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राजधानी की ध्वस्त कानून-व्यवस्था पर मुख्य सचिव व DGP से मिला कांग्रेसी प्रतिनिधिमंडल

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राजधानी की ध्वस्त कानून-व्यवस्था पर मुख्य सचिव व DGP से मिला कांग्रेसी प्रतिनिधिमंडल

*राजधानी की ध्वस्त कानून-व्यवस्था पर मुख्य सचिव व DGP से मिला कांग्रेसी प्रतिनिधिमंडल*

*अपराध घटित होने पर पुलिस की तय हो जवाबदेही - धस्माना*


*देहरादून, 08 अक्टूबर 2026*


उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में लगातार बिगड़ती कानून-व्यवस्था से नाराज कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने आज प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ उपाध्यक्ष श्री सूर्यकांत धस्माना के नेतृत्व में बुधवार को प्रदेश के मुख्य सचिव श्री आनंद वर्धन से उनके सचिवालय स्थित कार्यालय में मुलाकात कर अपनी नाराजगी जताई और मांग पत्र सौंपकर मांग की कि प्रदेश में पुलिस को चौकी, थाना, सर्कल व जिला स्तर पर अपराध घटित होने पर जवाबदेह बनाया जाए।


मुख्य सचिव को सौंपे गए मांग पत्र में श्री धस्माना ने कहा कि इस साल की शुरुआत से ही राजधानी देहरादून में आपराधिक घटनाओं की बाढ़ आई हुई है।


श्री धस्माना ने कहा कि परेड ग्राउंड में प्रेस क्लब के सामने सुबह 10 बजे एक युवक की हत्या, राजपुर रोड में एसएसपी बंगले से चंद कदम पर सिल्वर सिटी मॉल में सुबह 10 बजे के आसपास शूटआउट में युवक की हत्या, जोहड़ी गांव में गैंगवार के क्रॉस फायर में रिटायर्ड ब्रिगेडियर की हत्या, पल्टन बाजार में सुबह-सुबह युवती की चापड़ से गर्दन काटकर हत्या, इसी महीने भाजपा पार्षद अमिता सिंह के पूरे परिवार को भोजन में नशीला पदार्थ खिलाकर घर में लूट और अब मंगलवार को थाना रायपुर अंतर्गत विष्णु लोक में घटित जघन्य व वीभत्स तिहरा हत्याकांड, ये प्रमुख आपराधिक घटनाएं हैं।


श्री धस्माना ने कहा कि इन घटनाओं से पूरी राजधानी क्षेत्र की कानून-व्यवस्था की तस्वीर दीवार पर साफ लिखी दिखाई पड़ रही है और जिसे देखकर राजधानी देहरादून की जनता भयाक्रांत और दहशत में है।


उन्होंने कहा कि इन वारदातों का सबसे बड़ा असर उन सीनियर सिटीजंस पर पड़ रहा है, जो अकेले रह रहे हैं। श्री धस्माना ने कहा कि एक महत्वपूर्ण बात यह भी है कि पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश के अपराधी भी देहरादून को अपनी शरणस्थली बनाते हैं, क्योंकि यहां पुलिसिंग कमजोर है और फिर किसी बड़ी आपराधिक वारदात के बाद पता चलता है कि दूसरे राज्य का दुर्दांत अपराधी मजे से यहां व्यवसाय कर रहा था।


श्री धस्माना ने कहा कि उन्होंने मुख्य सचिव से स्पष्ट रूप से मांग की है कि प्रदेश के गृह विभाग व पुलिस महकमे को यह निर्देश दिए जाएं कि किसी भी जघन्य आपराधिक घटना के लिए संबंधित चौकी, थाना, सर्कल व जिला स्तर के अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी। साथ ही हर थाना क्षेत्र में रहने वाले सीनियर सिटीजंस की सुरक्षा का पुलिस विशेष ख्याल रखे।


प्रतिनिधिमंडल ने शाम 5 बजे प्रदेश के पुलिस महानिदेशक श्री दीपम सेठ से भी मुलाकात की और उन्हें भी इसी विषय पर ज्ञापन सौंपा। श्री धस्माना ने DGP से मांग की कि वे अपना पुलिस तंत्र दुरुस्त करें और किसी भी हाल में देहरादून की जनता की दहशत को दूर करें। इस पर DGP श्री दीपम सेठ ने कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल को भरोसा दिलाया कि वे इस मुद्दे को पूरी गंभीरता व प्राथमिकता के आधार पर स्वयं मॉनिटर करेंगे।


मुख्य सचिव व DGP से मिलने वाले प्रतिनिधिमंडल में प्रदेश कांग्रेस श्रम विभाग के अध्यक्ष श्री दिनेश कौशल, पूर्व प्रदेश महासचिव श्री जगदीश धीमान व युवा कांग्रेस के पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष श्री सुमित खन्ना शामिल रहे।

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