फतेहाबाद में अब चेयरपर्सन का सदस्यों पर पलटवार:पंचायत समिति में राजनीतिक खींचतान बढ़ी; मेंबर्स ने लगाए थे काम नहीं करने के आरोप

फतेहाबाद जिले की भट्‌टू पंचायत समिति इन दिनों राजनीतिक अखाड़ा बन चुकी है। जहां आए दिन कभी चेयरपर्सन तो कभी सदस्य एक-दूसरे पर काम नहीं करवाने के आरोप लगा रहे हैं। सदस्यों द्वारा चेयरपर्सन पर काम नहीं करवाने के आरोपों पर अब चेयरपर्सन ज्योति लूणा ने पलटवार किया है। चेयरपर्सन का दावा है कि सदस्य झूठ बोल रहे हैं, उनके वार्डों में विकास कार्य हुए हैं। चेयरपर्सन ने करवाए गए विकास कार्यों की लिस्ट भी सोशल मीडिया पर डाली है। बता दें कि, भट्‌टू पंचायत समिति की चेयरपर्सन ज्योति लूणा ने गुरुवार को डीसी डॉ.विवेक भारती से मिलकर विकास कार्य शुरू करवाने की मांग की थी। उस दौरान पूर्व विधायक दुड़ाराम पर विकास में बाधा डालने का आरोप लगाया था। इसके बाद शुक्रवार को वाइस चेयरमैन बंसीलाल व 13 सदस्यों ने चेयरपर्सन के खिलाफ डीसी को शिकायत दी थी। चेयरपर्सन ने यह गिनवाए काम चेयरपर्सन का दावा है कि वाइस चेयरमैन बंसीलाल के वार्ड में भी काम करवाए गए हैं। इनमें पार्क बनाने के लिए जमीन देने, देवीलाल पार्क में जनरेटर लगवाने, खेतों में मोगे देने, आरसीसी बैंच रखवाने, सीवर लाइन डलवाने, पार्क में शेड निर्माण जैसे कई विकास कार्य हुए हैं। इसी तरह एक सदस्य अनु के वार्ड के विकास कार्याें की भी लिस्ट डाली है। जिसमें खेतों के लिए 70 मोगे, पार्क के गेट का निर्माण, स्कूल में वाटर कूलर, खेतों के खालों को पक्का करवाने जैसे काम गिनवाए गए हैं। बोली-काम के लिए अधिकारियों से लेकर एमपी-एमएलए तक चक्कर लगाए चेयरपर्सन ज्योति लूणा ने कहा है कि उन्होंने विकास कार्य करवाने के लिए डीडीपीओ, जिला परिषद सीईओ, डीसी, एमएलए, एमपी और मंत्री तक चक्कर लगाए हैं। तब जाकर काम शुरू होने की उम्मीद जगी है। जो लोग यह नहीं चाहते कि एक साथ सारे काम शुरू हों, वो लोग राजनीति कर रहे हैं। जानिए... क्या है चेयरपर्सन और सदस्यों का विवाद दरअसल, साल 2022 में भट्टू पंचायत समिति की चेयरपर्सन ज्योति लूणा और वाइस चेयरमैन बंसीलाल भीगासरा को बनाया गया था। उस समय चेयरपर्सन का परिवार तत्कालीन विधायक दुड़ाराम का समर्थक था। मगर अक्टूबर 2024 में हुए विधानसभा चुनाव में चेयरपर्सन परिवार दुड़ाराम को छोड़कर कांग्रेस प्रत्याशी के समर्थन में उतर गया। इससे दुड़ाराम के साथ उनकी खींचतान हो गई और वह चुनाव हार गए। मगर प्रदेश में सरकार भाजपा की बन गई। इसके बाद चेयरपर्सन की कुर्सी गिराने की भी कोशिश की गई। मगर वह कोशिश सफल नहीं हो सकी। अब भी दुड़ाराम समर्थक सदस्य चेयरपर्सन पर विकास नहीं करवाने का आरोप लगाते नजर आते हैं।

Dec 6, 2025 - 09:55
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फतेहाबाद में अब चेयरपर्सन का सदस्यों पर पलटवार:पंचायत समिति में राजनीतिक खींचतान बढ़ी; मेंबर्स ने लगाए थे काम नहीं करने के आरोप
फतेहाबाद जिले की भट्‌टू पंचायत समिति इन दिनों राजनीतिक अखाड़ा बन चुकी है। जहां आए दिन कभी चेयरपर्सन तो कभी सदस्य एक-दूसरे पर काम नहीं करवाने के आरोप लगा रहे हैं। सदस्यों द्वारा चेयरपर्सन पर काम नहीं करवाने के आरोपों पर अब चेयरपर्सन ज्योति लूणा ने पलटवार किया है। चेयरपर्सन का दावा है कि सदस्य झूठ बोल रहे हैं, उनके वार्डों में विकास कार्य हुए हैं। चेयरपर्सन ने करवाए गए विकास कार्यों की लिस्ट भी सोशल मीडिया पर डाली है। बता दें कि, भट्‌टू पंचायत समिति की चेयरपर्सन ज्योति लूणा ने गुरुवार को डीसी डॉ.विवेक भारती से मिलकर विकास कार्य शुरू करवाने की मांग की थी। उस दौरान पूर्व विधायक दुड़ाराम पर विकास में बाधा डालने का आरोप लगाया था। इसके बाद शुक्रवार को वाइस चेयरमैन बंसीलाल व 13 सदस्यों ने चेयरपर्सन के खिलाफ डीसी को शिकायत दी थी। चेयरपर्सन ने यह गिनवाए काम चेयरपर्सन का दावा है कि वाइस चेयरमैन बंसीलाल के वार्ड में भी काम करवाए गए हैं। इनमें पार्क बनाने के लिए जमीन देने, देवीलाल पार्क में जनरेटर लगवाने, खेतों में मोगे देने, आरसीसी बैंच रखवाने, सीवर लाइन डलवाने, पार्क में शेड निर्माण जैसे कई विकास कार्य हुए हैं। इसी तरह एक सदस्य अनु के वार्ड के विकास कार्याें की भी लिस्ट डाली है। जिसमें खेतों के लिए 70 मोगे, पार्क के गेट का निर्माण, स्कूल में वाटर कूलर, खेतों के खालों को पक्का करवाने जैसे काम गिनवाए गए हैं। बोली-काम के लिए अधिकारियों से लेकर एमपी-एमएलए तक चक्कर लगाए चेयरपर्सन ज्योति लूणा ने कहा है कि उन्होंने विकास कार्य करवाने के लिए डीडीपीओ, जिला परिषद सीईओ, डीसी, एमएलए, एमपी और मंत्री तक चक्कर लगाए हैं। तब जाकर काम शुरू होने की उम्मीद जगी है। जो लोग यह नहीं चाहते कि एक साथ सारे काम शुरू हों, वो लोग राजनीति कर रहे हैं। जानिए... क्या है चेयरपर्सन और सदस्यों का विवाद दरअसल, साल 2022 में भट्टू पंचायत समिति की चेयरपर्सन ज्योति लूणा और वाइस चेयरमैन बंसीलाल भीगासरा को बनाया गया था। उस समय चेयरपर्सन का परिवार तत्कालीन विधायक दुड़ाराम का समर्थक था। मगर अक्टूबर 2024 में हुए विधानसभा चुनाव में चेयरपर्सन परिवार दुड़ाराम को छोड़कर कांग्रेस प्रत्याशी के समर्थन में उतर गया। इससे दुड़ाराम के साथ उनकी खींचतान हो गई और वह चुनाव हार गए। मगर प्रदेश में सरकार भाजपा की बन गई। इसके बाद चेयरपर्सन की कुर्सी गिराने की भी कोशिश की गई। मगर वह कोशिश सफल नहीं हो सकी। अब भी दुड़ाराम समर्थक सदस्य चेयरपर्सन पर विकास नहीं करवाने का आरोप लगाते नजर आते हैं।