सराय मोड़ डिवाइडर की अब तक रंगाई नहीं:सीवान में DM के आदेश को नगर परिषद ने नहीं माना, दुर्घटनाओं का खतरा बरकरार

सीवान शहर के स्टेशन रोड स्थित सराय मोड़ के समीप बना डिवाइडर इन दिनों आमजन के लिए जानलेवा साबित हो रहा है। आए दिन वाहन इस डिवाइडर से टकराकर क्षतिग्रस्त हो रहे हैं, बावजूद इसके जिम्मेदारों की नींद अब तक नहीं खुली है। हाल ही में एक ट्रक के पलटने की घटना के बाद जिला पदाधिकारी ने 21 दिसंबर को सख्त आदेश जारी करते हुए सड़क सुरक्षा निधि से 3 लाख रुपए नगर परिषद को आवंटित किए थे। आदेश में स्पष्ट रूप से कहा गया था कि शहर में बने सभी डिवाइडरों की रंगाई कराई जाए और सोलर से चलने वाले रिफ्लेक्टर लगाए जाएं, ताकि कोहरे के दौरान सड़क दुर्घटनाओं को रोका जा सके। जिला पदाधिकारी ने इस कार्य को हर हाल में तीन दिनों के भीतर पूरा करने का निर्देश दिया था। लेकिन आदेश के आठ दिन बीत जाने के बाद जब दैनिक भास्कर के संवाददाता ने शहर के विभिन्न डिवाइडरों, विशेषकर सराय मोड़ के खतरनाक डिवाइडर का जायजा लिया, तो सच्चाई सामने आ गई। न तो डिवाइडर की रंगाई हुई है और न ही मानक के अनुरूप रिफ्लेक्टर लगाए गए हैं। कहीं-कहीं सिर्फ औपचारिकता निभाने के लिए रिफ्लेक्टर लगाए गए हैं, जो वाहन की रोशनी में भी ठीक से चमक नहीं रहे। जिला पदाधिकारी के आदेश की अवहेलना कर रही नगर परिषद स्थानीय लोगों का कहना है कि नगर परिषद खुलेआम जिला पदाधिकारी के आदेश की अवहेलना कर रही है। यह पहला मौका नहीं है जब नगर परिषद पर इस तरह की लापरवाही के आरोप लगे हों। इससे पहले भी डिवाइडर की रंगाई, रिफ्लेक्टर लगाने और प्लास्टिक डिवाइडर के नाम पर घोटालों को लेकर नगर परिषद सुर्खियों में रह चुकी है। तेजी से घटना के 24 घंटे के भीतर आदेश जारी हुआ स्थानीय नागरिकों ने बताया कि नए जिला पदाधिकारी से उन्हें काफी उम्मीदें थीं। जिस तेजी से घटना के 24 घंटे के भीतर आदेश जारी हुआ, उससे लगा था कि अब सराय मोड़ पर दुर्घटनाओं पर रोक लगेगी और नगर परिषद इस बार जिम्मेदारी से काम करेगी। लेकिन हालात जस के तस बने हुए हैं। लोगों का कहना है कि अब वे भगवान भरोसे हैं और ऐसा प्रतीत होता है कि किसी बड़ी दुर्घटना के बाद ही प्रशासन हरकत में आएगा।

Dec 29, 2025 - 12:59
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सराय मोड़ डिवाइडर की अब तक रंगाई नहीं:सीवान में DM के आदेश को नगर परिषद ने नहीं माना, दुर्घटनाओं का खतरा बरकरार
सीवान शहर के स्टेशन रोड स्थित सराय मोड़ के समीप बना डिवाइडर इन दिनों आमजन के लिए जानलेवा साबित हो रहा है। आए दिन वाहन इस डिवाइडर से टकराकर क्षतिग्रस्त हो रहे हैं, बावजूद इसके जिम्मेदारों की नींद अब तक नहीं खुली है। हाल ही में एक ट्रक के पलटने की घटना के बाद जिला पदाधिकारी ने 21 दिसंबर को सख्त आदेश जारी करते हुए सड़क सुरक्षा निधि से 3 लाख रुपए नगर परिषद को आवंटित किए थे। आदेश में स्पष्ट रूप से कहा गया था कि शहर में बने सभी डिवाइडरों की रंगाई कराई जाए और सोलर से चलने वाले रिफ्लेक्टर लगाए जाएं, ताकि कोहरे के दौरान सड़क दुर्घटनाओं को रोका जा सके। जिला पदाधिकारी ने इस कार्य को हर हाल में तीन दिनों के भीतर पूरा करने का निर्देश दिया था। लेकिन आदेश के आठ दिन बीत जाने के बाद जब दैनिक भास्कर के संवाददाता ने शहर के विभिन्न डिवाइडरों, विशेषकर सराय मोड़ के खतरनाक डिवाइडर का जायजा लिया, तो सच्चाई सामने आ गई। न तो डिवाइडर की रंगाई हुई है और न ही मानक के अनुरूप रिफ्लेक्टर लगाए गए हैं। कहीं-कहीं सिर्फ औपचारिकता निभाने के लिए रिफ्लेक्टर लगाए गए हैं, जो वाहन की रोशनी में भी ठीक से चमक नहीं रहे। जिला पदाधिकारी के आदेश की अवहेलना कर रही नगर परिषद स्थानीय लोगों का कहना है कि नगर परिषद खुलेआम जिला पदाधिकारी के आदेश की अवहेलना कर रही है। यह पहला मौका नहीं है जब नगर परिषद पर इस तरह की लापरवाही के आरोप लगे हों। इससे पहले भी डिवाइडर की रंगाई, रिफ्लेक्टर लगाने और प्लास्टिक डिवाइडर के नाम पर घोटालों को लेकर नगर परिषद सुर्खियों में रह चुकी है। तेजी से घटना के 24 घंटे के भीतर आदेश जारी हुआ स्थानीय नागरिकों ने बताया कि नए जिला पदाधिकारी से उन्हें काफी उम्मीदें थीं। जिस तेजी से घटना के 24 घंटे के भीतर आदेश जारी हुआ, उससे लगा था कि अब सराय मोड़ पर दुर्घटनाओं पर रोक लगेगी और नगर परिषद इस बार जिम्मेदारी से काम करेगी। लेकिन हालात जस के तस बने हुए हैं। लोगों का कहना है कि अब वे भगवान भरोसे हैं और ऐसा प्रतीत होता है कि किसी बड़ी दुर्घटना के बाद ही प्रशासन हरकत में आएगा।