अलाव की चिंगारी से झोपड़ी में आग, वृद्ध की मौत:गोपालगंज में इलाज के दौरान 80 वर्षीय व्यक्ति ने दम तोड़ा
गोपालगंज के महम्मदपुर थाना क्षेत्र के अमरपुरा टोला लक्ष्मणपुर गांव में अलाव की चिंगारी से एक झोपड़ी में आग लग गई। इस घटना में झोपड़ी में सो रहे 80 वर्षीय वृद्ध बच्चन महतो गंभीर रूप से झुलस गए, जिनकी इलाज के दौरान मौत हो गई। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए मॉडल अस्पताल भेजकर मामले की जांच शुरू कर दी है। अलाव का सहारा बन रहा काल यह घटना कड़ाके की ठंड के बीच हुई है, जब लोग ठंड से बचने के लिए अलाव का सहारा ले रहे हैं। हालांकि, कई बार ये अलाव बड़े हादसों का कारण बन जाते हैं। जानकारी के अनुसार, बच्चन महतो अपने झोपड़ीनुमा घर में खाना खाकर सो गए थे। उनके घर के पास कुछ लोग अलाव जला रहे थे। इसी दौरान अलाव से निकली एक चिंगारी ने झोपड़ी को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे देखते ही देखते आग फैल गई। लोगों ने मशक्कत के बाद पाया आग पर काबू आग लगने के बाद आसपास के लोग और परिवार के सदस्य मौके पर पहुंचे और आग बुझाने का प्रयास किया। काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। तब तक झोपड़ी के भीतर सो रहे बच्चन महतो बुरी तरह झुलस चुके थे। स्थानीय लोगों की मदद से उन्हें झोपड़ी से बाहर निकाला गया और इलाज के लिए मॉडल अस्पताल ले जाया गया। मॉडल अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में उनका इलाज किया गया, लेकिन गंभीर चोटों के कारण इलाज के दौरान ही उनकी मौत हो गई।
Dec 30, 2025 - 18:08
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गोपालगंज के महम्मदपुर थाना क्षेत्र के अमरपुरा टोला लक्ष्मणपुर गांव में अलाव की चिंगारी से एक झोपड़ी में आग लग गई। इस घटना में झोपड़ी में सो रहे 80 वर्षीय वृद्ध बच्चन महतो गंभीर रूप से झुलस गए, जिनकी इलाज के दौरान मौत हो गई। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए मॉडल अस्पताल भेजकर मामले की जांच शुरू कर दी है। अलाव का सहारा बन रहा काल यह घटना कड़ाके की ठंड के बीच हुई है, जब लोग ठंड से बचने के लिए अलाव का सहारा ले रहे हैं। हालांकि, कई बार ये अलाव बड़े हादसों का कारण बन जाते हैं। जानकारी के अनुसार, बच्चन महतो अपने झोपड़ीनुमा घर में खाना खाकर सो गए थे। उनके घर के पास कुछ लोग अलाव जला रहे थे। इसी दौरान अलाव से निकली एक चिंगारी ने झोपड़ी को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे देखते ही देखते आग फैल गई। लोगों ने मशक्कत के बाद पाया आग पर काबू आग लगने के बाद आसपास के लोग और परिवार के सदस्य मौके पर पहुंचे और आग बुझाने का प्रयास किया। काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। तब तक झोपड़ी के भीतर सो रहे बच्चन महतो बुरी तरह झुलस चुके थे। स्थानीय लोगों की मदद से उन्हें झोपड़ी से बाहर निकाला गया और इलाज के लिए मॉडल अस्पताल ले जाया गया। मॉडल अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में उनका इलाज किया गया, लेकिन गंभीर चोटों के कारण इलाज के दौरान ही उनकी मौत हो गई।
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