बोरना पंचायत की सड़कें बदहाल:गंगा की बाढ़ से ग्रामीण सड़कों को भारी नुकसान, संपर्क टूटा
खगड़िया जिले के गोगरी प्रखंड की बोरना पंचायत में गंगा की बाढ़ को दो माह बीत चुके हैं, लेकिन क्षतिग्रस्त ग्रामीण सड़कों की मरम्मत अब तक शुरू नहीं हुई है। इससे स्थानीय ग्रामीणों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जानकारी के अनुसार, दो माह पूर्व गंगा नदी में आई भीषण बाढ़ के कारण जीएन बांध के भीतर स्थित बोरना पंचायत में भारी तबाही हुई थी। बाढ़ की तेज धार से ग्रामीण सड़कें पूरी तरह जर्जर हो गईं और कई स्थानों पर टूट गईं। इससे पंचायत का संपर्क प्रखंड मुख्यालय और अन्य इलाकों से लगभग टूट गया है। मरीजों और छात्रों को परेशानी सड़कों की खस्ता हालत के कारण लोगों को पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है। ग्रामीणों का कहना है कि दोपहिया और चारपहिया वाहनों का आवागमन बेहद जोखिम भरा हो गया है। मरीज, स्कूली बच्चे और बुजुर्गों को आने-जाने में भारी कठिनाई होती है। बरसात के बाद सड़कों में बने गड्ढों में पानी भर जाने से दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। पंचायत के मुखिया प्रतिनिधि नासिर इकबाल ने बताया कि उन्होंने इस समस्या को लेकर प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) और अंचलाधिकारी (सीओ) को लिखित आवेदन देकर सूचित किया है। सीओ को दी लिखित जानकारी गोगरी प्रखंड विकास पदाधिकारी रघुनंदन आनंद ने बताया कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्र की जर्जर सड़कों की मरम्मत के लिए बहुत जल्द प्रयास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि स्थिति का आकलन कर संबंधित विभाग को प्रस्ताव भेजा जाएगा, ताकि ग्रामीणों को जल्द से जल्द राहत मिल सके।
Dec 17, 2025 - 13:51
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खगड़िया जिले के गोगरी प्रखंड की बोरना पंचायत में गंगा की बाढ़ को दो माह बीत चुके हैं, लेकिन क्षतिग्रस्त ग्रामीण सड़कों की मरम्मत अब तक शुरू नहीं हुई है। इससे स्थानीय ग्रामीणों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जानकारी के अनुसार, दो माह पूर्व गंगा नदी में आई भीषण बाढ़ के कारण जीएन बांध के भीतर स्थित बोरना पंचायत में भारी तबाही हुई थी। बाढ़ की तेज धार से ग्रामीण सड़कें पूरी तरह जर्जर हो गईं और कई स्थानों पर टूट गईं। इससे पंचायत का संपर्क प्रखंड मुख्यालय और अन्य इलाकों से लगभग टूट गया है। मरीजों और छात्रों को परेशानी सड़कों की खस्ता हालत के कारण लोगों को पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है। ग्रामीणों का कहना है कि दोपहिया और चारपहिया वाहनों का आवागमन बेहद जोखिम भरा हो गया है। मरीज, स्कूली बच्चे और बुजुर्गों को आने-जाने में भारी कठिनाई होती है। बरसात के बाद सड़कों में बने गड्ढों में पानी भर जाने से दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। पंचायत के मुखिया प्रतिनिधि नासिर इकबाल ने बताया कि उन्होंने इस समस्या को लेकर प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) और अंचलाधिकारी (सीओ) को लिखित आवेदन देकर सूचित किया है। सीओ को दी लिखित जानकारी गोगरी प्रखंड विकास पदाधिकारी रघुनंदन आनंद ने बताया कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्र की जर्जर सड़कों की मरम्मत के लिए बहुत जल्द प्रयास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि स्थिति का आकलन कर संबंधित विभाग को प्रस्ताव भेजा जाएगा, ताकि ग्रामीणों को जल्द से जल्द राहत मिल सके।
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