद स्टेडियम के निमार्ण की जांच करने के लिए एसीबी को जिम्मेदारी सौंपी गई। दो सालों में एसीबी अपनी जांच पूरी नहीं कर पाई है। जिसके कारण स्टेडियम का काम बंद रहा। FMDA ने 292 करोड़ का प्रोजेक्ट तैयार किया साल 2023 में इस स्टेडियम को एफएमडीए ने टेकओवर कर लिया। लेकिन एसीबी की जांच रिपोर्ट के चलते वह काम शुरू नहीं करा पाए । एफएमडीए ने इसके निमार्ण के लिए 292 करोड़ रूपए का प्रोजेक्ट तैयार किया था। काम शुरू करने से पहले एफएमडीए ने नगर निगम को पत्र लिखकर एनओसी मांगी थी, लेकिन FMDA भी इस काम को शुरू नहीं करा पाई। अब नगर निगम पूरा कराएगा काम सरकार ने अब स्टेडियम के काम को पूरा कराने की जिम्मेदारी फिर से नगर निगम को दे दी गई है। नगर निगम से मिली जानकारी के अनुसार, काम को बीच में छोड़ने वाली गुजरात की रणजीत बिल्डकॉन कंपनी ही इस काम को पूरा करेगी। अब इस पूरे प्रोजेक्ट के लिए 123 करोड़ रूपए मंजूर किए गए । जिसमें से 71 करोड़ रूपए का काम कपंनी इस स्टेडियम के अंदर कर चुकी है।लेकिन अब 90 करोड़ रुपए का इस्टीमेट मंजूरी के लिए सरकार के पास भेजा गया है। बडखल से विधायक धनेश अद्लखा ने बताया कि, स्टेडियम के चारों तरफ तीन फुट चौड़ा नाला बनवाने का काम बढ़ा दिया गया है, ताकि बरसात के मौसम में पानी की निकासी को लेकर किसी प्रकार की कोई समस्या न रहे। पीपीपी के तहत होना था काम हरियाणा सरकार पहले इस काम को पीपीपी (पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप) के तहत कराने की बात कही जा रही थी। जिसमें कई बड़े ग्रुप की एंट्री का अंदाजा लगाया जा रहा था, लेकिन अब इसको रद्द कर दिया गया है। बीजेपी विधायक धनेश अद्लखा ने बताया कि पीपीपी के तहत निमार्ण कराने में सबसे बड़ी समस्या ये थी कि स्टेडियम का कंट्रोल किसी निजी कंपनी के हाथों में चला जाता। जिसमें वह अपने प्लान के मुताबिक काम करता और अपने हिसाब से स्टेडियम को चलाता। जिसमें सबसे बड़ा खतरा ये होता कि अगर लंबे समय तक को बड़ा मैच या आईपीएल के मैच नहीं होते तो वह अपने पैसे को निकालने के लिए स्टेडियम का प्रयोग दूसरे कार्यों के लिए करता। इसके अलावा शहर की एकेडमियों से मनचाहा पैसा वसूला जाता । इन सब बातों को ध्यान में रखते हुए इसको पूरा कराने की जिम्मेदारी नगर निगम को दी गई है। स्टेडियम में ये मिलेंगी सुविधाएं स्टेडियम के निर्माण में नई चीजों को भी जोड़ा गया है। स्टेडियम के साथ ही फुटबॉल मैदान, बैडमिंटन कोर्ट, बॉलीवाल मैदान और स्टेडियम के चारों तरफ साइकिल ट्रैक भी बनाया जाएगा। इसके अलावा यहां ईस्ट, वेस्ट और साउथ स्टैंड का निर्माण किया जाएगा। इसके अलावा स्टेडियम में लगाई गई लाइटों का लैक्स लेबल 1500 से बढ़ाकर तीन हजार मीटर किया जाएगा। स्टैंड ऊपर सीट, फुटवाल मैदान, एथलीट मैदान, स्विमिंग पूल आदि का काम किया जाएगा।