बिहार- ‘मेरे सामने सारे बच्चे छटपटाते हुए डूब गए’:पिता बोले- लकड़ी लेकर लाश ढूंढी, रेस्क्यू टीम डेढ़ घंटे बाद आई; नाव हादसे की आंखों देखी
"मेरी आंखों के सामने 15 से ज्यादा बच्चे डूब रहे थे। हम लोग लकड़ी के सहारे शवों को बाहर निकाल रहे थे। हम लोगों ने तीन साल पहले प्रशासन से नाव की खराब हालत की शिकायत की थी। हर बार आश्वासन मिलता कि मरम्मत करा दी जाएगी, लेकिन कुछ नहीं हुआ। आज हमारे परिवार के सात बच्चों की मौत हो गई। अब हम क्या मांग सकते हैं?" यह कहते हुए सुरेश राय भावुक हो गए। बिहार में हुए नाव हादसे में उनके परिवार के सात बच्चों की ज…
"मेरी आंखों के सामने 15 से ज्यादा बच्चे डूब रहे थे। हम लोग लकड़ी के सहारे शवों को बाहर निकाल रहे थे। हम लोगों ने तीन साल पहले प्रशासन से नाव की खराब हालत की शिकायत की थी। हर बार आश्वासन मिलता कि मरम्मत करा दी जाएगी, लेकिन कुछ नहीं हुआ। आज हमारे परिवार के सात बच्चों की मौत हो गई। अब हम क्या मांग सकते हैं?" यह कहते हुए सुरेश राय भावुक हो गए। बिहार में हुए नाव हादसे में उनके परिवार के सात बच्चों की ज…







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