फरीदाबाद पुलिस ने की दिल्ली में रेड:​​​​​​​फर्जी काल सेंटर का भंडाफोड़​​​​​​​, 6 महिलाओं समेत 7 अरेस्ट, क्रेडिट कार्ड के नाम पर ठगी

फरीदाबाद पुलिस की साइबर यूनिट ने एक बड़े साइबर फ्रॉड नेटवर्क का खुलासा करते हुए दिल्ली के मोती नगर इलाके में संचालित फर्जी कॉल सेंटर पर कार्रवाई की है। इस छापेमारी में कॉल सेंटर संचालक समेत सात लोगों को दबोचा गया है, जिनमें छह महिलाएं शामिल हैं। आरोपी खुद को बैंक के क्रेडिट कार्ड विभाग से जुड़ा अधिकारी बताकर लोगों को फोन करते थे और कथित अनिवार्य सर्विस का डर दिखाकर उनसे मोटी रकम ऐंठ लेते थे। पुलिस ने मौके से कई सिम कार्ड और मोबाइल फोन जब्त किए हैं, जिनका इस्तेमाल ठगी के लिए किया जा रहा था। ऐसे हुआ पूरे रैकेट का खुलासा पुलिस प्रवक्ता यशपाल ने बताया कि, साइबर थाना बल्लभगढ़ में दर्ज एक शिकायत के बाद पुलिस इस गिरोह तक पहुंची। शिकायतकर्ता ने बताया कि उसे एक कॉल आई, जिसमें कॉलर ने खुद को एसबीआई क्रेडिट कार्ड विभाग से बताया। कहा गया कि यदि नई सरकारी सर्विस एक्टिव नहीं कराई गई, तो क्रेडिट कार्ड से पैसे कटते रहेंगे। इसी झांसे में लेकर एक लिंक भेजा गया, जिस पर क्लिक कर पीड़ित ने 20 हजार रुपए ट्रांसफर कर दिए। पुलिस ने मोती नगर दिल्ली में की छापेमारी शिकायत के आधार पर साइबर थाना बल्लभगढ़ में मामला दर्ज किया गया। जांच के दौरान पुलिस ने दिल्ली के मोती नगर में छापेमारी कर फर्जी कॉल सेंटर से संचालक अनूप डडवाल सहित सात आरोपितों को गिरफ्तार किया। पुलिस ने आरोपितों के कब्जे से 12 सिम कार्ड और 3 मोबाइल फोन बरामद किए हैं। 2021 से चल रहा था फर्जी कॉल सेंटर जांच में सामने आया कि इस गिरोह का मास्टरमाइंड अनूप डडवाल है, जो मेरठ का रहने वाला है और 2021 से दिल्ली के मोती नगर में किराए के फ्लैट से फर्जी कॉल सेंटर चला रहा था। वह सप्ताह में कुछ दिन दिल्ली आता था और बाकी काम महिलाओं के जरिए चलवाता था। कॉल सेंटर का पूरा सिस्टम फर्जी कॉल सेंटर में काम करने वाली महिलाओं की अलग-अलग जिम्मेदारियां तय थीं। योगेश्वरी टीम लीडर थी, विजया एचआर का काम संभालती थी और नई महिलाओं को ट्रेनिंग देती थी, जबकि साहिन, शशी, आशा और मीनाक्षी कॉलर के तौर पर लोगों को ठगी का शिकार बनाती थीं। पुलिस की जांच में सामने आया है कि आरोपी अनूप बीकॉम, योगेश्वरी बीकॉम व विजया, साहिन, शशी, आशा, मीनाक्षी बीए पास हैं। कॉलर महिलाओं को 20 हजार रुपए महीने की सैलरी दी जाती थी। रोजाना ठगी का टारगेट तय रहता था और ज्यादा लोगों को फंसाने पर अलग से कमीशन भी दिया जाता था। पुलिस कर रही है जांच पुलिस जांच में सामने आया है कि बरामद सिम कार्ड का इस्तेमाल कई अन्य साइबर ठगी मामलों में भी किया गया है। इनमें एक मामला फरीदाबाद के एनआईटी थाने में और दूसरा लखनऊ में दर्ज है।पुलिस ने मुख्य आरोपी अनूप डडवाल और टीम लीडर योगेश्वरी को एक दिन के पुलिस रिमांड पर लिया है, जबकि अन्य महिलाओं को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। पुलिस पूरे नेटवर्क और ठगी की रकम की जांच कर रही है।

Dec 21, 2025 - 14:18
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फरीदाबाद पुलिस ने की दिल्ली में रेड:​​​​​​​फर्जी काल सेंटर का भंडाफोड़​​​​​​​, 6 महिलाओं समेत 7 अरेस्ट, क्रेडिट कार्ड के नाम पर ठगी
फरीदाबाद पुलिस की साइबर यूनिट ने एक बड़े साइबर फ्रॉड नेटवर्क का खुलासा करते हुए दिल्ली के मोती नगर इलाके में संचालित फर्जी कॉल सेंटर पर कार्रवाई की है। इस छापेमारी में कॉल सेंटर संचालक समेत सात लोगों को दबोचा गया है, जिनमें छह महिलाएं शामिल हैं। आरोपी खुद को बैंक के क्रेडिट कार्ड विभाग से जुड़ा अधिकारी बताकर लोगों को फोन करते थे और कथित अनिवार्य सर्विस का डर दिखाकर उनसे मोटी रकम ऐंठ लेते थे। पुलिस ने मौके से कई सिम कार्ड और मोबाइल फोन जब्त किए हैं, जिनका इस्तेमाल ठगी के लिए किया जा रहा था। ऐसे हुआ पूरे रैकेट का खुलासा पुलिस प्रवक्ता यशपाल ने बताया कि, साइबर थाना बल्लभगढ़ में दर्ज एक शिकायत के बाद पुलिस इस गिरोह तक पहुंची। शिकायतकर्ता ने बताया कि उसे एक कॉल आई, जिसमें कॉलर ने खुद को एसबीआई क्रेडिट कार्ड विभाग से बताया। कहा गया कि यदि नई सरकारी सर्विस एक्टिव नहीं कराई गई, तो क्रेडिट कार्ड से पैसे कटते रहेंगे। इसी झांसे में लेकर एक लिंक भेजा गया, जिस पर क्लिक कर पीड़ित ने 20 हजार रुपए ट्रांसफर कर दिए। पुलिस ने मोती नगर दिल्ली में की छापेमारी शिकायत के आधार पर साइबर थाना बल्लभगढ़ में मामला दर्ज किया गया। जांच के दौरान पुलिस ने दिल्ली के मोती नगर में छापेमारी कर फर्जी कॉल सेंटर से संचालक अनूप डडवाल सहित सात आरोपितों को गिरफ्तार किया। पुलिस ने आरोपितों के कब्जे से 12 सिम कार्ड और 3 मोबाइल फोन बरामद किए हैं। 2021 से चल रहा था फर्जी कॉल सेंटर जांच में सामने आया कि इस गिरोह का मास्टरमाइंड अनूप डडवाल है, जो मेरठ का रहने वाला है और 2021 से दिल्ली के मोती नगर में किराए के फ्लैट से फर्जी कॉल सेंटर चला रहा था। वह सप्ताह में कुछ दिन दिल्ली आता था और बाकी काम महिलाओं के जरिए चलवाता था। कॉल सेंटर का पूरा सिस्टम फर्जी कॉल सेंटर में काम करने वाली महिलाओं की अलग-अलग जिम्मेदारियां तय थीं। योगेश्वरी टीम लीडर थी, विजया एचआर का काम संभालती थी और नई महिलाओं को ट्रेनिंग देती थी, जबकि साहिन, शशी, आशा और मीनाक्षी कॉलर के तौर पर लोगों को ठगी का शिकार बनाती थीं। पुलिस की जांच में सामने आया है कि आरोपी अनूप बीकॉम, योगेश्वरी बीकॉम व विजया, साहिन, शशी, आशा, मीनाक्षी बीए पास हैं। कॉलर महिलाओं को 20 हजार रुपए महीने की सैलरी दी जाती थी। रोजाना ठगी का टारगेट तय रहता था और ज्यादा लोगों को फंसाने पर अलग से कमीशन भी दिया जाता था। पुलिस कर रही है जांच पुलिस जांच में सामने आया है कि बरामद सिम कार्ड का इस्तेमाल कई अन्य साइबर ठगी मामलों में भी किया गया है। इनमें एक मामला फरीदाबाद के एनआईटी थाने में और दूसरा लखनऊ में दर्ज है।पुलिस ने मुख्य आरोपी अनूप डडवाल और टीम लीडर योगेश्वरी को एक दिन के पुलिस रिमांड पर लिया है, जबकि अन्य महिलाओं को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। पुलिस पूरे नेटवर्क और ठगी की रकम की जांच कर रही है।