‘आत्मनिर्भर भारत’ अब अमेरिका निर्भर भारत हो गया':कांग्रेस नेता दीपेंद्र हुड्डा बोले- मजबूत सरकार, एक मजबूर सरकार बन गई
कांग्रेस नेता दीपेंद्र हुड्डा आज पटना पहुंचे थे। कांग्रेस मुख्यालय सदाकत आश्रम में लोकसभा सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि इस सरकार का नारा जो ‘आत्मनिर्भर भारत’ था वह अब लुढ़ककर ‘अमेरिका निर्भर भारत’ हो गया है। अमेरिका से डील करके यह मजबूत सरकार एक मजबूर सरकार बन गई है। इस डील के माध्यम से किसी को सबसे ज्यादा नुकसान किसका हो रहा है और बिहार एक कृषि प्रधान राज्य है। वहीं उन्होंने गलगोटिया विवाद को दुर्भाग्यपूर्ण बताया और कहा कि यह सरकार के लिए एक सांकेतिक बात है कि सरकार अपनी दिशा को लेकर सोचे। सरकार ने भारत के किसानों के हितों की बलि दे डाली उन्होंने कहा कि अमेरिका-भारत व्यापार समझौते में मोदी सरकार ने भारत के किसानों व खेत-खलिहान के हितों की बलि दे डाली। भारत की ऊर्जा सुरक्षा से सरेआम खिलवाड़ किया। भारत की डिजिटल स्वायत्ता व हमारी डेटा प्राईवेसी पर गंभीर सवाल खड़े हो गए। भारतीय हितों की रक्षा में मजबूती से खड़े होने की बजाय, एक मजबूर सरकार ने भारत की संप्रभुता व आत्मनिर्भरता से समझौता कर लिया। मोदी सरकार द्वारा भारतीय हितों की तिलांजलि देने के विभिन्न पहलुओं को परखें गए हैं। अमेरिका ने पड़ोसी देश बांग्लादेश से व्यापार समझौता किया व्यापार समझौते का बड़ा प्रभाव ‘‘कपास’’ पैदा करने वाले किसान पर पड़ेगा। 9 फरवरी, 2026 को अमेरिका ने पड़ोसी देश, बांग्लादेश से व्यापार समझौता किया, जिसमें स्पष्ट तौर से कहा गया कि बांग्लादेश अमेरिकी कपास व धागा आयात कर जो कपड़ा व वस्त्र अमेरिका को निर्यात करेगा, उस पर अमेरिका में जीरो शुल्क लगेगा। इसके विपरीत, भारत जो कपड़ा व वस्त्र का बड़ा निर्यातक है, हमारे निर्यात पर 18 प्रतिशत शुल्क लगेगा। इससे तिरुपुर, सूरत, पानीपत, लुधियाना व पूरे देश के वस्त्र उद्योग पर भी विपरीत असर पड़ेगा। कपास का भारत से बांग्लादेश को निर्यात भी बंद 12 फरवरी, 2026 को वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने सार्वजनिक तौर से देश को बताया कि भारत भी अमेरिका से कपास आयात कर जो कपड़ा वा वस्त्र निर्यात करेगा, उसे भी बांग्लादेश के बराबर राहत मिलेगी। यानी अब अमेरिकी कपास के भारत में निःशुल्क आयात का दरवाजा भी मोदी सरकार ने खोल दिया है। दूसरी ओर, बांग्लादेश भारत से 50 प्रतिशत कपास का आयात करता है। अब कपास का भारत से बांग्लादेश को निर्यात भी बंद हो जाएगा। यह किसान पर डबल मार है।
कांग्रेस नेता दीपेंद्र हुड्डा आज पटना पहुंचे थे। कांग्रेस मुख्यालय सदाकत आश्रम में लोकसभा सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि इस सरकार का नारा जो ‘आत्मनिर्भर भारत’ था वह अब लुढ़ककर ‘अमेरिका निर्भर भारत’ हो गया है। अमेरिका से डील करके यह मजबूत सरकार एक मजबूर सरकार बन गई है। इस डील के माध्यम से किसी को सबसे ज्यादा नुकसान किसका हो रहा है और बिहार एक कृषि प्रधान राज्य है। वहीं उन्होंने गलगोटिया विवाद को दुर्भाग्यपूर्ण बताया और कहा कि यह सरकार के लिए एक सांकेतिक बात है कि सरकार अपनी दिशा को लेकर सोचे। सरकार ने भारत के किसानों के हितों की बलि दे डाली उन्होंने कहा कि अमेरिका-भारत व्यापार समझौते में मोदी सरकार ने भारत के किसानों व खेत-खलिहान के हितों की बलि दे डाली। भारत की ऊर्जा सुरक्षा से सरेआम खिलवाड़ किया। भारत की डिजिटल स्वायत्ता व हमारी डेटा प्राईवेसी पर गंभीर सवाल खड़े हो गए। भारतीय हितों की रक्षा में मजबूती से खड़े होने की बजाय, एक मजबूर सरकार ने भारत की संप्रभुता व आत्मनिर्भरता से समझौता कर लिया। मोदी सरकार द्वारा भारतीय हितों की तिलांजलि देने के विभिन्न पहलुओं को परखें गए हैं। अमेरिका ने पड़ोसी देश बांग्लादेश से व्यापार समझौता किया व्यापार समझौते का बड़ा प्रभाव ‘‘कपास’’ पैदा करने वाले किसान पर पड़ेगा। 9 फरवरी, 2026 को अमेरिका ने पड़ोसी देश, बांग्लादेश से व्यापार समझौता किया, जिसमें स्पष्ट तौर से कहा गया कि बांग्लादेश अमेरिकी कपास व धागा आयात कर जो कपड़ा व वस्त्र अमेरिका को निर्यात करेगा, उस पर अमेरिका में जीरो शुल्क लगेगा। इसके विपरीत, भारत जो कपड़ा व वस्त्र का बड़ा निर्यातक है, हमारे निर्यात पर 18 प्रतिशत शुल्क लगेगा। इससे तिरुपुर, सूरत, पानीपत, लुधियाना व पूरे देश के वस्त्र उद्योग पर भी विपरीत असर पड़ेगा। कपास का भारत से बांग्लादेश को निर्यात भी बंद 12 फरवरी, 2026 को वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने सार्वजनिक तौर से देश को बताया कि भारत भी अमेरिका से कपास आयात कर जो कपड़ा वा वस्त्र निर्यात करेगा, उसे भी बांग्लादेश के बराबर राहत मिलेगी। यानी अब अमेरिकी कपास के भारत में निःशुल्क आयात का दरवाजा भी मोदी सरकार ने खोल दिया है। दूसरी ओर, बांग्लादेश भारत से 50 प्रतिशत कपास का आयात करता है। अब कपास का भारत से बांग्लादेश को निर्यात भी बंद हो जाएगा। यह किसान पर डबल मार है।