Ahoi Ashtami Vrat में शाम को तारों की पूजा और Arghya देकर ही क्यों खोला जाता है निर्जला उपवास
करवा चौथ व्रत के 4 दिन बाद अहोई अष्टमी का व्रत किया जाता है। हर साल कार्तिक माह की कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को यह व्रत किया जाता है। जिस तरह से करवा चौथ का व्रत सुहागिन महिलाएं करती हैं। उसी तरह से अहोई अष्टमी का व्रत संतान की लंबी उम्र और अच्छी सेहत की कामना की जाती है। इस दिन माताएं बच्चों की अच्छी सेहत और दीर्घायु की कामना करते हुए निर्जला व्रत करती है। तारों को अर्घ्य देने और उनकी पूजा के बाद…
करवा चौथ व्रत के 4 दिन बाद अहोई अष्टमी का व्रत किया जाता है। हर साल कार्तिक माह की कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को यह व्रत किया जाता है। जिस तरह से करवा चौथ का व्रत सुहागिन महिलाएं करती हैं। उसी तरह से अहोई अष्टमी का व्रत संतान की लंबी उम्र और अच्छी सेहत की कामना की जाती है। इस दिन माताएं बच्चों की अच्छी सेहत और दीर्घायु की कामना करते हुए निर्जला व्रत करती है। तारों को अर्घ्य देने और उनकी पूजा के बाद…







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