जंतर-मंतर पर दिग्विजय चौटाला का विरोध,VIDEO:युवक बोला- हरियाणा में बगावत करते तो ये हाल नहीं होता; इनसो अध्यक्ष पकड़कर दूर ले गए
हरियाणा की जननायक जनता पार्टी (JJP) के युवा प्रदेशाध्यक्ष दिग्विजय चौटाला को दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्र आंदोलन के दौरान विरोध का सामना करना पड़ा। एक युवक ने उनके पास पहुंचकर जमकर खरी-खोटी सुनाई। युवक ने कहा, "अगर आप हरियाणा में बगावत करते तो आज ये हाल नहीं होते।" युवक के विरोध दर्ज कराने पर दिग्विजय चौटाला के साथ मौजूद इनसो के प्रदेशाध्यक्ष दीपक मलिक उसे पकड़कर वहां से दूसरी ओर ले गए। दिग्विजय और युवक के बीच करीब 26 सेकेंड तक बातचीत हुई, जिसका वीडियो भी सामने आया है। दरअसल, दिग्विजय चौटाला 24 जुलाई को अपने समर्थकों के साथ दिल्ली के जंतर-मंतर पहुंचे थे। दिग्विजय का विरोध करने वाला युवक कौन है, उसका पता नहीं चल पाया। पहले ये दो तस्वीरें देखिए… पहले जानिए दोनों के बीच क्या बातचीत हुई… दिग्विजय: कैसे हैं?
युवक: क्या कर रही है बीजेपी, देख रहे हो। दिग्विजय: आज ये…
युवक: आप नहीं मिलते तो ये हाल नहीं होता। इनसो अध्यक्ष: भाई साहब नहीं मिले।
युवक: शुरुआत आपने की, देवीलाल परिवार ने की। आप हरियाणा में बगावत करते तो ये हाल नहीं होता। दिग्विजय: नहीं, नहीं। इसके बाद इनसो अध्यक्ष युवक को पकड़ कर एक तरफ ले जाते हैं। दिग्विजय चौटाला का विरोध क्यों हुआ? 2019 के हरियाणा विधानसभा चुनाव के बाद भाजपा और जजपा ने मिलकर सरकार बनाई, जिसमें दुष्यंत चौटाला उपमुख्यमंत्री बने। 2020-21 के किसान आंदोलन के दौरान जजपा भाजपा सरकार में शामिल रही। किसान संगठनों और विपक्ष ने जजपा को घेरा, लेकिन वह भाजपा के साथ बनी रही। इसी वजह से किसानों और ग्रामीण इलाकों में जजपा का लगातार विरोध हुआ। करीब साढ़े चार साल बाद 12 मार्च 2024 को भाजपा-जजपा गठबंधन टूट गया। इसके बाद भाजपा ने नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में नई सरकार बना ली। जंतर-मंतर पर दिग्विजय चौटाला का विरोध करने वाले युवक ने भी इसी राजनीतिक पृष्ठभूमि का हवाला देते हुए कहा कि अगर जजपा ने भाजपा के खिलाफ बगावत की होती, तो आज यह स्थिति नहीं होती। दिग्विजय बोले- मुझे उकसाने की कोशिश कर रहा था दैनिक भास्कर से बातचीत में दिग्विजय चौटाला ने कहा, “युवाओं ने अपने हकों की लड़ाई जीती है। हमने उनका समर्थन करते हुए उनके साथ खड़े रहे। वहां एक युवक मुझे उकसाने (प्रोवोक) की कोशिश कर रहा था, लेकिन मैं पीछे हट गया। वह जिस मुद्दे पर बात करना चाहता था, उसका वहां के आंदोलन से कोई संबंध नहीं था। मुझे लगता है कि वह किसी न किसी राजनीतिक पार्टी से जुड़ा हुआ होगा, तभी वह वहां ऐसी बातें कर रहा था।” दिग्विजय चौटाला ने कहा, "इनेलो के लोग इस वीडियो को ज्यादा शेयर कर रहे हैं। उन्हें यह बात हजम नहीं हो रही है। हालांकि, इन चीजों से हमें कोई फर्क नहीं पड़ता। हम युवाओं के मुद्दों को लेकर आगे भी उनके साथ मजबूती से खड़े रहेंगे।"
हरियाणा की जननायक जनता पार्टी (JJP) के युवा प्रदेशाध्यक्ष दिग्विजय चौटाला को दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्र आंदोलन के दौरान विरोध का सामना करना पड़ा। एक युवक ने उनके पास पहुंचकर जमकर खरी-खोटी सुनाई। युवक ने कहा, "अगर आप हरियाणा में बगावत करते तो आज ये हाल नहीं होते।" युवक के विरोध दर्ज कराने पर दिग्विजय चौटाला के साथ मौजूद इनसो के प्रदेशाध्यक्ष दीपक मलिक उसे पकड़कर वहां से दूसरी ओर ले गए। दिग्विजय और युवक के बीच करीब 26 सेकेंड तक बातचीत हुई, जिसका वीडियो भी सामने आया है। दरअसल, दिग्विजय चौटाला 24 जुलाई को अपने समर्थकों के साथ दिल्ली के जंतर-मंतर पहुंचे थे। दिग्विजय का विरोध करने वाला युवक कौन है, उसका पता नहीं चल पाया। पहले ये दो तस्वीरें देखिए… पहले जानिए दोनों के बीच क्या बातचीत हुई… दिग्विजय: कैसे हैं?
युवक: क्या कर रही है बीजेपी, देख रहे हो। दिग्विजय: आज ये…
युवक: आप नहीं मिलते तो ये हाल नहीं होता। इनसो अध्यक्ष: भाई साहब नहीं मिले।
युवक: शुरुआत आपने की, देवीलाल परिवार ने की। आप हरियाणा में बगावत करते तो ये हाल नहीं होता। दिग्विजय: नहीं, नहीं। इसके बाद इनसो अध्यक्ष युवक को पकड़ कर एक तरफ ले जाते हैं। दिग्विजय चौटाला का विरोध क्यों हुआ? 2019 के हरियाणा विधानसभा चुनाव के बाद भाजपा और जजपा ने मिलकर सरकार बनाई, जिसमें दुष्यंत चौटाला उपमुख्यमंत्री बने। 2020-21 के किसान आंदोलन के दौरान जजपा भाजपा सरकार में शामिल रही। किसान संगठनों और विपक्ष ने जजपा को घेरा, लेकिन वह भाजपा के साथ बनी रही। इसी वजह से किसानों और ग्रामीण इलाकों में जजपा का लगातार विरोध हुआ। करीब साढ़े चार साल बाद 12 मार्च 2024 को भाजपा-जजपा गठबंधन टूट गया। इसके बाद भाजपा ने नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में नई सरकार बना ली। जंतर-मंतर पर दिग्विजय चौटाला का विरोध करने वाले युवक ने भी इसी राजनीतिक पृष्ठभूमि का हवाला देते हुए कहा कि अगर जजपा ने भाजपा के खिलाफ बगावत की होती, तो आज यह स्थिति नहीं होती। दिग्विजय बोले- मुझे उकसाने की कोशिश कर रहा था दैनिक भास्कर से बातचीत में दिग्विजय चौटाला ने कहा, “युवाओं ने अपने हकों की लड़ाई जीती है। हमने उनका समर्थन करते हुए उनके साथ खड़े रहे। वहां एक युवक मुझे उकसाने (प्रोवोक) की कोशिश कर रहा था, लेकिन मैं पीछे हट गया। वह जिस मुद्दे पर बात करना चाहता था, उसका वहां के आंदोलन से कोई संबंध नहीं था। मुझे लगता है कि वह किसी न किसी राजनीतिक पार्टी से जुड़ा हुआ होगा, तभी वह वहां ऐसी बातें कर रहा था।” दिग्विजय चौटाला ने कहा, "इनेलो के लोग इस वीडियो को ज्यादा शेयर कर रहे हैं। उन्हें यह बात हजम नहीं हो रही है। हालांकि, इन चीजों से हमें कोई फर्क नहीं पड़ता। हम युवाओं के मुद्दों को लेकर आगे भी उनके साथ मजबूती से खड़े रहेंगे।"