इंडिगो की उड़ानों में हुई भारी अव्यवस्था का असर अब नियामक स्तर तक पहुंच गया है। मौजूद जानकारी के अनुसार डीजीसीए ने इंडिगो के सीईओ पीटर एल्बर्स को तलब किया है, जहां उनसे उड़ान बहाली, रिफंड प्रक्रिया और मुआवजा वितरण की वास्तविक स्थिति पर विस्तृत जवाब मांगा जाएगा। बता दें कि 3 से 5 दिसंबर के बीच इंडिगो की बड़ी संख्या में उड़ानें रद्द हुई थीं, जिसके चलते हजारों यात्रियों को परेशानी झेलनी पड़ी थी।
गौरतलब है कि मुआवजे के रूप में इंडिगो ने गंभीर रूप से प्रभावित यात्रियों को 10,000 रुपये के ट्रैवल वाउचर देने का फैसला किया है। वहीं डीजीसीए ने कार्रवाई करते हुए चार फ्लाइट इंस्पेक्शन अधिकारियों को भी हटाया है। इस कदम को उड़ान संचालन में आई गड़बड़ियों की व्यापक जांच का हिस्सा माना जा रहा है।
उधर सवाल यह भी उठ रहे हैं कि डीजीसीए ने इंडिगो को विंटर शेड्यूल में 10% अतिरिक्त उड़ानों की अनुमति देने से पहले पायलटों की उपलब्धता और नई ड्यूटी व रेस्ट नॉर्म्स का पालन सुनिश्चित करने की तैयारी को किस तरह परखा था। कई विमानन विशेषज्ञों का कहना है कि उचित मूल्यांकन की कमी भी मौजूदा संकट की बड़ी वजह हो सकती है।
मौजूदा जानकारी के अनुसार डीजीसीए इंडिगो से स्पष्ट जवाब चाहता है कि उड़ानों को स्थिर करने के लिए अब तक क्या कदम उठाए गए हैं, नए पायलटों की भर्ती किस स्तर पर पहुंची है और रिफंड व मुआवजे की प्रक्रिया किन चरणों में पूरी की जा रही है। एजेंसी के लिए यह भी अहम है कि भविष्य में ऐसी अव्यवस्था दोबारा न हो, इसलिए सभी परिचालन मानकों का पुनर्मूल्यांकन किया जा रहा है, जिसे लेकर चर्चा जारी हैं।