अफेयर के विरोध पर मां ने बेटे की हत्या की:खुद भी खाया जहर, अस्पताल में बोली- पति बात करने से रोकता था, उसका वंश मिटा दिया
बेगूसराय में अवैध संबंध के विरोध पर एक महिला ने अपने ही 3 साल के बेटे की हत्या कर दी। महिला ने पहले बेटे को जहर देकर मार डाला और फिर खुद भी आत्महत्या के इरादे से जहर खा लिया। गंभीर हालत में महिला को सदर अस्पताल में एडमिट कराया गया। फिलहाल, महिला की हालत ठीक बताई जा रही है। महिला का पति दूसरे राज्य में मजदूरी करता है। महिला अपने भैंसुर और जेठानी के साथ बेगूसराय में रहती है। पुलिस आरोपी महिला को हिरासत में लेकर उसका इलाज करा रही है। महिला के पूरी तरह से ठीक हो जाने के बाद आगे की कार्रवाई की बात कही। घटना बेगूसराय के लाखो थाना क्षेत्र के सूजा शांति नगर की है। मृत बच्चे की पहचान 3 साल के देवराज के रूप में की गई है, जो आरोपी महिला 21 साल की आशा देवी का इकलौता बेटा था। आशा देवी की जून 2021 में गोरेलाल साह से शादी हुई थी। सबसे पहले जानिए, अस्पताल में एडमिट महिला ने क्या कहा? महिला ने अस्पताल में बताया कि मेरा एक लड़के से अफेयर है। मैं उससे बातचीत करती हूं। पहले जब पति बेगूसराय में था, तो उसने मुझे मेरे प्रेमी से बातचीत करते हुए पकड़ लिया था। इसके बाद पति ने मेरे साथ मारपीट की थी। पति जब नौकरी पर चला गया तो घर में भैंसुर और जेठानी मुझे बार-बार अपने प्रेमी से बात करने से टोकते थे, इसलिए मैंने पति के वंश को खत्म करने का फैसला किया। फिर पहले अपने ही इकलौते बेटे 3 साल के देवराज को जहर खिलाकर मार डाला और फिर खुद भी जहर खा लिया, जब मेरी आंख खुली तो मैंने खुद को अस्पताल में पाया। अब जानिए, महिला की अफेयर की पूरी कहानी जानकारी के मुताबिक, जून 2021 में शादी के बाद आशा देवी अपने ससुराल आ गई। कुछ दिनों बाद ससुराल पक्ष में एक सदस्य की लड़की को घर वालों ने मोबाइल पर बातचीत करते हुए पकड़ लिया। इसके बाद आशा के ससुरालवालों ने लड़की के साथ मारपीट की। कुछ ही महीने में लड़का खोज कर लड़की की शादी करा दी गई। लड़की के साथ जब मारपीट की गई थी, उस वक्त उसका मोबाइल छीनकर आशा देवी को दे दिया गया। इसके बाद आशा देवी लड़की के प्रेमी से बात करने लगी। ये सिलसिला कुछ दिनों तक चला। फिर आशा ने उस लड़के से बातचीत करना छोड़ दिया। चूंकि पति काम के सिलसिले में बाहर रहता था, बच्चा भी नहीं था, तो आशा ने सोशल मीडिया पर अकाउंट बना लिया। सोशल मीडिया यूज करने के दौरान आशा की दोस्ती बलिया के रहने वाले राजाराम कुमार से हो गई। फिर दोनों की चैटिंग और वीडियो कॉल पर बातचीत होने लगी। कुछ दिनों तक छिप-छिपकर बातचीत का सिलसिला चला। लेकिन एक दिन आशा के पति गोरेलाल ने उसे बातचीत करते हुए पकड़ लिया। उस दौरान पहले गोरेलाल ने आशा को समझाया और किसी लड़के से बातचीत नहीं करने की चेतावनी दी। बच्चा हुआ तो कुछ दिन तक ठीक रही, फिर दोबारा बातचीत करने लगी जानकारी के मुताबिक, 2024 की शुरुआत में आशा देवी मां बनी। मां बनने के बाद उसका मन बच्चे में लगने लगा। बच्चा करीब छह महीने का हुआ तो आशा ने फिर से राजाराम कुमार से बातचीत शुरू कर दी। कुछ दिनों तक दोनों की बातें होती रही। करीब तीन महीने पहले गोरेलाल ने आशा को फिर से अपने प्रेमी के साथ बातचीत करते हुए पकड़ लिया। दूसरी बार पकड़े जाने के बाद गोरेलाल ने आशा के साथ जमकर मारपीट की। उसका मोबाइल छीन लिया और कहा कि मुझे तुम्हारा चेहरा ही नहीं देखना है। अगर हमारा बच्चा नहीं रहता तो तुम्हें तुम्हारे मायके भेज देता। इसके बाद गोरेलाल ने कहा कि अब मैं दूसरे राज्य में नौकरी करने जाऊंगा। वहां से पैसे भेज दूंगा, तुम बस मेरे बेटे का ख्याल रखना। इसके बाद गोरेलाल बाहर कमाने चला गया। पति के जाने के बाद आशा ने की-पैड वाला मोबाइल खरीदा अस्पताल में एडमिट आशा के मुताबिक, पति के जाने के बाद मैंने की-पैड वाला मोबाइल खरीद लिया। इसके बाद पति से रात-रातभर बातचीत करने लगी। राजराम कुमार को मैंने कहा था कि तुम मुझे बड़ा वाला मोबाइल खरीदकर दो, लेकिन उसने नहीं दिया। आशा ने कहा कि मंगलवार को मैं अपने प्रेमी राजाराम से बात कर रही थी। इसी दौरान मेरे भैंसुर और जेठानी ने मुझे बात करते हुए सुन लिया। इसके बाद उन्होंने मेरे साथ मारपीट की और मेरे पति गोरेलाल को भी कॉल कर इसकी जानकारी दे दी। पति ने भी घरवालों से कहा कि आप लोगों का जो मन करे, वो आशा के साथ करो। फिर मेरी काफी पिटाई की गई। बोली- पिटाई के बाद मैंने बेटे और खुद को मार डालने की सोची आशा ने कहा कि पति साथ नहीं रहता है और घर के लोग भी हमको ठीक से रहने नहीं दे रहें, तो हमने खुद भी मरने का फैसला फैसला और अपने बेटा को भी मारने का निश्चय किया। घर में चूहा मारने की दवा थी, हमने अपने बेटा देवराज को खिला दिया, उसके बाद खुद भी खा लिया। उसके बाद कैसे अस्पताल पहुंचे, पता नहीं। इस संबंध में सदर-वन डीएसपी आनंद कुमार पांडेय ने बताया कि प्रेमी-प्रेमिका से बात करने या किस मामले को लेकर घटना हुई है। महिला के पति ने मोबाइल ले लिया, किसी लड़के से बात करने से रोकने पर घटना की बात सामने आई है। सूचना मिलते ही डायल-112 की टीम पहुंची और दोनों को अस्पताल में भर्ती कराया। देवराज की मौत हो गई, आशा देवी का इलाज चल रहा है। मामला दर्ज कर जांच-पड़ताल कर रहे हैं।
बेगूसराय में अवैध संबंध के विरोध पर एक महिला ने अपने ही 3 साल के बेटे की हत्या कर दी। महिला ने पहले बेटे को जहर देकर मार डाला और फिर खुद भी आत्महत्या के इरादे से जहर खा लिया। गंभीर हालत में महिला को सदर अस्पताल में एडमिट कराया गया। फिलहाल, महिला की हालत ठीक बताई जा रही है। महिला का पति दूसरे राज्य में मजदूरी करता है। महिला अपने भैंसुर और जेठानी के साथ बेगूसराय में रहती है। पुलिस आरोपी महिला को हिरासत में लेकर उसका इलाज करा रही है। महिला के पूरी तरह से ठीक हो जाने के बाद आगे की कार्रवाई की बात कही। घटना बेगूसराय के लाखो थाना क्षेत्र के सूजा शांति नगर की है। मृत बच्चे की पहचान 3 साल के देवराज के रूप में की गई है, जो आरोपी महिला 21 साल की आशा देवी का इकलौता बेटा था। आशा देवी की जून 2021 में गोरेलाल साह से शादी हुई थी। सबसे पहले जानिए, अस्पताल में एडमिट महिला ने क्या कहा? महिला ने अस्पताल में बताया कि मेरा एक लड़के से अफेयर है। मैं उससे बातचीत करती हूं। पहले जब पति बेगूसराय में था, तो उसने मुझे मेरे प्रेमी से बातचीत करते हुए पकड़ लिया था। इसके बाद पति ने मेरे साथ मारपीट की थी। पति जब नौकरी पर चला गया तो घर में भैंसुर और जेठानी मुझे बार-बार अपने प्रेमी से बात करने से टोकते थे, इसलिए मैंने पति के वंश को खत्म करने का फैसला किया। फिर पहले अपने ही इकलौते बेटे 3 साल के देवराज को जहर खिलाकर मार डाला और फिर खुद भी जहर खा लिया, जब मेरी आंख खुली तो मैंने खुद को अस्पताल में पाया। अब जानिए, महिला की अफेयर की पूरी कहानी जानकारी के मुताबिक, जून 2021 में शादी के बाद आशा देवी अपने ससुराल आ गई। कुछ दिनों बाद ससुराल पक्ष में एक सदस्य की लड़की को घर वालों ने मोबाइल पर बातचीत करते हुए पकड़ लिया। इसके बाद आशा के ससुरालवालों ने लड़की के साथ मारपीट की। कुछ ही महीने में लड़का खोज कर लड़की की शादी करा दी गई। लड़की के साथ जब मारपीट की गई थी, उस वक्त उसका मोबाइल छीनकर आशा देवी को दे दिया गया। इसके बाद आशा देवी लड़की के प्रेमी से बात करने लगी। ये सिलसिला कुछ दिनों तक चला। फिर आशा ने उस लड़के से बातचीत करना छोड़ दिया। चूंकि पति काम के सिलसिले में बाहर रहता था, बच्चा भी नहीं था, तो आशा ने सोशल मीडिया पर अकाउंट बना लिया। सोशल मीडिया यूज करने के दौरान आशा की दोस्ती बलिया के रहने वाले राजाराम कुमार से हो गई। फिर दोनों की चैटिंग और वीडियो कॉल पर बातचीत होने लगी। कुछ दिनों तक छिप-छिपकर बातचीत का सिलसिला चला। लेकिन एक दिन आशा के पति गोरेलाल ने उसे बातचीत करते हुए पकड़ लिया। उस दौरान पहले गोरेलाल ने आशा को समझाया और किसी लड़के से बातचीत नहीं करने की चेतावनी दी। बच्चा हुआ तो कुछ दिन तक ठीक रही, फिर दोबारा बातचीत करने लगी जानकारी के मुताबिक, 2024 की शुरुआत में आशा देवी मां बनी। मां बनने के बाद उसका मन बच्चे में लगने लगा। बच्चा करीब छह महीने का हुआ तो आशा ने फिर से राजाराम कुमार से बातचीत शुरू कर दी। कुछ दिनों तक दोनों की बातें होती रही। करीब तीन महीने पहले गोरेलाल ने आशा को फिर से अपने प्रेमी के साथ बातचीत करते हुए पकड़ लिया। दूसरी बार पकड़े जाने के बाद गोरेलाल ने आशा के साथ जमकर मारपीट की। उसका मोबाइल छीन लिया और कहा कि मुझे तुम्हारा चेहरा ही नहीं देखना है। अगर हमारा बच्चा नहीं रहता तो तुम्हें तुम्हारे मायके भेज देता। इसके बाद गोरेलाल ने कहा कि अब मैं दूसरे राज्य में नौकरी करने जाऊंगा। वहां से पैसे भेज दूंगा, तुम बस मेरे बेटे का ख्याल रखना। इसके बाद गोरेलाल बाहर कमाने चला गया। पति के जाने के बाद आशा ने की-पैड वाला मोबाइल खरीदा अस्पताल में एडमिट आशा के मुताबिक, पति के जाने के बाद मैंने की-पैड वाला मोबाइल खरीद लिया। इसके बाद पति से रात-रातभर बातचीत करने लगी। राजराम कुमार को मैंने कहा था कि तुम मुझे बड़ा वाला मोबाइल खरीदकर दो, लेकिन उसने नहीं दिया। आशा ने कहा कि मंगलवार को मैं अपने प्रेमी राजाराम से बात कर रही थी। इसी दौरान मेरे भैंसुर और जेठानी ने मुझे बात करते हुए सुन लिया। इसके बाद उन्होंने मेरे साथ मारपीट की और मेरे पति गोरेलाल को भी कॉल कर इसकी जानकारी दे दी। पति ने भी घरवालों से कहा कि आप लोगों का जो मन करे, वो आशा के साथ करो। फिर मेरी काफी पिटाई की गई। बोली- पिटाई के बाद मैंने बेटे और खुद को मार डालने की सोची आशा ने कहा कि पति साथ नहीं रहता है और घर के लोग भी हमको ठीक से रहने नहीं दे रहें, तो हमने खुद भी मरने का फैसला फैसला और अपने बेटा को भी मारने का निश्चय किया। घर में चूहा मारने की दवा थी, हमने अपने बेटा देवराज को खिला दिया, उसके बाद खुद भी खा लिया। उसके बाद कैसे अस्पताल पहुंचे, पता नहीं। इस संबंध में सदर-वन डीएसपी आनंद कुमार पांडेय ने बताया कि प्रेमी-प्रेमिका से बात करने या किस मामले को लेकर घटना हुई है। महिला के पति ने मोबाइल ले लिया, किसी लड़के से बात करने से रोकने पर घटना की बात सामने आई है। सूचना मिलते ही डायल-112 की टीम पहुंची और दोनों को अस्पताल में भर्ती कराया। देवराज की मौत हो गई, आशा देवी का इलाज चल रहा है। मामला दर्ज कर जांच-पड़ताल कर रहे हैं।