बारां में राशन डीलर 1 मार्च से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर:2% छीजत और सम्मानजनक मानदेय देकर संबल प्रदान करने की मांग
बारां में राशन डीलर विक्रेता संघ ने 1 मार्च से अनिश्चितकाल के लिए राशन वितरण व्यवस्था का बहिष्कार करने की घोषणा की है। संघ ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर जिला रसद अधिकारी को मुख्य खाद्य सचिव के नाम एक ज्ञापन सौंपा। राशन डीलर विक्रेता संघ के जिलाध्यक्ष योगेश गौड़ ने बताया कि वर्तमान में राशन वितरण में कई समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। सरकार ने वितरण व्यवस्था को पारदर्शी बनाने के लिए पोश मशीनों को इलेक्ट्रॉनिक कांटों से जोड़ा है, लेकिन चार साल पहले दिए गए अधिकांश कांटे खराब हैं। इससे राशन वितरण ठप हो गया है। डीलरों ने सरकार से मांग की है कि यदि कांटों को पोश मशीन से जोड़कर वितरण करवाना है, तो उन्हें 2 प्रतिशत छीजत (वेस्टेज) भी दी जाए। इसके अतिरिक्त संघ ने न्यूनतम आय गारंटी के तहत कमीशन वृद्धि या सम्मानजनक मानदेय देकर आर्थिक संबल प्रदान करने की मांग की है। डीलरों का कहना है कि उन्हें अभी तक का बकाया पूर्ण कमीशन भी दिलवाया जाए। पिछले आठ वर्षों का सहरिया किट वितरण का बकाया कमीशन और कमीशन में से काटी गई टीडीएस की राशि, जो अभी तक प्राप्त नहीं हुई है, उसे भी जल्द दिलवाने की मांग की गई है। जनवरी 2023 में गेहूं के पेटे जमा की गई राशि भी वापस दिलवाने की अपील की गई है। इन सभी समस्याओं के समाधान नहीं होने पर 1 मार्च से वितरण व्यवस्था का बहिष्कार करने की चेतावनी दी गई है। इसी के निमित्त 1 मार्च से होने वाले राशन वितरण बहिष्कार समिति का गठन किया गया है, जिसके संयोजक गजेंद्र सुमन मिर्जापुर, अंता को नियुक्त किया गया है। इस दौरान बारां शहर अध्यक्ष महेंद्र कुमार उदयवाल, बारां ग्रामीण अध्यक्ष पूरणमल नागर, किशनगंज तहसील अध्यक्ष चंद्रप्रकाश वैष्णव, अटरू तहसील अध्यक्ष मनीष महावर, अंता तहसील अध्यक्ष गजेंद्र सुमन मिर्जापुर, छबडा तहसील अध्यक्ष गजानंद मीणा, शाहाबाद तहसील अध्यक्ष भवानीशंकर मेहता आदि मौजूद रहे
बारां में राशन डीलर विक्रेता संघ ने 1 मार्च से अनिश्चितकाल के लिए राशन वितरण व्यवस्था का बहिष्कार करने की घोषणा की है। संघ ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर जिला रसद अधिकारी को मुख्य खाद्य सचिव के नाम एक ज्ञापन सौंपा। राशन डीलर विक्रेता संघ के जिलाध्यक्ष योगेश गौड़ ने बताया कि वर्तमान में राशन वितरण में कई समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। सरकार ने वितरण व्यवस्था को पारदर्शी बनाने के लिए पोश मशीनों को इलेक्ट्रॉनिक कांटों से जोड़ा है, लेकिन चार साल पहले दिए गए अधिकांश कांटे खराब हैं। इससे राशन वितरण ठप हो गया है। डीलरों ने सरकार से मांग की है कि यदि कांटों को पोश मशीन से जोड़कर वितरण करवाना है, तो उन्हें 2 प्रतिशत छीजत (वेस्टेज) भी दी जाए। इसके अतिरिक्त संघ ने न्यूनतम आय गारंटी के तहत कमीशन वृद्धि या सम्मानजनक मानदेय देकर आर्थिक संबल प्रदान करने की मांग की है। डीलरों का कहना है कि उन्हें अभी तक का बकाया पूर्ण कमीशन भी दिलवाया जाए। पिछले आठ वर्षों का सहरिया किट वितरण का बकाया कमीशन और कमीशन में से काटी गई टीडीएस की राशि, जो अभी तक प्राप्त नहीं हुई है, उसे भी जल्द दिलवाने की मांग की गई है। जनवरी 2023 में गेहूं के पेटे जमा की गई राशि भी वापस दिलवाने की अपील की गई है। इन सभी समस्याओं के समाधान नहीं होने पर 1 मार्च से वितरण व्यवस्था का बहिष्कार करने की चेतावनी दी गई है। इसी के निमित्त 1 मार्च से होने वाले राशन वितरण बहिष्कार समिति का गठन किया गया है, जिसके संयोजक गजेंद्र सुमन मिर्जापुर, अंता को नियुक्त किया गया है। इस दौरान बारां शहर अध्यक्ष महेंद्र कुमार उदयवाल, बारां ग्रामीण अध्यक्ष पूरणमल नागर, किशनगंज तहसील अध्यक्ष चंद्रप्रकाश वैष्णव, अटरू तहसील अध्यक्ष मनीष महावर, अंता तहसील अध्यक्ष गजेंद्र सुमन मिर्जापुर, छबडा तहसील अध्यक्ष गजानंद मीणा, शाहाबाद तहसील अध्यक्ष भवानीशंकर मेहता आदि मौजूद रहे