Justice Vikram Nath बोले, घरेलू हिंसा पर महिला की आवाज को सामान्य मानकर अनदेखा न करें
नयी दिल्ली, सात अक्टूबर उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश विक्रम नाथ ने बुधवार को कहा कि डर, हिंसा या परेशानी के बारे में बात करने वाली महिला की आवाज को न तो नजरअंदाज किया जाना चाहिए और न ही इसे सामान्य माना जाना चाहिए। न्यायमूर्ति नाथ ने “घरेलू हिंसा से महिलाओं के संरक्षण अधिनियम” के तहत नियुक्त सुरक्षा अधिकारियों की उन कोशिशों की तारीफ की, जिनसे मुसीबत में फंसी महिलाओं को न्याय दिलाने में मदद मिलती ह…
नयी दिल्ली, सात अक्टूबर उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश विक्रम नाथ ने बुधवार को कहा कि डर, हिंसा या परेशानी के बारे में बात करने वाली महिला की आवाज को न तो नजरअंदाज किया जाना चाहिए और न ही इसे सामान्य माना जाना चाहिए। न्यायमूर्ति नाथ ने “घरेलू हिंसा से महिलाओं के संरक्षण अधिनियम” के तहत नियुक्त सुरक्षा अधिकारियों की उन कोशिशों की तारीफ की, जिनसे मुसीबत में फंसी महिलाओं को न्याय दिलाने में मदद मिलती ह…







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