भिखनी में नल-जल टंकी फटी:ग्रामीणों को पर्याप्त पानी नहीं मिल पा रहा, पेयजल संकट गहराया

शेखपुरा जिले के लहना पंचायत के भिखनी गांव स्थित वार्ड संख्या 11 में नल-जल योजना के तहत लगी पानी की एक टंकी फटने से ग्रामीणों को पेयजल संकट का सामना करना पड़ रहा है। क्षतिग्रस्त टंकी के कारण पूरे गांव में पानी की नियमित आपूर्ति बाधित हो गई है। ग्रामीणों ने बताया कि गांव में नल-जल योजना के तहत दो टंकियां लगाई गई हैं, जिनमें से एक क्षतिग्रस्त हो गई है। इस वजह से सभी घरों तक पर्याप्त पानी नहीं पहुंच पा रहा है। कई घरों में नल सूखे रह जाते हैं। रविवार शाम करीब 5 बजे गांव के निवासी सुधीर यादव, रंजीत कुमार और सिद्धेश्वर महतो ने इस समस्या की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि एक टंकी फटी होने के कारण बंद है, जिससे पानी की आपूर्ति प्रभावित हो रही है। ग्रामीणों का कहना है कि गर्मी के मौसम में पानी की मांग बढ़ जाती है, ऐसे में एक ही चालू टंकी से पूरे गांव की जरूरतें पूरी करना संभव नहीं है। इससे महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों को विशेष परेशानी हो रही है, और उन्हें दूर के स्रोतों से पानी लाना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने प्रशासन से फटी हुई टंकी की शीघ्र मरम्मत कराने और गांव में एक अतिरिक्त पानी की टंकी लगाने की मांग की है, ताकि भविष्य में पेयजल संकट से बचा जा सके।

Dec 29, 2025 - 12:59
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भिखनी में नल-जल टंकी फटी:ग्रामीणों को पर्याप्त पानी नहीं मिल पा रहा, पेयजल संकट गहराया
शेखपुरा जिले के लहना पंचायत के भिखनी गांव स्थित वार्ड संख्या 11 में नल-जल योजना के तहत लगी पानी की एक टंकी फटने से ग्रामीणों को पेयजल संकट का सामना करना पड़ रहा है। क्षतिग्रस्त टंकी के कारण पूरे गांव में पानी की नियमित आपूर्ति बाधित हो गई है। ग्रामीणों ने बताया कि गांव में नल-जल योजना के तहत दो टंकियां लगाई गई हैं, जिनमें से एक क्षतिग्रस्त हो गई है। इस वजह से सभी घरों तक पर्याप्त पानी नहीं पहुंच पा रहा है। कई घरों में नल सूखे रह जाते हैं। रविवार शाम करीब 5 बजे गांव के निवासी सुधीर यादव, रंजीत कुमार और सिद्धेश्वर महतो ने इस समस्या की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि एक टंकी फटी होने के कारण बंद है, जिससे पानी की आपूर्ति प्रभावित हो रही है। ग्रामीणों का कहना है कि गर्मी के मौसम में पानी की मांग बढ़ जाती है, ऐसे में एक ही चालू टंकी से पूरे गांव की जरूरतें पूरी करना संभव नहीं है। इससे महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों को विशेष परेशानी हो रही है, और उन्हें दूर के स्रोतों से पानी लाना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने प्रशासन से फटी हुई टंकी की शीघ्र मरम्मत कराने और गांव में एक अतिरिक्त पानी की टंकी लगाने की मांग की है, ताकि भविष्य में पेयजल संकट से बचा जा सके।