पटना मेट्रो में नौकरी के नाम पर 700 से ठगी:8 लाख रुपए ऐंठे, फर्जी वेबसाइट बनाकर लोगों को झांसे में लेते थे; मास्टमाइंड समेत 3 गिरफ्तार
पटना मेट्रो में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी की गई है। मेट्रो में वैकेंसी निकालकर ठगों ने जालसाजी की है। मामले में मास्टरमाइंड समेत 3 ठगों को पकड़ा गया है। जिनकी पहचान अखिलेश कुमार चौधरी (सुपौल), दिनेश कुमार साव (नवादा) और नवनीत कुमार (मधेपुरा) के रूप में हुई है। अखिलेश मास्टरमाइंड है। इनकी निशानदेही पर अन्य की गिरफ्तारी भी होगी। पुलिस की पूछताछ में तीनों ने बताया कि मेट्रो के नाम पर फर्जी वेबसाइट बनाई थी। इस वेबसाइट के जरिए ऑनलाइन वैकेंसी निकाली गई। ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन फीस के तौर पर 1,187 रुपए लिए गए। 2000 से अधिक अभ्यर्थियों ने अप्लाई किया, लेकिन इनमें से सिर्फ 700 अभ्यर्थियों का चयन किया गया। ये सिर्फ पटना के नहीं, बल्कि पूरे बिहार के रहने वाले हैं। अभी तक करीब 8 लाख रुपए की ठगी का पता चल चुका है। अभी जांच जारी है। करोड़ों रुपए का हेरफेर सामने आ सकता है। 2 साल से कर रहे ठगी ये शातिर करीब 2 साल से ठगी कर रहे हैं। पटना स्थित उर्मिला इंटरप्राइजेज नाम के परीक्षा सेंटर पर जुलाई महीने में एग्जाम कंडक्ट कराए थे। इंटरव्यू भी हुआ था। 700 लोगों में करीब 80 लोगों को ठगों ने इंटरव्यू में फेल कर दिया था। इन्हें कहा गया कि आपलोगों को ट्रेनिंग लेनी होगी। इसके लिए 55,000 रुपए लगेंगे। ट्रेनिंग के लिए गए तो कोई नहीं मिला। वहीं, जिन लोगों ने इंटरव्यू पास किया, उन्हें जॉब के लिए बुलाया गया था, पर जहां उन्हें बुलाया गया, वहां भी कोई नहीं मिला। जिसके बाद उन्हें पता चल गया कि उनके साथ ठगी हुई है। मामले में पटना के जक्कनपुर थाना में 28 और रामकृष्ण नगर थाने में 18 दिसंबर को पीड़ितों ने केस दर्ज कराया था। वेबसाइट ऑपरेट करने के लिए पूरी टीम है पूछताछ में आरोपियों ने बताया है कि उड़ीसा की एक कंपनी से वेबसाइट को ऑपरेट कराते थे। इसके लिए पूरी टीम थी। जो वेबसाइट के अलावे फेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम पर डिजिटल मार्केटिंग भी करती थी। कोई भी जॉब के लिए सोशल साइट्स पर पटना मेट्रो जॉब से सर्च करता था, उनके पास इनकी वेबसाइट के ऐड दिखने लगते थे। जो भी रजिस्ट्रेशन कर लेता था। उसे इंटरव्यू के लिए पटना बुलाते थे। इंटरव्यू में कठिन प्रश्न पूछे जाते हैं इंटरव्यू में जटिल सवाल पूछे जाते थे, फिर बोला जाता था कि आप फेल कर गए, लेकिन एक ऑप्शन आपके पास है, अगर आप एक महीने की ट्रेनिंग डेटा ऑपरेटर, इलेक्ट्रिशियन, फिटर में कर लेते हैं, तो आपकी जॉब पक्की हो जाएगी। जो लोग इसके लिए इच्छुक होते थे, उन्हें इस ट्रेनिंग कोर्स के लिए अलग-अलग फीस लिए जाते थे।
छानबीन की जा रही है ASP सदर अभिनव कुमार ने बताया कि पीड़ित की ओर से जक्कनपुर थाने में शिकायत दर्ज कराई गई थी। इसमें पीड़ित ने बताया था कि पटना मेट्रो के नाम पर साक्षात्कार लिया जा रहा है। जब पुलिस ने वहां पहुंचकर छानबीन की तो 2 लोग इंटरव्यू लेते पाए गए। इनसे पूछताछ के दौरान पूरे नेटवर्क के बारे में पता चला। फिलहाल 3 को अरेस्ट किया गया है। नवनीत कुमार पहले कंप्यूटर सेंटर चलाता था। इसने डिटेल्स में जानकारी दी। अखिलेश कुमार चौधरी को जेल भेज दिया गया है। रिमांड पर लेकर इससे भी पूछताछ की जाएगी।
पटना मेट्रो में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी की गई है। मेट्रो में वैकेंसी निकालकर ठगों ने जालसाजी की है। मामले में मास्टरमाइंड समेत 3 ठगों को पकड़ा गया है। जिनकी पहचान अखिलेश कुमार चौधरी (सुपौल), दिनेश कुमार साव (नवादा) और नवनीत कुमार (मधेपुरा) के रूप में हुई है। अखिलेश मास्टरमाइंड है। इनकी निशानदेही पर अन्य की गिरफ्तारी भी होगी। पुलिस की पूछताछ में तीनों ने बताया कि मेट्रो के नाम पर फर्जी वेबसाइट बनाई थी। इस वेबसाइट के जरिए ऑनलाइन वैकेंसी निकाली गई। ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन फीस के तौर पर 1,187 रुपए लिए गए। 2000 से अधिक अभ्यर्थियों ने अप्लाई किया, लेकिन इनमें से सिर्फ 700 अभ्यर्थियों का चयन किया गया। ये सिर्फ पटना के नहीं, बल्कि पूरे बिहार के रहने वाले हैं। अभी तक करीब 8 लाख रुपए की ठगी का पता चल चुका है। अभी जांच जारी है। करोड़ों रुपए का हेरफेर सामने आ सकता है। 2 साल से कर रहे ठगी ये शातिर करीब 2 साल से ठगी कर रहे हैं। पटना स्थित उर्मिला इंटरप्राइजेज नाम के परीक्षा सेंटर पर जुलाई महीने में एग्जाम कंडक्ट कराए थे। इंटरव्यू भी हुआ था। 700 लोगों में करीब 80 लोगों को ठगों ने इंटरव्यू में फेल कर दिया था। इन्हें कहा गया कि आपलोगों को ट्रेनिंग लेनी होगी। इसके लिए 55,000 रुपए लगेंगे। ट्रेनिंग के लिए गए तो कोई नहीं मिला। वहीं, जिन लोगों ने इंटरव्यू पास किया, उन्हें जॉब के लिए बुलाया गया था, पर जहां उन्हें बुलाया गया, वहां भी कोई नहीं मिला। जिसके बाद उन्हें पता चल गया कि उनके साथ ठगी हुई है। मामले में पटना के जक्कनपुर थाना में 28 और रामकृष्ण नगर थाने में 18 दिसंबर को पीड़ितों ने केस दर्ज कराया था। वेबसाइट ऑपरेट करने के लिए पूरी टीम है पूछताछ में आरोपियों ने बताया है कि उड़ीसा की एक कंपनी से वेबसाइट को ऑपरेट कराते थे। इसके लिए पूरी टीम थी। जो वेबसाइट के अलावे फेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम पर डिजिटल मार्केटिंग भी करती थी। कोई भी जॉब के लिए सोशल साइट्स पर पटना मेट्रो जॉब से सर्च करता था, उनके पास इनकी वेबसाइट के ऐड दिखने लगते थे। जो भी रजिस्ट्रेशन कर लेता था। उसे इंटरव्यू के लिए पटना बुलाते थे। इंटरव्यू में कठिन प्रश्न पूछे जाते हैं इंटरव्यू में जटिल सवाल पूछे जाते थे, फिर बोला जाता था कि आप फेल कर गए, लेकिन एक ऑप्शन आपके पास है, अगर आप एक महीने की ट्रेनिंग डेटा ऑपरेटर, इलेक्ट्रिशियन, फिटर में कर लेते हैं, तो आपकी जॉब पक्की हो जाएगी। जो लोग इसके लिए इच्छुक होते थे, उन्हें इस ट्रेनिंग कोर्स के लिए अलग-अलग फीस लिए जाते थे।
छानबीन की जा रही है ASP सदर अभिनव कुमार ने बताया कि पीड़ित की ओर से जक्कनपुर थाने में शिकायत दर्ज कराई गई थी। इसमें पीड़ित ने बताया था कि पटना मेट्रो के नाम पर साक्षात्कार लिया जा रहा है। जब पुलिस ने वहां पहुंचकर छानबीन की तो 2 लोग इंटरव्यू लेते पाए गए। इनसे पूछताछ के दौरान पूरे नेटवर्क के बारे में पता चला। फिलहाल 3 को अरेस्ट किया गया है। नवनीत कुमार पहले कंप्यूटर सेंटर चलाता था। इसने डिटेल्स में जानकारी दी। अखिलेश कुमार चौधरी को जेल भेज दिया गया है। रिमांड पर लेकर इससे भी पूछताछ की जाएगी।