रेवाड़ी में 4 एकड़ में अवैध कॉलोनी पर चला बुलडोजर:8 डीपीसी, 5 निर्माण ध्वस्त; डीटीपी बोले- अवैध कॉलोनी में न खरीदें प्लॉट
रेवाड़ी जिले के बावल क्षेत्र में शुक्रवार को जिला नगर योजनाकार (डीटीपी) विभाग ने अवैध निर्माणों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की। बावल से रसियावास रोड पर नियंत्रित शहरी क्षेत्र में बिना अनुमति विकसित हो रही अवैध कॉलोनी में बने निर्माण पर बुलडोजर चलाया गया। इस कार्रवाई के तहत चार एकड़ जमीन पर अवैध रूप से विकसित हो रही कॉलोनी में 8 डीपीसी, 5 चारदीवारी, 5 निर्माणाधीन अवैध निर्माण, एक डीलर रूम और कच्चे रोड नेटवर्क को ध्वस्त किया गया। ड्यूटी मजिस्ट्रेट की निगरानी में चला अभियान
यह पूरी कार्रवाई ड्यूटी मजिस्ट्रेट की देखरेख में भारी पुलिस बल की मौजूदगी में की गई। विभाग का उद्देश्य अवैध कब्जों और अनधिकृत विकास को रोकना है, ताकि शहरी विकास को नियमानुसार और व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ाया जा सके। डीटीपी की चेतावनी- अवैध निर्माण पर होगी सख्त कार्रवाई
डीटीपी मनदीप सिंह सिहाग ने आम जनता से अपील की कि वे नियंत्रित या शहरी क्षेत्रों में कोई भी अवैध निर्माण न करें। उन्होंने कहा कि किसी भी निर्माण से पहले सरकार के नियमों के अनुसार अनुमति लेना अनिवार्य है। यदि जिले में कहीं भी अवैध निर्माण पाया गया, तो उसे ध्वस्त कर दिया जाएगा और संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। प्लॉट खरीदने से पहले जांच जरूरी
डीटीपी सिहाग ने बताया कि कुछ प्रॉपर्टी डीलर झूठे सब्जबाग दिखाकर खाली जमीन पर अवैध प्लॉट बेच देते हैं। खरीदारों को तब ठगा हुआ महसूस होता है जब उनके निर्माण पर तोड़फोड़ की कार्रवाई होती है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे किसी भी कॉलोनी में प्लॉट खरीदने से पहले जिला नगर योजनाकार कार्यालय से उसकी वैधता की जांच अवश्य करवाएं, ताकि विभागीय कार्रवाई और आर्थिक नुकसान से बचा जा सके। लगातार जारी रहेगा अभियान
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जिले में अवैध निर्माणों के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। शहरी विकास को कानूनी और सुव्यवस्थित बनाए रखने के लिए आम जनता से सहयोग की अपेक्षा की गई है।
रेवाड़ी जिले के बावल क्षेत्र में शुक्रवार को जिला नगर योजनाकार (डीटीपी) विभाग ने अवैध निर्माणों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की। बावल से रसियावास रोड पर नियंत्रित शहरी क्षेत्र में बिना अनुमति विकसित हो रही अवैध कॉलोनी में बने निर्माण पर बुलडोजर चलाया गया। इस कार्रवाई के तहत चार एकड़ जमीन पर अवैध रूप से विकसित हो रही कॉलोनी में 8 डीपीसी, 5 चारदीवारी, 5 निर्माणाधीन अवैध निर्माण, एक डीलर रूम और कच्चे रोड नेटवर्क को ध्वस्त किया गया। ड्यूटी मजिस्ट्रेट की निगरानी में चला अभियान
यह पूरी कार्रवाई ड्यूटी मजिस्ट्रेट की देखरेख में भारी पुलिस बल की मौजूदगी में की गई। विभाग का उद्देश्य अवैध कब्जों और अनधिकृत विकास को रोकना है, ताकि शहरी विकास को नियमानुसार और व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ाया जा सके। डीटीपी की चेतावनी- अवैध निर्माण पर होगी सख्त कार्रवाई
डीटीपी मनदीप सिंह सिहाग ने आम जनता से अपील की कि वे नियंत्रित या शहरी क्षेत्रों में कोई भी अवैध निर्माण न करें। उन्होंने कहा कि किसी भी निर्माण से पहले सरकार के नियमों के अनुसार अनुमति लेना अनिवार्य है। यदि जिले में कहीं भी अवैध निर्माण पाया गया, तो उसे ध्वस्त कर दिया जाएगा और संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। प्लॉट खरीदने से पहले जांच जरूरी
डीटीपी सिहाग ने बताया कि कुछ प्रॉपर्टी डीलर झूठे सब्जबाग दिखाकर खाली जमीन पर अवैध प्लॉट बेच देते हैं। खरीदारों को तब ठगा हुआ महसूस होता है जब उनके निर्माण पर तोड़फोड़ की कार्रवाई होती है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे किसी भी कॉलोनी में प्लॉट खरीदने से पहले जिला नगर योजनाकार कार्यालय से उसकी वैधता की जांच अवश्य करवाएं, ताकि विभागीय कार्रवाई और आर्थिक नुकसान से बचा जा सके। लगातार जारी रहेगा अभियान
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जिले में अवैध निर्माणों के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। शहरी विकास को कानूनी और सुव्यवस्थित बनाए रखने के लिए आम जनता से सहयोग की अपेक्षा की गई है।