खरवार समाज को जाति प्रमाण पत्र नहीं मिल रहे:मोहनिया-नुआंव ब्लॉक में आदेश के बावजूद शिकायत, डीएम से जांच की मांग
कैमूर में खरवार समाज के लोगों को जाति प्रमाण पत्र जारी करने में आ रही समस्याओं को लेकर युवा खरवार महासभा के एक प्रतिनिधिमंडल ने शनिवार को जिलाधिकारी नितिन कुमार सिंह से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने समाहरणालय पहुंचकर अपनी शिकायत दर्ज कराई। सरकार ने जाति प्रमाण पत्र जारी करने का दिया था आदेश बिहार प्रदेश अध्यक्ष राजेश कुमार ने जिलाधिकारी को बताया कि बिहार सरकार ने हाल ही में सभी जिलों को खरवार समाज के लिए सुचारू रूप से जाति प्रमाण पत्र जारी करने का आदेश दिया था। उन्होंने कहा कि कैमूर जिले के अधिकांश प्रखंडों में इस आदेश का पालन किया जा रहा है, लेकिन मोहनिया और नुआंव ब्लॉक में अभी भी प्रमाण पत्र नहीं बनाए जा रहे हैं। राजेश कुमार ने आरोप लगाया कि मोहनिया के अंचलाधिकारी, जिनके पास नुआंव का भी प्रभार है, जनजाति दर्जे का विरोध कर रहे हैं और प्रमाण पत्र जारी करने से इनकार कर रहे हैं। इस स्थिति के कारण समाज के युवा सरकारी योजनाओं, नौकरियों और आरक्षण के लाभ से वंचित हो रहे हैं। प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी को एक लिखित आवेदन सौंपा, जिसमें मामले की गहन जांच कराने और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की गई। जिलाधिकारी ने आवेदन पर संज्ञान लेते हुए निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया है। खरवार समाज को लंबे समय से अनुसूचित जनजाति के रूप में मान्यता प्राप्त है। सरकार के नए आदेश से प्रमाण पत्र प्रक्रिया आसान होने की उम्मीद थी, लेकिन स्थानीय स्तर पर उत्पन्न बाधाओं के कारण यह समस्या बनी हुई है। समाज के लोग अब इस मामले में शीघ्र समाधान की प्रतीक्षा कर रहे हैं।
Jan 3, 2026 - 22:39
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कैमूर में खरवार समाज के लोगों को जाति प्रमाण पत्र जारी करने में आ रही समस्याओं को लेकर युवा खरवार महासभा के एक प्रतिनिधिमंडल ने शनिवार को जिलाधिकारी नितिन कुमार सिंह से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने समाहरणालय पहुंचकर अपनी शिकायत दर्ज कराई। सरकार ने जाति प्रमाण पत्र जारी करने का दिया था आदेश बिहार प्रदेश अध्यक्ष राजेश कुमार ने जिलाधिकारी को बताया कि बिहार सरकार ने हाल ही में सभी जिलों को खरवार समाज के लिए सुचारू रूप से जाति प्रमाण पत्र जारी करने का आदेश दिया था। उन्होंने कहा कि कैमूर जिले के अधिकांश प्रखंडों में इस आदेश का पालन किया जा रहा है, लेकिन मोहनिया और नुआंव ब्लॉक में अभी भी प्रमाण पत्र नहीं बनाए जा रहे हैं। राजेश कुमार ने आरोप लगाया कि मोहनिया के अंचलाधिकारी, जिनके पास नुआंव का भी प्रभार है, जनजाति दर्जे का विरोध कर रहे हैं और प्रमाण पत्र जारी करने से इनकार कर रहे हैं। इस स्थिति के कारण समाज के युवा सरकारी योजनाओं, नौकरियों और आरक्षण के लाभ से वंचित हो रहे हैं। प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी को एक लिखित आवेदन सौंपा, जिसमें मामले की गहन जांच कराने और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की गई। जिलाधिकारी ने आवेदन पर संज्ञान लेते हुए निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया है। खरवार समाज को लंबे समय से अनुसूचित जनजाति के रूप में मान्यता प्राप्त है। सरकार के नए आदेश से प्रमाण पत्र प्रक्रिया आसान होने की उम्मीद थी, लेकिन स्थानीय स्तर पर उत्पन्न बाधाओं के कारण यह समस्या बनी हुई है। समाज के लोग अब इस मामले में शीघ्र समाधान की प्रतीक्षा कर रहे हैं।
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