Kapil Dev Birthday: कपिल देव ने वर्ल्ड चैंपियन बनाकर बदल दी थी क्रिकेट पॉलिटिक्स, आज भी Unbreakable हैं Records

भारतीय क्रिकेट टीम के महान ऑलराउंडर रहे कपिल देव आज यानी की 06 जनवरी को अपना 67वां जन्मदिन मना रहे हैं। उन्होंने अपनी अक्रामक बल्लेबाजी और कुशल गेंदबाजी से भारतीय क्रिकेट टीम को एक नई पहचान दी थी। बता दें कि कपिल देव वह खिलाड़ी थे, जिन्होंने मैदान पर उतरते ही यह भरोसा दिलाया कि हालात चाहे कुछ भी हों, भारत मुकाबला जीत सकता है। उछलती गेंद, तेज रनअप, बेखौफ शॉट्स और चेहरे पर मुस्कान रखने वाले कपिल देव भारतीय क्रिकेट की पहचान बन गए। तीसरे विश्वकप में कपिल देव ने अपनी कैप्टेनसी में भारत को खिताब जिताया। तो आइए जानते हैं उनके जन्मदिन के मौके पर कपिल देव के जीवन से जुड़ी कुछ रोचक बातें...ऐसे रखी जीत की नींवअपने पहले ही मैच में भारत ने वेस्टइंडीज को हराकर क्रिकेट जगत को चौंका दिया था। यह जीत इसलिए ज्यादा खास थी, क्योंकि वेस्टइंडीज ने पहले दोनों विश्व कप जीते थे। वहीं भारत ने ऑस्ट्रेलिया को भी अपने आखिरी ग्रुप मैच में हराकर सेमीफाइनल के लिए क्वालिफाई किया था। फिर फाइनल में वेस्टइंडीज को हराकर भारत ने विश्वकप जीता था। वेस्टइंडीज से जीत के भारत ने जिम्बाब्वे को हराया, लेकिन टीम को ऑस्ट्रेलिया से करारी हार मिली और फिर वेस्टइंडीज से हार मिली।चौथे मैच में भारत के सामने जिम्बाब्वे थी। यहां से कपिल देव ने 175 रन की शानदार पारी खेली। यह वनडे में किसी भारतीय क्रिकेटर का पहला शतक था। इसको वनडे के इतिहास की सबसे बेहतरीन और शानदार पारियों में गिना जाता है। इस मैच ने भारतीय टीम के अप्रोच को बदलकर रख दिया था।क्रिकेट करियरकपिल देव ने साल 1978 में भारत के लिए डेब्यू किया था। फिर साल 1994 में उन्होंने अपना आखिरी मैच खेला था। कपिल देव को क्रिकट इतिहास का सबसे महान ऑलराउंडर माना जाता है। आज भी टेस्ट में 400 विकेट के साथ 5000 रन का रिकॉर्ड सिर्फ कपिल देव के नाम है। वह वनडे में 200 विकेट लेने वाले पहले गेंदबाज थे। इसके अलावा सन्यास के दौरान टेस्ट में सबसे ज्यादा 434 विकेट भी उन्हीं के नाम थे।कपिल देव भारत के पहले ऐसे तेज गेंदबाज थे, जिनकी स्पीड से अच्छे-अच्छे बल्लेबाज खौफ खाते थे। कपिल के डेब्यू से पहले भारत अपने स्पिन गेंदबाजों के लिए जाना जाता था। 131 मैच के टेस्ट करियर में कपिल देव ने 434 विकेट लेने के साथ 5,248 रन बनाए थे। इसमें 8 शतक भी शामिल थे।अवॉर्ड और सम्मानक्रिकेट से रिटायर होने के बाद कपिल देव सितंबर 1999 से लेकर सितंबर 2000 तक भारतीय टीम के कोच भी रहे। वहीं साल 1982 में कपिल देव को 'पद्मश्री' और फिर 1991 में 'पद्मभूषण' से नवाजा गया। साल 2002 में उनको विस्डेन द्वारा 'इंडियन क्रिकेटर ऑफ द सेंचुरी' के रूप में चुना गया। इसके बाद साल 2010 में कपिल देव को आईसीसी क्रिकट हॉल ऑफ फेम में शामिल किया गया। साल 2013 में बीसीसीआई द्वारा कपिल देव को लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड से सम्मानित किया गया।

Jan 6, 2026 - 16:19
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Kapil Dev Birthday: कपिल देव ने वर्ल्ड चैंपियन बनाकर बदल दी थी क्रिकेट पॉलिटिक्स, आज भी Unbreakable हैं Records
भारतीय क्रिकेट टीम के महान ऑलराउंडर रहे कपिल देव आज यानी की 06 जनवरी को अपना 67वां जन्मदिन मना रहे हैं। उन्होंने अपनी अक्रामक बल्लेबाजी और कुशल गेंदबाजी से भारतीय क्रिकेट टीम को एक नई पहचान दी थी। बता दें कि कपिल देव वह खिलाड़ी थे, जिन्होंने मैदान पर उतरते ही यह भरोसा दिलाया कि हालात चाहे कुछ भी हों, भारत मुकाबला जीत सकता है। उछलती गेंद, तेज रनअप, बेखौफ शॉट्स और चेहरे पर मुस्कान रखने वाले कपिल देव भारतीय क्रिकेट की पहचान बन गए। तीसरे विश्वकप में कपिल देव ने अपनी कैप्टेनसी में भारत को खिताब जिताया। तो आइए जानते हैं उनके जन्मदिन के मौके पर कपिल देव के जीवन से जुड़ी कुछ रोचक बातें...

ऐसे रखी जीत की नींव

अपने पहले ही मैच में भारत ने वेस्टइंडीज को हराकर क्रिकेट जगत को चौंका दिया था। यह जीत इसलिए ज्यादा खास थी, क्योंकि वेस्टइंडीज ने पहले दोनों विश्व कप जीते थे। वहीं भारत ने ऑस्ट्रेलिया को भी अपने आखिरी ग्रुप मैच में हराकर सेमीफाइनल के लिए क्वालिफाई किया था। फिर फाइनल में वेस्टइंडीज को हराकर भारत ने विश्वकप जीता था। वेस्टइंडीज से जीत के भारत ने जिम्बाब्वे को हराया, लेकिन टीम को ऑस्ट्रेलिया से करारी हार मिली और फिर वेस्टइंडीज से हार मिली।

चौथे मैच में भारत के सामने जिम्बाब्वे थी। यहां से कपिल देव ने 175 रन की शानदार पारी खेली। यह वनडे में किसी भारतीय क्रिकेटर का पहला शतक था। इसको वनडे के इतिहास की सबसे बेहतरीन और शानदार पारियों में गिना जाता है। इस मैच ने भारतीय टीम के अप्रोच को बदलकर रख दिया था।

क्रिकेट करियर

कपिल देव ने साल 1978 में भारत के लिए डेब्यू किया था। फिर साल 1994 में उन्होंने अपना आखिरी मैच खेला था। कपिल देव को क्रिकट इतिहास का सबसे महान ऑलराउंडर माना जाता है। आज भी टेस्ट में 400 विकेट के साथ 5000 रन का रिकॉर्ड सिर्फ कपिल देव के नाम है। वह वनडे में 200 विकेट लेने वाले पहले गेंदबाज थे। इसके अलावा सन्यास के दौरान टेस्ट में सबसे ज्यादा 434 विकेट भी उन्हीं के नाम थे।

कपिल देव भारत के पहले ऐसे तेज गेंदबाज थे, जिनकी स्पीड से अच्छे-अच्छे बल्लेबाज खौफ खाते थे। कपिल के डेब्यू से पहले भारत अपने स्पिन गेंदबाजों के लिए जाना जाता था। 131 मैच के टेस्ट करियर में कपिल देव ने 434 विकेट लेने के साथ 5,248 रन बनाए थे। इसमें 8 शतक भी शामिल थे।

अवॉर्ड और सम्मान

क्रिकेट से रिटायर होने के बाद कपिल देव सितंबर 1999 से लेकर सितंबर 2000 तक भारतीय टीम के कोच भी रहे। वहीं साल 1982 में कपिल देव को 'पद्मश्री' और फिर 1991 में 'पद्मभूषण' से नवाजा गया। साल 2002 में उनको विस्डेन द्वारा 'इंडियन क्रिकेटर ऑफ द सेंचुरी' के रूप में चुना गया। इसके बाद साल 2010 में कपिल देव को आईसीसी क्रिकट हॉल ऑफ फेम में शामिल किया गया। साल 2013 में बीसीसीआई द्वारा कपिल देव को लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड से सम्मानित किया गया।