केसी त्यागी की JDU से छुट्टी!:पार्टी बोली- उनसे हमारा सरोकार नहीं; एक दिन पहले CM नीतीश को भारत रत्न देने की मांग की

जदयू के सीनियर लीडर रहे केसी त्यागी की पार्टी से छुट्टी हो गई है। हाल के दिनों में केसी त्यागी के कुछ बयानों और गतिविधियों को लेकर पार्टी में असंतोष की खबरें सामने आ रही थीं। सूत्रों के अनुसार, उन्होंने पार्टी लाइन से अलग जाकर बयान दिए थे, जिसके बाद जेडीयू आलाकमान ने उनसे दूरी बनाने का फैसला किया। पार्टी प्रवक्ता नीरज कुमार ने साफ कहा है कि केसी त्यागी जी क्या बोलते हैं, उससे जनता दल यूनाइटेड का कोई लेना-देना नहीं है। वहीं प्रवक्ता राजीव रंजन के हालिया बयान से यह साफ हो गया है कि जेडीयू का अब केसी. त्यागी से कोई औपचारिक संबंध नहीं रह गया है। हाल ही में बांग्लादेशी क्रिकेटर को आईपीएल से हटाने के फैसले का विरोध किया था। पार्टी लाइन से अलग जाकर कहा था कि खेल और राजनीति को अलग रखना चाहिए। कल शुक्रवार को केसी त्यागी ने पीएम मोदी को चिट्ठी लिखकर नीतीश कुमार को भारत रत्न देने की मांग की। हालांकि, सियासी गलियारे में इसे डैमेज कंट्रोल के लिए उठाया गया कदम बताया जा रहा है। नीतीश कुमार को भारत रत्न देने की मांग, PM को चिट्ठी लिखी केसी त्यागी ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को भारत रत्न देने की मांग को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखी थी, लेकिन जेडीयू ने इससे आधिकारिक तौर पर दूरी बना ली है। पार्टी प्रवक्ता राजीव रंजन ने कहा, 'यह त्यागी जी का निजी बयान है. पार्टी का इससे कोई लेना-देना नहीं है।' उन्होंने ये भी कहा कि 'त्यागी जी का जेडीयू के मामलों से अधिक संबंध नहीं है। वे पार्टी में हैं भी या नहीं, यह कार्यकर्ताओं को नहीं पता है।' केसी त्यागी ने अपने पत्र में लिखा था कि जैसे पिछले साल चौधरी चरण सिंह और कर्पूरी ठाकुर को भारत रत्न दिया गया था, उसी तरह नीतीश कुमार भी इस सम्मान के हकदार हैं। पार्टी ने किया अनऑफिशियल किनारा JDU सूत्रों की माने तो दोनों के बीच सम्मानजनक अलगाव हो चुका है। केसी त्यागी पार्टी के सीनियर लीडर रह चुके हैं, इसलिए जदयू ने उनके खिलाफ कोई औपचारिक अनुशासनात्मक कार्रवाई नहीं करने का फैसला लिया है। जेडीयू के भीतर यह माना जा रहा है कि त्यागी ने पार्टी के साथ लंबे समय तक अहम भूमिकाएं निभाई हैं, जिसे देखते हुए नेतृत्व किसी तरह का टकराव नहीं चाहता। पार्टी सूत्रों के अनुसार, केसी. त्यागी अब जेडीयू की नीतियों, फैसलों और आधिकारिक रुख का प्रतिनिधित्व नहीं करते हैं और भविष्य में पार्टी की ओर से जारी होने वाले बयानों में उनकी कोई दखल नहीं होगी। पार्टी लाइन से अलग बयान की लंबी फेहरिस्त केसी त्यागी हाल ही में कई विवादों में रहे हैं। उन्होंने IPL में बांग्लादेशी खिलाड़ी को हटाने के फैसले का विरोध किया था। इसके अलावा, 2024 में फिलिस्तीन मुद्दे पर भारत सरकार से अलग स्टैंड लिया था। अग्निवीर समेत विभिन्न योजनाओं और मुद्दों पर भी उन्होंने सवाल उठाए थे, जो पार्टी की आधिकारिक लाइन से अलग थे। 2023 में मिली थी बड़ी जिम्मेदारी, 2024 में इस्तीफा पार्टी के अनुभवी और सीनियर लीडर किशनचंद त्यागी को मई 2023 में राष्ट्रीय प्रवक्ता के साथ ही विशेष सलाहकार नियुक्त किया गया था। उनकी इस नियुक्ति के संबंध में जारी बयान में कहा गया था कि त्यागी के संगठनात्मक अनुभव का लाभ उठाने के लिए बिहार के मुख्यमंत्री और पार्टी के प्रमुख नीतीश कुमार ने उन्हें पार्टी का विशेष सलाहकार और मुख्य प्रवक्ता नियुक्त किया है। पार्टी लाइन से अलग दिए बयान के कारण हुए विवादों के चलते उन्हें सितंबर 2024 में राष्ट्रीय प्रवक्ता पद से इस्तीफा देना पड़ा था। हालांकि, उन्हें इस्तीफे के पीछे निजी कारण बताया था।

Jan 10, 2026 - 12:59
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केसी त्यागी की JDU से छुट्टी!:पार्टी बोली- उनसे हमारा सरोकार नहीं; एक दिन पहले CM नीतीश को भारत रत्न देने की मांग की
जदयू के सीनियर लीडर रहे केसी त्यागी की पार्टी से छुट्टी हो गई है। हाल के दिनों में केसी त्यागी के कुछ बयानों और गतिविधियों को लेकर पार्टी में असंतोष की खबरें सामने आ रही थीं। सूत्रों के अनुसार, उन्होंने पार्टी लाइन से अलग जाकर बयान दिए थे, जिसके बाद जेडीयू आलाकमान ने उनसे दूरी बनाने का फैसला किया। पार्टी प्रवक्ता नीरज कुमार ने साफ कहा है कि केसी त्यागी जी क्या बोलते हैं, उससे जनता दल यूनाइटेड का कोई लेना-देना नहीं है। वहीं प्रवक्ता राजीव रंजन के हालिया बयान से यह साफ हो गया है कि जेडीयू का अब केसी. त्यागी से कोई औपचारिक संबंध नहीं रह गया है। हाल ही में बांग्लादेशी क्रिकेटर को आईपीएल से हटाने के फैसले का विरोध किया था। पार्टी लाइन से अलग जाकर कहा था कि खेल और राजनीति को अलग रखना चाहिए। कल शुक्रवार को केसी त्यागी ने पीएम मोदी को चिट्ठी लिखकर नीतीश कुमार को भारत रत्न देने की मांग की। हालांकि, सियासी गलियारे में इसे डैमेज कंट्रोल के लिए उठाया गया कदम बताया जा रहा है। नीतीश कुमार को भारत रत्न देने की मांग, PM को चिट्ठी लिखी केसी त्यागी ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को भारत रत्न देने की मांग को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखी थी, लेकिन जेडीयू ने इससे आधिकारिक तौर पर दूरी बना ली है। पार्टी प्रवक्ता राजीव रंजन ने कहा, 'यह त्यागी जी का निजी बयान है. पार्टी का इससे कोई लेना-देना नहीं है।' उन्होंने ये भी कहा कि 'त्यागी जी का जेडीयू के मामलों से अधिक संबंध नहीं है। वे पार्टी में हैं भी या नहीं, यह कार्यकर्ताओं को नहीं पता है।' केसी त्यागी ने अपने पत्र में लिखा था कि जैसे पिछले साल चौधरी चरण सिंह और कर्पूरी ठाकुर को भारत रत्न दिया गया था, उसी तरह नीतीश कुमार भी इस सम्मान के हकदार हैं। पार्टी ने किया अनऑफिशियल किनारा JDU सूत्रों की माने तो दोनों के बीच सम्मानजनक अलगाव हो चुका है। केसी त्यागी पार्टी के सीनियर लीडर रह चुके हैं, इसलिए जदयू ने उनके खिलाफ कोई औपचारिक अनुशासनात्मक कार्रवाई नहीं करने का फैसला लिया है। जेडीयू के भीतर यह माना जा रहा है कि त्यागी ने पार्टी के साथ लंबे समय तक अहम भूमिकाएं निभाई हैं, जिसे देखते हुए नेतृत्व किसी तरह का टकराव नहीं चाहता। पार्टी सूत्रों के अनुसार, केसी. त्यागी अब जेडीयू की नीतियों, फैसलों और आधिकारिक रुख का प्रतिनिधित्व नहीं करते हैं और भविष्य में पार्टी की ओर से जारी होने वाले बयानों में उनकी कोई दखल नहीं होगी। पार्टी लाइन से अलग बयान की लंबी फेहरिस्त केसी त्यागी हाल ही में कई विवादों में रहे हैं। उन्होंने IPL में बांग्लादेशी खिलाड़ी को हटाने के फैसले का विरोध किया था। इसके अलावा, 2024 में फिलिस्तीन मुद्दे पर भारत सरकार से अलग स्टैंड लिया था। अग्निवीर समेत विभिन्न योजनाओं और मुद्दों पर भी उन्होंने सवाल उठाए थे, जो पार्टी की आधिकारिक लाइन से अलग थे। 2023 में मिली थी बड़ी जिम्मेदारी, 2024 में इस्तीफा पार्टी के अनुभवी और सीनियर लीडर किशनचंद त्यागी को मई 2023 में राष्ट्रीय प्रवक्ता के साथ ही विशेष सलाहकार नियुक्त किया गया था। उनकी इस नियुक्ति के संबंध में जारी बयान में कहा गया था कि त्यागी के संगठनात्मक अनुभव का लाभ उठाने के लिए बिहार के मुख्यमंत्री और पार्टी के प्रमुख नीतीश कुमार ने उन्हें पार्टी का विशेष सलाहकार और मुख्य प्रवक्ता नियुक्त किया है। पार्टी लाइन से अलग दिए बयान के कारण हुए विवादों के चलते उन्हें सितंबर 2024 में राष्ट्रीय प्रवक्ता पद से इस्तीफा देना पड़ा था। हालांकि, उन्हें इस्तीफे के पीछे निजी कारण बताया था।