गडकरी बोले- अब स्लीपर बस भी कंपनियां बनाएंगी:पिछले 6 महीने में आग लगने की 6 बड़ी घटनाओं में 145 लोगों की जान गईं

केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा है कि अब स्लीपर बसों का निर्माण केवल ऑटोमोबाइल कंपनियां या सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त संस्थान ही कर सकेंगे। गुरुवार को उन्होंने कहा कि मौजूदा स्लीपर बसों को भी नए सुरक्षा मानकों के साथ अपडेट करना होगा। ये फैसला स्लीपर कोच बसों में लगातार बढ़ती आग की घटनाओं पर लगाम लगाने के लिए लिया गया है। गडकरी ने बताया कि पहले से चल रही स्लीपर कोच बसों में फायर डिटेक्शन सिस्टम, आपातकालीन निकास (हैमर सहित), इमरजेंसी लाइटिंग और ड्राइवर ड्रोजीनेस (नींद आने की चेतावनी) इंडिकेटर लगाना अनिवार्य होगा। उन्होंने कहा कि बीते 6 महीनों में स्लीपर कोच बसों से जुड़े आग लगने के 6 बड़े हादसे सामने आए हैं, जिनमें 145 लोगों की जान गई। गडकरी बोले- बसों में आग लगने कारण एक जैसी खामियां बस बॉडी कोड AIS-052 एक अनिवार्य मानक केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारत का बस बॉडी कोड AIS-052 एक अनिवार्य मानक है, जो देश में बनने वाली सभी बस बॉडी के लिए सुरक्षा, संरचना और डिजाइन से जुड़े मानक तय करता है। इस कोड को पहले से असंगठित रहे बस बॉडी-बिल्डिंग सेक्टर को कंट्रोल करने, यात्रियों और चालकों की सुरक्षा बढ़ाने और बस कोच प्रोडक्शन में समानता लाने के लिए लागू किया गया था। गडकरी ने कहा कि मिनिस्ट्री ऑफ रोड ट्रांसपोर्ट एंड हाईवेज ने संशोधित बस बॉडी कोड को 1 सितंबर 2025 से लागू कर दिया है, ताकि सड़क परिवहन में सुरक्षा मानकों को और सख्त किया जा सके। अब जानिए क्या होता है AIS-052 AIS-052 भारत में बसों के बॉडी डिजाइन और अनुमोदन (Bus Body Design and Approval) के लिए एक औद्योगिक मानक (Code of Practice) है। यह मानक ऑटोमोटिव इंडस्ट्री स्टैंडर्ड (Automotive Industry Standard) के रूप में Automotive Research Association of India (ARAI) द्वारा Central Motor Vehicles Rules (CMVR) के तहत जारी किया गया है। इसे बस निर्माता, बॉडी बिल्डर तथा परिवहन प्राधिकरणों को अनिवार्य तौर पर लागू करना होता है। इसका मोटिव है… इसमें क्या शामिल है? AIS-052 किस पर लागू होता है? यह मानक सभी बस बॉडीज पर लागू होता है चाहे जब भी कोई बस डिजाइन या सुधारी जाती है। इसमें सिटी बस, इंटरसिटी कोच, स्कूल बस या अन्य यात्री बसें शामिल हैं। बस में आग लगने के 5 हादसे... 18 दिसंबर 2025: देहरादून में 40 छात्रों से भरी बस में आग उत्तराखंड के देहरादून में गुरुवार को 40 छात्रों से भरी बस में आग लग गई। धुआं निकलता देख तुंरत ड्राइवर ने गाड़ी रोकी और बच्चों को नीचे उतारा। जानकारी के मुताबिक, बच्चे तमिलनाडु से उत्तराखंड टूर पर आए थे। हादसा शिमला बाइपास रोड पर हुआ। पूरी खबर पढ़ें... 16 दिसंबर 2025: मथुरा में 8 बसें- 3 कारें टकराईं, 13 जिंदा जले मथुरा में यमुना एक्सप्रेस-वे पर कोहरे के चलते 8 बसें और 3 कारें भिड़ गईं। टक्कर होते ही गाड़ियों में आग लग गई। भाजपा नेता समेत 13 लोगों की जलकर मौत हो गई। 70 लोग घायल हुए। बसों में कटे हुए अंग मिले थे। पुलिस इन्हें 17 पॉलिथीन बैग में भरकर ले गई। पूरी खबर पढ़ें... 28 अक्टूबर 2025: जयपुर- हाईटेंशन लाइन से बस में आग जयपुर में 28 अक्टूबर को एक बस हाईटेंशन लाइन से टकरा गई थी। बस में करंट आ गया, जिसके बाद आग लग गई। हादसे में उत्तर प्रदेश के रहने वाले 2 लोगों की मौत हो गई, 10 मजदूर झुलस गए। बस के ऊपर सिलेंडर भी थे, जिनमें से एक में विस्फोट हुआ। पूरी खबर पढ़ें... 24 अक्टूबर 2025: आंध्र प्रदेश में चलती बस में आग, 20 जिंदा जले आंध्र प्रदेश के कुर्नूल में चिन्नाटेकुर के पास 24 अक्टूबर को एक प्राइवेट बस में आग लग गई थी। न्यूज एजेंसी ANI के मुताबिक हादसे में 20 यात्री जिंदा जल गए थे। कुर्नूल कलेक्टर के मुताबिक घटना 24 अक्टूबर को सुबह लगभग 3:30 बजे हुई। पूरी खबर पढ़ें... 14 अक्टूबर : राजस्थान में AC बस में आग, 20 यात्री जिंदा जले राजस्थान के जैसलमेर में जैसलमेर-जोधपुर हाईवे पर 14 अक्टूबर को दोपहर 3.30 बजे चलती एसी स्लीपर बस में आग लग गई थी। इस हादसे में 20 यात्रियों की जिंदा जलने से मौत हो गई थी। पूरी खबर पढ़ें…

Jan 9, 2026 - 11:51
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गडकरी बोले- अब स्लीपर बस भी कंपनियां बनाएंगी:पिछले 6 महीने में आग लगने की 6 बड़ी घटनाओं में 145 लोगों की जान गईं
केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा है कि अब स्लीपर बसों का निर्माण केवल ऑटोमोबाइल कंपनियां या सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त संस्थान ही कर सकेंगे। गुरुवार को उन्होंने कहा कि मौजूदा स्लीपर बसों को भी नए सुरक्षा मानकों के साथ अपडेट करना होगा। ये फैसला स्लीपर कोच बसों में लगातार बढ़ती आग की घटनाओं पर लगाम लगाने के लिए लिया गया है। गडकरी ने बताया कि पहले से चल रही स्लीपर कोच बसों में फायर डिटेक्शन सिस्टम, आपातकालीन निकास (हैमर सहित), इमरजेंसी लाइटिंग और ड्राइवर ड्रोजीनेस (नींद आने की चेतावनी) इंडिकेटर लगाना अनिवार्य होगा। उन्होंने कहा कि बीते 6 महीनों में स्लीपर कोच बसों से जुड़े आग लगने के 6 बड़े हादसे सामने आए हैं, जिनमें 145 लोगों की जान गई। गडकरी बोले- बसों में आग लगने कारण एक जैसी खामियां बस बॉडी कोड AIS-052 एक अनिवार्य मानक केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारत का बस बॉडी कोड AIS-052 एक अनिवार्य मानक है, जो देश में बनने वाली सभी बस बॉडी के लिए सुरक्षा, संरचना और डिजाइन से जुड़े मानक तय करता है। इस कोड को पहले से असंगठित रहे बस बॉडी-बिल्डिंग सेक्टर को कंट्रोल करने, यात्रियों और चालकों की सुरक्षा बढ़ाने और बस कोच प्रोडक्शन में समानता लाने के लिए लागू किया गया था। गडकरी ने कहा कि मिनिस्ट्री ऑफ रोड ट्रांसपोर्ट एंड हाईवेज ने संशोधित बस बॉडी कोड को 1 सितंबर 2025 से लागू कर दिया है, ताकि सड़क परिवहन में सुरक्षा मानकों को और सख्त किया जा सके। अब जानिए क्या होता है AIS-052 AIS-052 भारत में बसों के बॉडी डिजाइन और अनुमोदन (Bus Body Design and Approval) के लिए एक औद्योगिक मानक (Code of Practice) है। यह मानक ऑटोमोटिव इंडस्ट्री स्टैंडर्ड (Automotive Industry Standard) के रूप में Automotive Research Association of India (ARAI) द्वारा Central Motor Vehicles Rules (CMVR) के तहत जारी किया गया है। इसे बस निर्माता, बॉडी बिल्डर तथा परिवहन प्राधिकरणों को अनिवार्य तौर पर लागू करना होता है। इसका मोटिव है… इसमें क्या शामिल है? AIS-052 किस पर लागू होता है? यह मानक सभी बस बॉडीज पर लागू होता है चाहे जब भी कोई बस डिजाइन या सुधारी जाती है। इसमें सिटी बस, इंटरसिटी कोच, स्कूल बस या अन्य यात्री बसें शामिल हैं। बस में आग लगने के 5 हादसे... 18 दिसंबर 2025: देहरादून में 40 छात्रों से भरी बस में आग उत्तराखंड के देहरादून में गुरुवार को 40 छात्रों से भरी बस में आग लग गई। धुआं निकलता देख तुंरत ड्राइवर ने गाड़ी रोकी और बच्चों को नीचे उतारा। जानकारी के मुताबिक, बच्चे तमिलनाडु से उत्तराखंड टूर पर आए थे। हादसा शिमला बाइपास रोड पर हुआ। पूरी खबर पढ़ें... 16 दिसंबर 2025: मथुरा में 8 बसें- 3 कारें टकराईं, 13 जिंदा जले मथुरा में यमुना एक्सप्रेस-वे पर कोहरे के चलते 8 बसें और 3 कारें भिड़ गईं। टक्कर होते ही गाड़ियों में आग लग गई। भाजपा नेता समेत 13 लोगों की जलकर मौत हो गई। 70 लोग घायल हुए। बसों में कटे हुए अंग मिले थे। पुलिस इन्हें 17 पॉलिथीन बैग में भरकर ले गई। पूरी खबर पढ़ें... 28 अक्टूबर 2025: जयपुर- हाईटेंशन लाइन से बस में आग जयपुर में 28 अक्टूबर को एक बस हाईटेंशन लाइन से टकरा गई थी। बस में करंट आ गया, जिसके बाद आग लग गई। हादसे में उत्तर प्रदेश के रहने वाले 2 लोगों की मौत हो गई, 10 मजदूर झुलस गए। बस के ऊपर सिलेंडर भी थे, जिनमें से एक में विस्फोट हुआ। पूरी खबर पढ़ें... 24 अक्टूबर 2025: आंध्र प्रदेश में चलती बस में आग, 20 जिंदा जले आंध्र प्रदेश के कुर्नूल में चिन्नाटेकुर के पास 24 अक्टूबर को एक प्राइवेट बस में आग लग गई थी। न्यूज एजेंसी ANI के मुताबिक हादसे में 20 यात्री जिंदा जल गए थे। कुर्नूल कलेक्टर के मुताबिक घटना 24 अक्टूबर को सुबह लगभग 3:30 बजे हुई। पूरी खबर पढ़ें... 14 अक्टूबर : राजस्थान में AC बस में आग, 20 यात्री जिंदा जले राजस्थान के जैसलमेर में जैसलमेर-जोधपुर हाईवे पर 14 अक्टूबर को दोपहर 3.30 बजे चलती एसी स्लीपर बस में आग लग गई थी। इस हादसे में 20 यात्रियों की जिंदा जलने से मौत हो गई थी। पूरी खबर पढ़ें…